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Kanpur: दवा की निकली खाली डिब्बी, नहीं दिए 24 रुपये, उपभोक्ता ने पांच साल लड़ा केस, अब देने होंगे 40 हजार

Mon, 06 Jul 2026 12:40 PM IST
Shikha Pandey न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: Shikha Pandey Updated Mon, 06 Jul 2026 12:40 PM IST
सार

मेडिकल स्टोर संचालक ने उपभोक्ता को दवा की कीमत 24 रुपये नहीं लौटाई। उपभोक्ता ने पांच साल केस लड़ा। अब 40 हजार रुपये क्षतिपूर्ति अदा करना होगा।

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Kanpur: Empty medicine container found; ₹24 not refunded—now ₹40,000 must be paid
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

खाली दवा की डिब्बी बेचने वाले मेडिकल स्टोर संचालक ने उपभोक्ता को दवा की कीमत 24 रुपये नहीं लौटाई। लगभग पांच साल चले मुकदमे में अब 40 हजार रुपये क्षतिपूर्ति अदा करना होगा। उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष विनोद कुमार ने परिवाद दाखिल होने की तारीख से सात प्रतिशत ब्याज के साथ दवा की कीमत भी अदा करने के निर्देश दिए हैं।
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राजीवपुरम निवासी सुधींद्र मिश्रा ने 25 अगस्त 2020 को रावतपुर गांव स्थित आदर्श मेडिकल स्टोर से आसाम स्थित कंपनी इमामी लिमिटेड की ओर से निर्मित फास्ट रिलीफ पेन किलर बाम की प्लास्टिक पाउच में पैक दो डिब्बियां 24 रुपये देकर खरीदी थीं। सुधींद्र ने घर आकर पाउच खोला तो उसमें दो डिब्बियां तो थीं लेकिन न तो उसमें ढक्कन था और न ही दवा। सुधींद्र ने जब मेडिकल स्टोर संचालक से शिकायत की तो उसने रुपये नहीं लौटाए। कहा कि कंपनी में शिकायत करेंगे जब क्लेम मिलेगा तब धनराशि लौटाई जाएगी।
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सुधींद्र ने कई बार रुपये वापस मांगे लेकिन रुपये न मिलने पर पांच जुलाई 2021 को उपभोक्ता आयोग में परिवाद दर्ज करा दिया था। मेडिकल स्टोर संचालक ने जवाब में कहा कि वह सिर्फ विक्रेता है, वह न तो प्रोडक्ट बनाता है और न पैकिंग करता है इसलिए वह उत्तरदायी नहीं है।

वहीं, कंपनी ने तर्क रखा कि अगर प्रोडक्ट में कमी थी तो उपभोक्ता को कंपनी में ऑनलाइन शिकायत करनी चाहिए थी। सभी पक्षों को सुनने के बाद आयोग ने माना कि इस तरह के तर्कों से दोनों अपने दायित्वों से मुक्त नहीं हो सकते। उन्होंने सेवा में कमी की है जिसके लिए उन्हें हर्जाना देना होगा।
 
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