Kanpur: नवरात्र के भंडारों पर गैस किल्लत का असर, आयोजकों की अपील- अनाज नहीं भंडारे के लिए सिलिंडर दीजिए
Kanpur News: कानपुर में वैश्विक युद्ध के कारण पैदा हुई गैस किल्लत का सीधा असर नवरात्र के भंडारों पर पड़ रहा है। सिलिंडर न मिलने के कारण कई आयोजकों ने अब डीजल भट्ठी और दान में सिलिंडर मांगने का रास्ता अपनाया है।
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कानपुर में गैस किल्लत की मार नवरात्र के भंडारों पर भी पड़ रही हैं। काॅमर्शियल सिलिंडर मिल नहीं रहे और गैस एजेंसी संचालक घरेलू सिलिंडर दे नहीं रहे हैं। कई आयोजक तो अब श्रद्धालुओं से दानस्वरूप आटा, चावल, रिफाइंड की जगह सिलिंडर देने के लिए विनती कर रहे हैं। कुछ ने तो भट्ठी पर प्रसाद पकवाने की तैयारी कर रहे हैं। अमेरिका, इस्राइल और ईरान के युद्ध के बाद से गैस किल्लत की समस्या हो रही है।
नवरात्र की अष्टमी और नवमी के दिन हर बार जगह-जगह भंडारे लगाए जाते हैं। एक अनुमान के मुताबिक, शहर में नौ दिनों में हजारों भंडारे लगते हैं। प्रसाद में सब्जी-पूड़ी, चना-हलवा बनाया जाता है। हर भंडारे में चार से पांच सिलिंडर आराम से लग जाते हैं। अब गैस सिलिंडर की किल्लत होने से आयोजक परेशान हैं कि पांच से दस क्विंटल आटे से पूड़ी, पांच से आठ बड़े भगोने सब्जी, तीन से चार भगोने चना और दो से चार भगोना हलवा कैसे बने।
आपूर्ति नहीं हो रही है, सिलिंडर कहां से दें
आयोजक जुगाड़ लगाते घूम रहे हैं, लेकिन एजेंसी वालों ने भी हाथ खड़े कर दिए हैं। जिला प्रशासन की ओर से साफ तौर पर कहा गया है कि शादी-विवाह और भंडारा के लिए एजेंसी संचालक सिलिंडर अवश्य दें। इसके बावजूद भंडारा आयोजक जब एजेंसी जा रहे हैं तो उन्हें यह कहकर टरकाया जा रहा है कि आपूर्ति नहीं हो रही है, सिलिंडर कहां से दें। 40 दुकान किदवईनगर, बर्रा विश्वबैक, नवाबगंज समेत कई इलाकों में आयोजकों ने डीजल भट्ठी का इस्तेमाल करके भंडारे के लिए तैयारी करनी शुरू कर दी है।
मां पीतांबरा भक्त मंडल के बैनर तले हर साल संगीत टाकीज मैदान पर भंडारा लगवाते हैं। इस बार सिलिंडर नहीं मिल रहा है। भक्तों से भी दाल, तेल की जगह सिलिंडर दान में देने को कहा लेकिन कोई नहीं दे रहा है। गैस एजेंसी संचालक तो बात ही नहीं कर रहे हैं। अब तो भट्ठी पर ही प्रसाद पकवाना पड़ेगा। -शानू, बादशाहीनाका
भोले की फौज कमेटी की ओर से प्रतिवर्ष 40 दुकान किदवईनगर में नवरात्र के बाद भंडारे का आयोजन करते हैं। हमेशा सभी भक्तों से पूरा सहयोग मिलता था लेकिन इस बार सिलिंडर कोई भी देने को तैयार नहीं है। सभी का कहना है कि उनको ही सिलिंडर नहीं मिल पा रहा। -शिवम कश्यप, 40 दुकान किदवईनगर