कानपुर किडनी कांड: मेरठ-गुरुग्राम में ट्रांसप्लांट के आरोपियों ने दिया चकमा, मोबाइल ऑन-ऑफ कर भटका रहे लोकेशन
Kanpur News: कानपुर के अवैध किडनी रैकेट के मुख्य आरोपी डॉ. रोहित, अफजल और मुदस्सर पुलिस की दबिश से ठीक पहले मेरठ और गुरुग्राम से भाग निकले। आरोपी मोबाइल लोकेशन के जरिए पुलिस को लगातार भ्रमित कर रहे हैं।
विस्तार
कानपुर शहर में अवैध किडनी ट्रांसप्लांट के आरोपियों ने पुलिस को मेरठ और गुरुग्राम में चकमा दे दिया। पुलिस शुक्रवार रात एक आरोपी को दबोचने के लिए पहुंची लेकिन वह पहले ही भाग निकला। दूसरे आरोपी ने रिश्तेदार के घर अपना मोबाइल छोड़ा था। पुलिस शनिवार को जब पहुंची, तो उन्हें सिर्फ मोबाइल बरामद हुआ।
पुलिस की टीमें डॉ. रोहित, डॉ. अफजल और मुद्स्सर अली सिद्दीकी की तलाश कर रही है। तीनोंं के खिलाफ 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है। कमिश्नरी पुलिस को केशवपुरम के आहूजा हॉस्पिटल में सात से आठ और मसवानपुर के मेडीलाइफ हॉस्पिटल में एक अवैध तरह से किडनी ट्रांसप्लांट होने की जानकारी मिली है।
लखनऊ के तीन डॉक्टरों की भी तलाश
अब तक आहूजा हॉस्पिटल संचालक डॉ. सुरजीत सिंह आहूजा, डॉ. प्रीति आहूजा, शिवम अग्रवाल, राजेश कुमार, नरेंद्र सिंह, राम प्रकाश, कुलदीप सिंह राघव, राजेश तोमर, परवेज सैफी को जेल भेजा गया है। डॉ. रोहित, डॉ. अफजल, मुद्स्सर अली सिद्दीकी, डॉ. अमित, डॉ. वैभव, नवीन पांडेय और लखनऊ के तीन डॉक्टरों की तलाश है।
गिरफ्तारी के लिए इनाम घोषित
पुलिस को शिवम अग्रवाल और परवेज सैफी से पूछताछ में पता चला है कि किडनी ट्रांसप्लांट के खेल में डॉ. रोहित, डॉ. अफजल और मुद्स्सर अली ही मुख्य किरदार हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए इनाम घोषित हुआ है। तीनों को पकड़ने के लिए पांच सदस्यीय टीम दो दिन पहले ही एनसीआर के लिए रवाना की गई है।
अन्य आरोपी के गुरुग्राम में होने का सुराग मिला
पुलिस सूत्राें के मुताबिक एक आरोपी की मेरठ के एक फ्लैट में छिपे होने की सूचना आई। उसको दबोचने के लिए दो टीमें वहां पहुंचीं लेकिन आरोपी फ्लैट से कुछ देर पहले ही निकल गया। पुलिस सीसीटीवी कैमरे की मदद से उसके भागने के संभावित रास्तों की तलाश कर रही है। शनिवार को अन्य आरोपी के गुरुग्राम में होने का सुराग मिला।
अपना मोबाइल भूलकर चला गया
पुलिस उसे पकड़ने पहुंची पहुंची, लेकिन वहां रिश्तेदार के घर उसका मोबाइल मिला। पुलिस ने रिश्तेदार से पूछताछ की तो उसने बताया कि कुछ घंटे पहले ही वह आया था और अपना मोबाइल भूलकर चला गया। पुलिस ने जानकारी जुटाने के लिए रिश्तेदार को उठा लिया है।
दिल्ली, गाजियाबाद, मेरठ, हरियाणा पुलिस से सहयोग
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक तीनों फरार आरोपियों के एनसीआर में छिपे होने की जानकारी है। उनकी गिरफ्तारी के लिए मेरठ, गाजियाबाद, नोएडा, दिल्ली और हरियाणा पुलिस का सहयोग लिया जा रहा है। अली की पत्नी से दिल्ली के एक थाने में पूछताछ की गई जबकि डॉ. अफजल के दोस्त को भी उठाया गया है।
मोबाइल ऑन करके फिर बंद कर ले रहे आरोपी
पुलिस को चकमा देने के लिए आरोपी अपना मोबाइल ऑन करके कुछ सेकेंड बाद उसको बंद कर ले रहे हैं। कुछ घंटे बाद दूसरी जगह पहुंचने पर इसी तरह का कार्य कर रहे हैं। इससे अलग-अलग क्षेत्रों में उनकी लोकेशन बदल रही है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक यह कार्य तीनों आरोपियों में से कोई कर रहा है या चकमा देने के लिए कोई ओर ही लगा हुआ है। इसकी जांच कराई जा रही है।
पुलिस की टीमें आरोपियों की एनसीआर में तलाश कर रही हैं। उनके कई संभावित ठिकानों पर दबिश दी गई है। जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर शहर लाया जाएगा। -रघुबीर लाल, पुलिस कमिश्नर