Kanpur: जीएसवीएम में ‘जेनोविया' कार्यक्रम, 100 से अधिक रेजिडेंट्स ने लिया भाग, विशेषज्ञों ने दिया प्रशिक्षण
Kanpur News: जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज, कानपुर के प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग द्वारा आईएसएआर के सहयोग से जेनोविया कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यशाला का उद्देश्य स्नातकोत्तर रेजिडेंट्स को इंफर्टिलिटी और एआरटी जैसी आधुनिक उपचार पद्धतियों का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान करना था।
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कानपुर में जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के लेक्चर थिएटर-वन में प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग की ओर से "जेनोविया– बिगिनिंग ऑफ द जर्नी इन टू रिप्रोडक्टिव साइंस" कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। इंडियन सोसाइटी फॉर असिस्टेड रिप्रोडक्शन के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम में 100 से अधिक रेजिडेंट्स और 30 फैकल्टी सदस्यों ने अपनी सक्रिय भागीदारी दर्ज कराई।
प्रसूति एवं स्त्री रोग विभागाध्यक्ष डॉ. रेनू गुप्ता ने बताया कि वर्तमान में 10–15% दंपत्ति बांझपन की समस्या का सामना कर रहे हैं। बदलती जीवनशैली और देरी से गर्भधारण करने के कारण प्रजनन उपचार की मांग तेजी से बढ़ी है। इसी को देखते हुए युवा रेजिडेंट्स को नवीनतम वैज्ञानिक और व्यावहारिक ज्ञान देना अनिवार्य हो गया है।
आधुनिक उपचार पद्धतियों पर विस्तृत जानकारी दी
विशेषज्ञों ने साझा की तकनीक: कार्यक्रम में मुख्य अतिथि डॉ. मीरा अग्निहोत्री ने युवा चिकित्सकों के कौशल विकास पर जोर दिया। विशेषज्ञ वक्ताओं डॉ. युथिका बाजपेयी और डॉ. वरदा अरोड़ा ने इनफर्टिलिटी की जांच, आईयूआई , आईवीएफ, आईसीएसआई, एम्ब्रायोलॉजी, काउंसलिंग एवं एआरटी की आधुनिक उपचार पद्धतियों पर विस्तृत जानकारी दी।
इंटरैक्टिव क्विज प्रतियोगिता का आयोजन
कॉलेज के प्राचार्य प्रो. डॉ. संजय काला और उप-प्राचार्य प्रो. डॉ. ऋचा गिरी ने भी चिकित्सा शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए ऐसे आयोजनों को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। आयोजन सचिव डॉ. शैलि अग्रवाल के नेतृत्व में हुए इस सम्मेलन के अंत में एक इंटरैक्टिव क्विज प्रतियोगिता भी हुई। इसमें डॉ. युक्ति, डॉ. मानवी और डॉ. श्री लक्ष्मी ने विजेता बनकर विशेष सम्मान प्राप्त किया।