UP: लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे बनाने वाली पीएनसी इंफ्राटेक को झटका, शेयर में एक हफ्ते में 12% से ज्यादा की गिरावट
Kanpur News: लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे का निर्माण करने वाली इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी पीएनसी इंफ्राटेक लिमिटेड के शेयरों में पिछले एक सप्ताह के दौरान 12% से अधिक की बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। इस मंदी के चलते कंपनी का बाजार पूंजीकरण (मार्केट कैप) करीब 650 करोड़ रुपये घटकर 5,650 करोड़ रुपये पर आ गया है।
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लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे बनाने वाली कंपनी के शेयर में भारी गिरावट देखने को मिली है। इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र की कंपनी पीएनसी इंफ्राटेक लिमिटेड के शेयर में पिछले कुछ दिनों से तेज दबाव देखने को मिला है। हालांकि मंगलवार, 11 अगस्त 2026 को शेयर में करीब पांच प्रतिशत की तेजी दिखाई दी और यह 221 रुपये के आसपास कारोबार करता नजर आया।
इसके बावजूद पिछले एक सप्ताह में शेयर करीब 12 प्रतिशत से अधिक कमजोर हो चुका है। इस गिरावट का असर कंपनी के बाजार पूंजीकरण पर भी पड़ा है। करीब एक सप्ताह पहले जहां कंपनी का बाजार पूंजीकरण लगभग 6,300 करोड़ था, वहीं अब यह घटकर करीब 5,650 करोड़ रह गया है। यानी कुछ ही दिनों में कंपनी के बाजार मूल्य में लगभग 650 करोड़ की कमी आई है।
52 सप्ताह के उच्चतम स्तर से 32% नीचे
कंपनी के शेयर का 52 सप्ताह का उच्चतम स्तर ₹325 है, जो 17 सितंबर 2025 को दर्ज हुआ था। वहीं 52 सप्ताह का न्यूनतम स्तर ₹158.17 रहा, जो 30 मार्च 2026 को बना था। मौजूदा भाव 52 सप्ताह के उच्चतम स्तर से करीब 32 प्रतिशत नीचे है।कंपनी का अब तक का सर्वाधिक शेयर भाव 574.80 रहा है।
प्रमोटरों के पास 56.07 प्रतिशत हिस्सेदारी है
इस लिहाज से देखें, तो शेयर अपने ऐतिहासिक उच्चतम स्तर से काफी नीचे कारोबार कर रहा है। कंपनी की शेयरहोल्डिंग संरचना में प्रमोटर समूह की मजबूत पकड़ बनी हुई है। जून 2026 के आंकड़ों के अनुसार प्रमोटरों के पास 56.07 प्रतिशत हिस्सेदारी है। विदेशी संस्थागत निवेशकों की हिस्सेदारी करीब 7.27 प्रतिशत है, जबकि म्यूचुअल फंडों के पास 23.07 प्रतिशत हिस्सेदारी है।
म्यूचुअल फंडों का भी बड़ा निवेश
कंपनी में देश के कई बड़े म्यूचुअल फंड हाउसों का निवेश है। एचडीएफसी, यूटीआई, एचएसबीसी, टाटा, एक्सिस और निप्पोन जैसे प्रमुख फंड हाउसों की विभिन्न योजनाओं के माध्यम से कंपनी में हिस्सेदारी है। जून 2026 के अंत में म्यूचुअल फंडों की कुल हिस्सेदारी करीब 23.07 प्रतिशत थी।