‘मौत का सौदा': 44 लाख के बीमा का था लालच, कार से पत्नी को रौंद-रौंदकर मारा, पति का खेल बेनकाब, रीता हत्याकांड
Hamirpur Murder Mystery: ललपुरा थाना क्षेत्र में 44 लाख रुपये की बीमा पॉलिसी के लालच में पति अमर सिंह ने अपने साले (चचेरे भाई) और अन्य साथियों के साथ मिलकर पत्नी रीता की अर्टिगा कार से कुचलकर हत्या कर दी थी। वारदात को सड़क हादसा दिखाने की कोशिश की गई, लेकिन पुलिस ने तीन दिन के भीतर ही पूरे हत्याकांड का खुलासा कर चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
हमीरपुर जिले 44 लाख रुपये बीमा की रकम के लालच में रिश्ते बिक गए। पति ने पत्नी की हत्या की साजिश रची तो मृतका का चचेरा भाई भी उसका साथी बन गया। पुलिस के मुताबिक करीब दो महीने पहले हत्या की साजिश रची गई। इसके बाद 26 जून को रीता के नाम 44 लाख की एक्सिस मैक्स लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी कराई गई। 2.06 लाख रुपये सालाना प्रीमियम भी साजिश के तहत भरवाया गया।
महज 33 दिन बाद दवा दिलाने के बहाने रीता को घर से ले जाकर अर्टिगा कार से कुचलकर हत्या कर दी गई। वारदात को सड़क हादसा साबित करने के लिए शव पौथिया स्थित बैठका धाम मंदिर के पास सड़क किनारे छोड़ दिया गया। ललपुरा पुलिस, एसओजी और सर्विलांस टीम ने तीन दिन के भीतर पूरे हत्याकांड का खुलासा करते हुए पति समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
मंदिर के पास अज्ञात महिला का शव मिला था
शनिवार को पुलिस लाइन सभागार में पत्रकार वार्ता में अपर पुलिस अधीक्षक अरविंद कुमार वर्मा ने बताया कि 29 जुलाई को पौथिया नहर मार्ग स्थित बैठका धाम मंदिर के पास एक अज्ञात महिला का शव मिला था। फील्ड यूनिट और डॉग स्क्वायड की मदद से साक्ष्य जुटाए गए। जांच में मृतका की पहचान मौदहा थाना क्षेत्र के बमरौली गांव निवासी रीता पत्नी अमर सिंह के रूप में हुई।
पिता की तहरीर पर मुकदमा दर्ज
31 जुलाई को मृतका के पिता सर्वेश गुप्ता निवासी राजपुर (कानपुर देहात) की तहरीर पर पति अमर सिंह और उसके साथियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया। विवेचना, तकनीकी साक्ष्यों और सर्विलांस के आधार पर पुलिस ने अमर सिंह, मृतका के चचेरे भाई अमित गुप्ता उर्फ राम, महोबा निवासी पुष्पेंद्र सोनी उर्फ साहिल तथा फतेहपुर निवासी अभय सिंह उर्फ गोलू को गिरफ्तार कर लिया।
करीब दो महीने पहले रची गई थी
जांच में सामने आया कि हत्या की साजिश करीब दो महीने पहले रची गई थी। पुलिस के मुताबिक अमित गुप्ता ने ही अमर सिंह को बीमा की रकम का लालच देकर हत्या के लिए तैयार किया। पूछताछ में यह भी सामने आया कि अमर सिंह और रीता के बीच अक्सर विवाद होता था जिससे वह नाराज रहता था। इसी दौरान बीमा की रकम का लालच मिलने पर वह साजिश में शामिल हो गया।
रीता के नाम 44 लाख रुपये की बीमा नीति कराई
पुलिस के अनुसार चारों आरोपी पुष्पेंद्र सोनी के कर्जदार थे। कर्ज चुकाने के लिए रीता के नाम 44 लाख रुपये की बीमा नीति कराई गई। इसमें नॉमिनी अमर सिंह था। जांच में यह भी सामने आया कि प्रीमियम भी पुष्पेंद्र सोनी ने भरवाया था। योजना के मुताबिक बीमा क्लेम मिलने पर 15 लाख रुपये अमर सिंह को दिए जाने थे, जबकि शेष रकम अन्य आरोपियों में बांटने की तैयारी थी।
सड़क पर लाकर कई बार वाहन से रौंदा
वारदात की रात अमर सिंह सिरदर्द का इलाज कराने के बहाने रीता को घर से लेकर निकला। रात करीब 11 बजे वह उसे पौथिया नहर मार्ग पर ले गया जहां पहले से अर्टिगा कार लेकर तीनों आरोपी मौजूद थे। पुलिस के अनुसार पहले रीता को कार से टक्कर मारकर सड़क किनारे गिराया गया। इसके बाद उसे सड़क पर लाकर कई बार वाहन से रौंदा गया।
अर्टिगा कार और एक एयरटेल सिम कार्ड बरामद
घटना के बाद शव को सड़क किनारे छोड़कर सभी आरोपी मोबाइल बंद कर फरार हो गए। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने चारों आरोपियों को पौथिया-कुंडौरा मार्ग स्थित साई दाता आश्रम के पास से गिरफ्तार कर लिया। उनके कब्जे से घटना में प्रयुक्त अर्टिगा कार और एक एयरटेल सिम कार्ड बरामद हुआ। कार पुष्पेंद्र सोनी के पिता के नाम पंजीकृत है।
करीब एक घंटे तक किया पोस्टमार्टम
वाहन का फॉरेंसिक परीक्षण कराया जा रहा है। पोस्टमार्टम दो डॉक्टरों के पैनल ने करीब एक घंटे तक किया। रिपोर्ट में मृतका के शरीर पर 12 से अधिक बाहरी चोटें मिलीं, जबकि किडनी को छोड़कर अधिकांश आंतरिक अंग गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त पाए गए। पुलिस के मुताबिक महिला के ऊपर कई बार वाहन चढ़ाए जाने से शरीर के अंदर गंभीर चोटें आईं।
- 33 दिन में पूरी हुई मौत की पटकथा।
- दो महीने पहले हत्या की साजिश रची गई।
- 26 जून को 44 लाख रुपये की बीमा नीति कराई गई।
- 2.06 लाख रुपये सालाना प्रीमियम भरा गया।
- पति अमर सिंह को नामिनी बनाया गया।
- 29 जुलाई की रात हत्या की गई
- 31 जुलाई को मुकदमा दर्ज हुआ।
- तीन दिन में पुलिस ने चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
कर्जदार ने भरवाया प्रीमियम, फिर रची हत्या की साजिश
पुलिस के मुताबिक चारों आरोपी पुष्पेंद्र सोनी के कर्जदार थे। कर्ज वसूलने के लिए पहले 44 लाख रुपये की बीमा नीति कराई गई और उसका 2.06 लाख रुपये का सालाना प्रीमियम भी पुष्पेंद्र सोनी ने भरवाया। इसके बाद बीमा क्लेम की रकम हासिल कर कर्ज वसूलने और बाकी रकम बांटने की योजना बनाई गई।
मृतका के चचेरे भाई ने दिया लालच, पति बन गया हत्यारा
जांच में सामने आया कि मृतका का चचेरा भाई अमित गुप्ता उर्फ राम ने ही अमर सिंह को बीमा की रकम का लालच देकर हत्या की साजिश में शामिल किया। योजना के अनुसार क्लेम की राशि में से 15 लाख रुपये अमर सिंह को मिलने थे, जबकि शेष रकम अन्य आरोपियों में बांटी जानी थी।
पति-पत्नी के विवाद ने आसान कर दिया फैसला
पूछताछ में सामने आया कि अमर सिंह और रीता के बीच अक्सर विवाद होता था। रीता के बिना बताए घर से चले जाने को लेकर वह नाराज रहता था। इसी दौरान 15 लाख रुपये मिलने के प्रस्ताव ने उसे साजिश में शामिल होने के लिए तैयार कर दिया।
12 से अधिक चोटों ने खोली हत्या की बर्बरता
दो डॉक्टरों के पैनल ने करीब एक घंटे तक पोस्टमार्टम किया। रिपोर्ट में शरीर पर 12 से अधिक बाहरी चोटें मिलीं, जबकि किडनी को छोड़कर अधिकांश आंतरिक अंग गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त पाए गए। मेडिकल रिपोर्ट ने वारदात की क्रूरता को उजागर कर दिया।
तकनीकी साक्ष्यों, सर्विलांस और पूछताछ के आधार पर चारों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। जांच में बीमा की रकम हासिल करने के उद्देश्य से सुनियोजित हत्या की साजिश सामने आई है। मामले में अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है। -अरविंद कुमार वर्मा, अपर पुलिस अधीक्षक
पूछताछ और तकनीकी साक्ष्यों से स्पष्ट हुआ कि हत्या की योजना पहले बनाई गई थी। बीमा नीति, प्रीमियम, घटना की योजना और सड़क हादसा दिखाने का प्रयास, सब कुछ पूर्व नियोजित था। -राकेश कुमार सरोज, प्रभारी निरीक्षक ललपुरा