UP: ‘तू सामने बैठकर पति को मरता देख', हत्यारे ने वैन चालक को कुल्हाड़ी से काटा, अब बोला- उल्टा खेल मैं खेलूंगा
Kanpur News: देवसढ़ गांव में वैन चालक मुमताज की हत्या उसके चचेरे भाई शोयल खान उर्फ रानू ने अपने साथियों के साथ मिलकर कर दी। रंजिश के चलते आरोपी ने मुमताज की पत्नी को बंधक बनाकर उसके सामने ही पति की कुल्हाड़ी से काटकर हत्या कर दी और सोशल मीडिया पर पुलिस को धमकी भरे संदेश भेज रहा है।
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कानपुर में साढ़ थाना क्षेत्र के देवसढ़ गांव में घर में घुसकर वैन चालक मुमताज की हत्या रंजिश के चलते उसी के रिश्ते में लगने वाले भाई शोयल खान उर्फ रानू ने अपने दो साथियों संग मिलकर की है। पुलिस की अब तक की जांच में इसका पता चला है। शोयल अक्सर मुमताज की बाइक लेकर निकल जाता था। इसे लेकर मुमताज ने शोयल को डांटा था। वहीं, एक जुलाई को शोयल ने मुमताज पर चाकू से हमले की कोशिश की थी। जब लोगों ने बीचबचाव किया, तो कुल्हाड़ी से काटने की धमकी देकर भाग निकला था।
मामले में साढ़ कस्बा चौकी इंचार्ज प्रवीर राव ने उसके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर चाकू बरामद किया और शांतिभंग में चालान कर दिया था। इसके बाद से शोयल खुन्नस पाले हुए था। हालांकि, पुलिस अभी फरार शोयल व उसके साथी को गिरफ्तार नहीं कर सकी है। ट्रेन से सूरत की तरफ भागे हत्यारोपियों का पुलिस पीछा कर रही है। पुलिस उनकी गिरफ्तारी के बाद वारदात के खुलासे का दावा कर रही है।
दोनों मुमताज की ही बाइक लेकर चित्रकूट पहुंचे
पुलिस के अनुसार शुक्रवार रात शोयल दलेलपुर निवासी अपने साथी चौकीदार के बेटे आशीष के साथ मुमताज के घर में दाखिल हुआ और उसकी हत्या कर दी। इस काम में दोनों के एक अन्य धर्मेंद्र नाम ने साथी ने भी साथ दिया। वारदात के बाद दोनों मुमताज की ही बाइक लेकर चित्रकूट के मानिकपुर में रहने वाली शोयल की बहन के घर पहुंचे। वहां से ट्रेन पकड़ कर सूरत के लिए निकल गए हैं।
शव को कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-खाक किया
हालांकि, पुलिस मुमताज की बाइक बरामद करने की कोशिश कर रही है। वहीं, वारदात में दोनों का साथ देने वाले तीसरे साथी धर्मेंद्र को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। उधर आरोपियों के न पकड़े जाने तक परिजन ने मुमताज के शव की अंतिम क्रिया करने से इन्कार कर दिया। पुलिस ने परिजन को जल्द गिरफ्तारी का आश्वासन दिया। इसके बाद शाम चार बजे के बाद शव को कुटिया रामपुर रोड स्थित कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-खाक किया गया। जनाजे में पूरा गांव शामिल हुआ।
अपने पति को मरता हुआ देख
घटना में घायल शाहजहां गंभीर रूप से घायल है। हालांकि, वह अपने पति को आखिरी बार देखने के लिए अस्पताल से घर आ गई। शाहजहां ने बताया कि शुक्रवार रात वह पति के साथ आंगन में सो रही थी। करीब दो बजे घर की चहारदीवारी फांदकर दो लोग आंगन में आ गए। दोनों नकाब बांधे हुए थे। एक ने पति के हाथ पकड़े और दूसरे ने कुल्हाड़ी और चाकू से ताबड़तोड़ वार शुरू कर दिए। चीख सुनकर उनकी नींद खुली, तो आरोपियों ने शाहजहां पर भी हमला कर उसे सामने बैठा दिया।
मुमताज की बाइक निकाली और भाग निकले
हालांकि, वह कद-काठी और दाढ़ी से शोयल उर्फ रानू को पहचान गईं। इस पर रानू ने कहा कि तू सामने बैठ कर पति को मरता हुआ देख। इसके बाद फिर मुमताज के सिर व शरीर के अन्य हिस्सों पर प्रहार किया। शहनवाज ने बताया कि हमले के बाद आरोपी गहनों की मांग करने लगे। जब उनसे गहने न होने की बात कही तो कमरे में रखे बक्से खोल कर उलट-पलट दिए। इसी दौरान बाइक की चाबी मिल गई। आरोपियों ने मुख्य दरवाजा खोल मुमताज की बाइक निकाली और भाग निकले।
योगी जी हत्यारों को इसी कब्रिस्तान में दफना दो
अपनी आंखों के सामने पति की हत्या का मंजर देख चुकी शाहजहां के आंसू रुकने का नाम नहीं ले रहे हैं। बिलखते हुए उसने कहा कि सुना है योगी सरकार अपराधियों को मिट्टी में मिला देती है। मेरे पति की हत्या करने वाले रानू को भी मारकर इसी कब्रिस्तान में मेरे पति की कब्र के पास ही दफनाया जाए। मुमताज की बहनें जायदा और नशीमा गहरे गुस्से में थीं। उनकी चीख-पुकार सुनकर हर कोई भावुक हो गया।
मां का फर्ज निभाती रही शाहजहां
कहते हैं परिस्थितियां कैसी भी हों मां अपना फर्ज निभाना कभी नहीं भूलती। कुछ ऐसा ही यहां भी दिखा। पति को खोने और शरीर पर गहरे घावों का दर्द झेल रही शाहजहां जैसे ही अपनी छह माह की दुधमुंही बेटी मंतशा को बिलखता देखती तो उसे सीने से चिपका लेती। भूख लगने पर दूध पिलाती रही। हालांकि, कई बार बच्ची के रोने पर रिश्तेदार उसे दुलराते नजर आए।
परिस्थितिजन्य साक्ष्य इसी ओर इशारा कर रहे हैं कि रंजिश के चलते हत्या रिश्ते के चचेरे भाई रानू और उसके साथी आशीष ने ही की है। भाई की तहरीर पर रिपोर्ट भी दर्ज की गई है। एक आरोपी को हिरासत में लिया गया है। मुख्य आरोपी और उसके साथी की तलाश की जा रही है। -दीपेंद्र नाथ चौधरी, डीसीपी साउथ
दरोगा को फोन कर आरोपी बोला, परिवार को परेशान मत करो...
वारदात के बाद से लापता शोयल खान उर्फ रानू गांव और क्षेत्र की हर घटना पर नजर रखे हुए है। पुलिस शुक्रवार को आरोपी के परिजन को पूछताछ के लिए थाने लेकर आई तो उसने साढ़ कस्बा चौकी में तैनात दरोगा को फोन करते हुए कहा कि मेरे परिवार ने कुछ नहीं किया है। उन्हें क्यों परेशान कर रहे हो...। पिता बीमार हैं, उन्हें छोड़ दो। आरोपी ने कहा कि वह किसी काम से उन्नाव आया हुआ है। जल्द ही घर आ जाएगा। हालांकि, आरोपी की उस दौरान लोकेशन हमीरपुर के पास मिल रही थी।
केवल शक की बुनियाद पर कार्रवाई न करें
आरोपी ने फिर मोबाइल स्विच ऑफ कर लिया। रविवार दोपहर दो बजे आरोपी ने इंस्टाग्राम पर स्टोरी लगाई। इसमें लिखा था कि जितने मेरे विरोधी हैं वे अब खुलकर सामने आ चुके हैं और सबने मान लिया है कि इस मामले में मेरा हाथ है। मैं आप सभी से कहना चाहता हूं कि वह मेरा भी भाई था और मेरा इस केस से कोई लेना-देना नहीं है। केवल शक की बुनियाद पर कार्रवाई न करें। केस की जांच के बाद ही फैसला लें और पुलिस हमारे घरवालों को रिहा करे। स्टोरी का लिंक गांव के कई लड़कों के मोबाइल पर भी भेजा।
सब लोग ताकत लगा लो.. उल्टा खेल मैं खेलूंगा..
आरोपी ने इंस्टाग्राम पर स्टोरी लगाने के आलावा मुमताज के भतीजे के व्हाट्सएप पर एक ऑडियो भी भेजा। इसमें वह बोलता हुआ सुनाई दे रहा है कि जिस तरीके से मेरे खिलाफ सब लोग ताकत लगा रहे हो.. तो लगा लो। मुझे पता है कि बाहर कैसे निकलना है जब मैंने गलत नहीं किया है। मैं सारे साक्ष्य लेकर भाग जाऊंगा। फिर देखना उल्टा खेल मैं खेलूंगा। ये बता देना उनको। कल्लू(मुमताज) से मेरी कोई लड़ाई नहीं थी। कल को अगर तुम्हारी हत्या हो जाएगी तो क्या मेरा आरोप लगा दोगे। मेरे खिलाफ कोई साक्ष्य नहीं है।
दबंगई से पूरा गांव परेशान है
मुख्य आरोपी शोयल खान उर्फ रानू गांव में अपनी दबंगई के लिए कुख्यात है। उसकी गुंडागर्दी और बदतमीजी से न केवल ग्रामीण बल्कि साढ़ पुलिस भी खासी परेशान रही है। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक रानू के खिलाफ पहले से साढ़ थाने में मुकदमा दर्ज है। डर का आलम यह है कि गांव का कोई भी व्यक्ति उसके खिलाफ पुलिस में शिकायत करने की हिम्मत नहीं जुटा पाता था।
बहन के गहने गिरवी रख शराब पी गया था आशीष
मुमताज की हत्या के दूसरे आरोपी चौकीदार के बेटे आशीष के बारे में पुलिस को पता चला कि वह कुछ दिन पहले अपनी बहन के गहने चुराकर उन्हें गिरवी रख मिले रुपयों से शराब पी गया था। पिता ने जानकारी होने पर पुलिस से शिकायत की थी। वहीं आरोपी की दबंगई के चलते दलेलपुर स्थित शराब ठेका का मैनेजर उसे मुफ्त में शराब पिलाता था। हत्याकांड के पहले भी सभी ने मिलकर शराब पी थी। मुमताज की हत्या के बाद परिवार पर आर्थिक संकट भी खड़ा हो गया। समाजवादी पार्टी के बिठूर विधानसभा नेता बृजेंद्र यादव ने मुमताज के शव की अंतिम क्रिया के लिए 10 हजार रुपये की सहायता दी।