UP: गैंगस्टर ने डॉक्टर-इंजीनियर समेत 40 पर दर्ज कराई रिपोर्ट, फर्जी आईडी बनाकर बदनाम करने का आरोप, पढ़ें मामला
Kanpur News: रावतपुर थाने में गैंगस्टर और भूमाफिया गजेंद्र सिंह नेगी ने डॉक्टर, इंजीनियर, अधिवक्ता और व्यापारियों समेत 40 लोगों के खिलाफ सोशल मीडिया पर फर्जी आईडी बनाकर बदनाम करने और धमकी देने का मुकदमा दर्ज कराया है।
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कानपुर में गैंगस्टर और भूमाफिया गजेंद्र सिंह नेगी ने शनिवार को 11 नामजद समेत 40 के खिलाफ रावतपुर थाने में एफआईआर दर्ज कराई है। नामजद रिपोर्ट में डॉक्टर, इंजीनियर, अधिवक्ता, व्यापारी, आर्किटेक्ट शामिल हैं। इन सभी पर गजेंद्र ने सोशल मीडिया पर फर्जी आईडी बनाकर उसे और उसके परिवार को बदनाम करने के साथ धमकी देने का आरोप लगाया है।पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू की है।
केशवपुरम निवासी नेगी गेस्ट हाउस के संचालक गजेंद्र सिंह नेगी पर 29 मुकदमे दर्ज हैं। गजेंद्र की ओर से दर्ज रिपोर्ट में आरोप है कि उसे पहले झूठे मुकदमों में फंसाकर जेल भेजा गया था। इसके बाद सोशल मीडिया पर गजेंद्र सिंह नेगी मुक्ति मोर्चा के नाम से फर्जी आईडी बनाई गई। इसी के माध्यम से उसकी और उसके परिवार की तस्वीरों का इस्तेमाल कर मनगढ़ंत और भ्रामक सामग्री प्रसारित कर छवि धूमिल करने का प्रयास किया गया।
लगातार दी जा रही हैं धमकियां
उसके नाम से भी सोशल मीडिया पर फर्जी आईडी बनाकर दुरुपयोग किया गया। आरोप है कि मुकदमों की पैरवी करने और अधिकारियों से शिकायत करने पर उसे और उसके परिवार को लगातार धमकियां दी जा रही हैं। साथ ही उसकी पत्नी की ओर से दर्ज कराए गए मुकदमे वापस न लेने पर फर्जी मामलों में फंसाने की धमकी भी दी जा रही है।
इन 40 को बनाया गया है आरोपी
तहरीर के आधार पर रावतपुर पुलिस ने इंजीनियर विवेक गुप्ता, डॉ. साधना सचान, अतुल कटियार, आर्किटेक्ट ललित अग्रवाल, अधिवक्ता आशीष दीवान, बृजेश कुमार सिंह, व्यापारी कार्तिक पांडेय, रविकांत बाजपेई, सामाजिक कार्यकर्ता अरुण अवस्थी, प्राइवेट कर्मी ललित पांडेय, देेवेंद्र सिंह समेत 40 को धमकी देने और आईटी एक्ट की धारा के तहत आरोपी बनाया है।
11 पीड़ितों से 8.5 करोड़ रुपये ठगने का आरोप
इंजीनियर विवेक गुप्ता ने बताया कि प्राथमिकी में नामजद किए गए हम सभी लोगों से गजेंद्र सिंह नेगी ने प्लॉट, दुकान और जमीन के नाम पर 8.5 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की है। हम लोग खुद ही गजेंद्र से परेशान हैं। इसके बाद भी पुलिस ने गैंगस्टर की तहरीर पर बिना जांच किए उन लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर दी।
पुलिस कमिश्नर मामले की निष्पक्ष जांच कराएं
फेसबुक चर्चित गेस्ट हाउस संचालक नेगी की करतूतों से पटा पड़ा है। फिर भी हम लोगों को निशाना बनाया गया। इससे पहले नेगी की पत्नी भी हम लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा चुकी है। हमारी मांग है कि पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल मामले की निष्पक्ष जांच कराएं।
गजेंद्र के प्रति बदला रुख पुलिस महकमे में ही चर्चा का विषय
कमिश्नरी पुलिस ने ऑपरेशन महाकाल के तहत भूमाफिया गजेंद्र सिंह नेगी पर एक के बाद एक 20 से ज्यादा प्राथमिकी दर्ज की गई थी। होटल नेगी ग्रांड का गृहकर बकाया होने पर नगर निगम ने उसे सील कर दिया था। 20 सितंबर 2025 को गंगा बैराज के पास से गजेंद्र गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। जेल में बंद रहने के दौरान भी उस पर लगभग 69 लाख रुपये हड़पने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
दरोगा और इंस्पेक्टर भी खासे उत्सुक दिखे
गजेंद्र द्वारा दर्ज कराई गई प्राथमिकी का मामला शनिवार को सार्वजनिक हुआ तो यह पुलिस महकमे में ही चर्चा का विषय बन गया। दरोगाओं और इंस्पेक्टरों का कहना था कि 20 से ज्यादा आपराधिक मामलों का आरोपी गजब तरीके से ही सबको लपेटा है। गजेंद्र ने कैसे पुलिस को प्रभाव में लिया, यह जानने के लिए दरोगा और इंस्पेक्टर भी खासे उत्सुक दिखे।
मामले में आरोपी पक्ष ने सोशल मीडिया पर ग्रुप बनाकर पीड़ित नेगी और उसकी पत्नी के खिलाफ कई अभद्र और अशोभनीय टिप्पणी की हैं। पीड़ित ने इसके साक्ष्य पुलिस को उपलब्ध कराए हैं। इसके आधार पर आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। -एसएम कासिम आबिदी, डीसीपी पश्चिम