Kanpur: ‘मोबाइल बना हाथों का दुश्मन’, स्मार्टफोन का अत्यधिक इस्तेमाल बना कमजोरी की वजह, जीएसवीएम की केस स्टडी
Kanpur News: जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के अस्थि रोग विभाग की केस स्टडी में खुलासा हुआ है कि स्मार्टफोन के अत्यधिक इस्तेमाल और गलत तरीके से पकड़ने के कारण युवाओं के हाथों की पकड़ (ग्रिप) कमजोर हो रही है। पिछले एक साल में 20 से 45 वर्ष की आयु वर्ग के लोगों में ऐसे मामलों में 15 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।
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लगातार स्मार्टफोन का इस्तेमाल अब सिर्फ आंखों या गर्दन के लिए ही नहीं, बल्कि हाथों और कलाइयों की ताकत के लिए भी खतरनाक साबित हो रहा है। जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के अस्थि रोग विभाग में डॉ फ़हीम अंसारी की ओर से किए गए अध्ययन के अनुसार, मोबाइल की गलत पकड़ और लंबे समय तक स्क्रीन टाइम के कारण युवाओं के हाथों की पकड़ कमजोर हो रही है।
बीते एक वर्ष में 20 से 45 वर्ष की आयु वर्ग के युवाओं में ऐसी समस्याओं में लगभग 15 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। अस्थि रोग विशेषज्ञ डॉ. फहीम अंसारी के मुताबिक, 68 प्रतिशत मरीजों को लिखने, बोतल का ढक्कन खोलने, दरवाजे का हैंडल घुमाने और दैनिक सामान पकड़ने तक में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
हाथों में झनझनाहट और सुन्नपन
लगातार टाइपिंग, अंगूठे पर ज्यादा दबाव और फोन को एक ही तरीके से पकड़े रखने से तीन मुख्य समस्याएं सामने आ रही हैं। इसमें कलाई की नस दबने से हाथों में झनझनाहट और सुन्नपन। अंगूठे के टेंडन और जोड़ में दर्द, सूजन व जकड़न। छोटी उंगली पर लगातार दबाव पड़ने से हाथों की पकड़ कमजोर होना। शुरुआत में लोग अंगूठे व कलाई के दर्द को सामान्य थकान समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, जो बाद में गंभीर रूप ले लेता है।
नजरअंदाज न करें और समय पर डॉक्टरी जांच कराएं
इससे बचाव के लिए हर 30 मिनट के इस्तेमाल के बाद 2-3 मिनट का ब्रेक लें तथा हाथ, कलाई और उंगलियों की स्ट्रेचिंग करें। फोन को एक ही तरीके से न पकड़ें और टाइपिंग के दौरान दोनों हाथों का प्रयोग करें। दर्द या सुन्नपन महसूस होने पर इसे नजरअंदाज न करें और समय पर डॉक्टरी जांच कराएं।