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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   Kanpur One day of duty full salary scam through fake attendance record of PRD personnel Rs 3.03 lakh embezzled

कानपुर: ‘ड्यूटी एक दिन…वेतन पूरा’, पीआरडी जवानों की फर्जी हाजिरी दिखा घोटाला, 3.03 लाख का किया गबन, पढ़ें मामला

Thu, 29 Oct 2026 08:48 AM IST
Himanshu Awasthi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: Himanshu Awasthi Updated Thu, 29 Oct 2026 08:48 AM IST
सार

Kanpur News: पीआरडी विभाग में उप निदेशक युवा कल्याण शिल्पी पांडेय की जांच में 35 पीआरडी जवानों की हाजिरी और भुगतान में 3.03 लाख रुपये  के गबन का खुलासा हुआ है। इस मामले में 10 साल तक कानपुर में तैनात रहीं तत्कालीन जिला युवा कल्याण अधिकारी आरती जायसवाल और वरिष्ठ सहायक (बाबू) वैभव सिंह को दोषी माना गया है।

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Kanpur One day of duty full salary scam through fake attendance record of PRD personnel Rs 3.03 lakh embezzled
पीआरडी जवान - फोटो : amar ujala

विस्तार

कानपुर में युवा कल्याण एवं प्रांतीय रक्षक दल (पीआरडी) के जवानों की ड्यूटी और उनके भुगतान में बड़े पैमाने पर वित्तीय घोटाला सामने आया है। 35 पीआरडी जवानों की हाजिरी के नाम पर 3.03 लाख डकार लिए गए। उप निदेशक युवा कल्याण शिल्पी पांडेय की जांच में यह घोटाला सामने आया है। उप निदेशक ने तत्कालीन युवा कल्याण अधिकारी आरती जायसवाल और बाबू वैभव सिंह को दोषी माना। महानिदेशक प्रांतीय रक्षक दल एवं युवा कल्याण को पत्र लिखकर कार्रवाई की संस्तुति कर दी है।

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जिले में 550 पीआरडी जवान हैं। उप निदेशक ने अपने स्तर पर हाजिरी पोर्टल पर 35 पीआरडी जवानों की जांच कराई तो यह खुलासा हुआ है। आरती जायसवाल 10 वर्षों तक जिले में तैनात रही हैं। सभी मामले उन्हीं के कार्यकाल के हैं। पीआरडी जवान के एक दिन की ड्यूटी के नाम पर 15 हजार रुपये तक का भुगतान किया गया तो कहीं पांच-छह दिन की ड्यूटी के बदले 15,500 रुपये तक खाते में भेजे गए। बता दें कि एक पीआरडी जवान को प्रतिदिन के हिसाब से 500 रुपये का ही भुगतान किया जाता है।

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संबंधित जरूरी दस्तावेज तक उपलब्ध नहीं मिले
इसके साथ खेल प्रतियोगिताओं में ड्यूटी लगाने के नाम पर भी 26 जवानों को 99,500 रुपये का भुगतान भी गलत तरीके से किया गया। कार्यालय में इससे संबंधित जरूरी दस्तावेज तक उपलब्ध नहीं मिले। घोटाला उप निदेशक युवा कल्याण शिल्पी पांडेय की जांच रिपोर्ट में वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान पीआरडी जवानों को कुल 3,05,500 रुपये के भुगतान में खुला है। कानपुर में बीते 10 वर्षों से तैनात रहीं तत्कालीन जिला युवा कल्याण अधिकारी आरती जायसवाल के खिलाफ शपथ पत्र में उप निदेशक युवा कल्याण अधिकारी, लखनऊ से शिकायत की गई थी।

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भुगतान संबंधित मस्टर रोल व अन्य दस्तावेज मांगे
उसी शिकायत के आधार पर उप निदेशक जांच करने शहर के विकास भवन स्थित कार्यालय पहुंची थीं। उन्हें वित्तीय वर्ष 2025-26 में पीआरडी स्वयंसेवकों की ड्यूटी और कैशबुक संबंधी कोई भी रिकॉर्ड नहीं मिला था। इसके बाद उन्होंने मामले की जांच वर्तमान युवा कल्याण अधिकारी अमित सिंह से करके रिपोर्ट मांगी थी। अधिकारी ने भी वरिष्ठ सहायक वैभव सिंह से भुगतान संबंधित मस्टर रोल व अन्य दस्तावेज मांगे, तो कोई अभिलेख नहीं उपलब्ध कराया।

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दिन की ड्यूटी के 500 रुपये दिए जाने थे
इसके बाद अधिकारी ने अपने स्तर से हाजिरी पोर्टल की जांच की, तो पता चला कि पीआरडी स्वयंसेवक धर्मेश कुमार की नवंबर 2025 में कल्याणपुर थाने में ड्यूटी थी। मस्टर रोल के अनुसार एक दिन की ड्यूटी के 500 रुपये दिए जाने थे, लेकिन 15 हजार रुपये का भुगतान किया गया। इसी तरह दिसंबर 2025 में धर्मेश कुमार की अर्मापुर थाने में एक दिन की ड्यूटी में 500 रुपये की जगह 15,500 रुपये दिए गए। जनवरी 2026 में फिर कर्नलगंज थाने में ड्यूटी लगी थी।

3,500 रुपये की जगह 15 हजार रुपये दिए
पांच दिन के 2,500 रुपये दिए जाने थे, लेकिन 15,500 रुपये दिए गए। गीता देवी को छह दिन की ड्यूटी के बदले 15,500 रुपये दिए। इसी तरह प्रदीप त्रिवेदी को 3,500 रुपये की जगह 15 हजार रुपये दिए। राजेश कुमार की डीएम आवास पर ड्यूटी लगी थी लेकिन विकास भवन में ड्यूटी दिखाकर 15 हजार रुपये का भुगतान कर दिया। अक्तूबर 2025 में राजेश कुमार को 15 दिन की ड्यूटी के स्थान पर 31 दिन का भुगतान कर दिया।

गलत तरीके से किया गया भुगतान
दिसंबर 2025 में राजेश कुमार को फिर 11 हजार रुपये का अतिरिक्त भुगतान कर दिया। इसी तरह से अमर सिंह को 2,500 रुपये, रवि कुमार को सात हजार रुपये, अरुणा सिंह को 23 हजार रुपये, धर्मेंद्र कुमार को एक हजार रुपये गलत तरीके से भुगतान किया गया है। जांच में पता चला कि विधायक खेल स्पर्धा के आयोजन में 26 पीआरडी स्वयंसेवकों की ड्यूटी तीन दिन के लिए लगाई गई थी। इनको 99500 रुपये का भुगतान किया गया।

प्रत्येक दिन की अलग-अलग ड्यूटी लगाने के नियम थे
कार्यालय में इससे संबंधित कोई दस्तावेज उपलब्ध नहीं मिला। इसी तरह किदवईनगर में आयोजित खेल प्रतियोगिता में 36 पीआरडी स्वयंसेवकों की ड्यूटी चार दिन के लिए लगाई गई थी। यहां के भी जरूरी दस्तावेज नहीं मिले। पीआरडी स्वयंसेवकों की ड्यूटी लगाने की व्यवस्था में भी अनियमितता मिली। जवान जय बाबू को सात माह, विवेक चतुर्वेदी को 17 माह, संतोष कुमार को 12 माह, राम खिलावन को आठ माह और धर्मेंद्र कुमार को सात माह तक लगातार एक ही स्थान पर ड्यूटी लगाई गई। जब पोर्टल से प्रत्येक दिन की अलग-अलग ड्यूटी लगाने के नियम थे।

शिकायत के आधार पर जांच की गई है। बाबू ने अभी तक कोई अभिलेख उपलब्ध नहीं कराया है जिससे जांच अधूरी है। जो रिपोर्ट युवा कल्याण अधिकारी ने सौंपी है उसमें तत्कालीन जिला युवा कल्याण अधिकारी दोषी पाई गई हैं। उनके और बाबू के खिलाफ कार्रवाई के लिए रिपोर्ट महानिदेशक को भेजी है। उनके कार्यकाल की जांच के लिए जल्द ही शासन की अनुमति लेकर अन्य वर्षों की जांच होगी।  -शिल्पी पांडेय, उपनिदेशक युवा कल्याण विभाग, लखनऊ

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