निवेश ट्रेंड: शेयर बाजार में अस्थिरता, बैंकों पर बढ़ा भरोसा, FD-PPF में पैसा लगा रहे लोग, 10000 करोड़ का उछाल
Kanpur News: शेयर बाजार की अस्थिरता और क्रिप्टो टैक्स के कारण कानपुर के निवेशक एक बार फिर बैंकों की सुरक्षित योजनाओं की ओर लौट आए हैं। वित्तीय वर्ष 2025-26 में शहर के बैंकों में जमा राशि बढ़कर 1.18 लाख करोड़ रुपये हो गई है, साथ ही आर्थिक गतिविधियों में तेजी के चलते लोन वितरण की रफ्तार में भी रिकॉर्ड वृद्धि दर्ज की गई है।
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शेयर बाजार में अस्थिरता, सराफा बाजार में उथल-पुथल और क्रिप्टो करेंसी पर टैक्स के चलते शहरी निवेशकों ने एक बार फिर बैंकों पर भरोसा जताया है। वह एफडी और पीपीएफ जैसी योजनाओं को ज्यादा तरजीह दे रहे हैं। यही वजह है कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में शहर के बैंकों में जमा धनराशि 10 हजार करोड़ रुपये से बढ़कर एक लाख 18 हजार करोड़ (1,18,02,734) रुपये से अधिक हो गई, जबकि यह 2024-25 में एक लाख आठ हजार करोड़ (1,08,10,077) रुपये थी।
बैंकों पर भरोसा जताने वाले शहरी जमकर जोखिम भी उठा रहे हैं। बीते वित्तीय वर्ष में 64,47,433 करोड़ रुपये लोन लेकर उन्होंने इस बात का संकेत दिया है। इनमें पर्सनल और बिजनेस लोन भी शामिल हैं। लीड बैंक मैनेजर आदित्य दीपेंद्र चंद्र के अनुसार, बैंकों में जमा धनराशि में लगातार वृद्धि हो रही है। 2023-24 में बैंक जमा 1,05,61,034 रुपये था जो 2024-25 में बढ़कर 1,08,10,077 रुपये हो गया। लोन वितरण के मोर्चे पर भी लगातार तेजी देखी गई है।
लंबी अवधि की एफडी अधिक करवा रहे हैं शहरी
2023-24 में कुल ऋण वितरण 52,93,268 रुपये था जो 2024-25 में बढ़कर 57,68,650 रुपये और 2025-26 में 64,47,433 रुपये तक पहुंच गया। यह वृद्धि आर्थिक गतिविधियों में तेजी और निवेश के अवसरों में बढ़ोतरी का संकेत देती है। ऑल इंडिया बैंक ऑफीसर कंफेडरेशन के सदस्य रोहित कांत मिश्रा और ऑल इंडिया वी बैंकर्स एसोसिएशन के राष्ट्रीय महामंत्री आशीष मिश्रा ने बताया कि शहरी लंबी अवधि की एफडी अधिक करवा रहे हैं।
लोन वितरण की रफ्तार बढ़ी है
लोग शेयर बाजार, क्रिप्टो करेंसी से पैसा निकालकर एफडी और पीपीएफ में लगा रहे हैं। सोने-चांदी के भावों में उतार-चढ़ाव के कारण सराफा बाजार से भी निवेशकों ने मुंह मोड़ रखा है। लोन की प्रक्रिया सरल और तेज होने के कारण इसके वितरण की रफ्तार भी बढ़ी है। सरकारी योजनाओं में मिल रही सब्सिडी और सोलर लगवाने से लेकर उद्योग लगाने के लिए मिल रही मदद की वजह से लोन वितरण की रफ्तार बढ़ी है।
पिछले तीन साल में दो साल बैंक एफडी ने बाजी मारी
2023-24: शेयर बाजार में भारी लाभ
निफ्टी 17,398.05 से बढ़कर 22,326.90 पर पहुंचा। निवेशकों को 28.33 प्रतिशत का शानदार रिटर्न मिला जबकि एक से तीन वर्ष की एफडी पर ब्याज दरें 6.75 प्रतिशत से 7.50 प्रतिशत रहीं।
2024-25: एफडी बेहतर विकल्प साबित हुई
निफ्टी 22,462.00 से बढ़कर 23,519.35 पर पहुंचा और निवेशकों को 4.71 प्रतिशत का रिटर्न मिला। इस दौरान बैंक एफडी पर 6.50 प्रतिशत से 7.25 प्रतिशत का फायदा हुआ।
2025-26: शेयर बाजार में नुकसान
निफ्टी 23,165.70 से घटकर 22,331.40 पर आ गया। इससे निवेशकों को 3.60 प्रतिशत का नुकसान हुआ। वहीं इसी दौरान बैंक एफडी पर 6.00 प्रतिशत से 6.75 प्रतिशत का ब्याज मिला।
स्रोत- केश्री ब्रोकिंग के सह-संथापक राजीव सिंह।