Kanpur: पुलिस का 'ब्लैक हॉक' दस्ता तैयार, बवालियों-दंगाइयों की खैर नहीं; PAC की तरह करेगा काम, ये रहेगी छूट
Kanpur News: कमिश्नरी पुलिस ने शहर में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए ब्लैक हॉक नामक एक नई विंग बनाई है, जिसमें 50 प्रशिक्षित पुलिसकर्मी शामिल हैं। यह विंग काले बॉडी प्रोटेक्टर पहनकर पीएसी की तरह काम करेगी और बवाल होने पर तत्काल कार्रवाई व लाठीचार्ज कर सकेगी।
विस्तार
कानपुर शहर में बवाल, मारपीट और तोड़फोड़ की घटनाओं को देखते हुए कमिश्नरी पुलिस ने नई विंग बनाई है। जिसका नाम ब्लैक हॉक रखा गया है। यह पीएसी की तरह कार्य करेगी। कहीं से भी कानून व्यवस्था बिगड़ने की सूचना आने पर न सिर्फ बवालियों को रोकेगी बल्कि उनके खिलाफ लाठी चार्ज जैसी कार्रवाई कर सकेगी। विंग में 50 पुलिसकर्मियों को चिह्नित किया गया है, जिन्होंने पुलिस लाइन में अभ्यास शुरू कर दिया है। उन्हें नए बॉडी प्रोटेक्टर मिल गए हैं।
कमिश्नरी पुलिस दंगा, बवाल नियंत्रण करने के लिए दंगा नियंत्रण स्कीम लागू करती है जिसमें पुलिसकर्मियों को बवालियों से निपटने का अभ्यास कराया जाता है। यह स्कीम त्योहारों के समय या दो से तीन महीने के अंतराल में लागू करते हैं। इसमें अलग अलग घटनाक्रमों का नाट्य रूपांतरण कर उससे निपटने तरीका अपनाया जाता है। अब बवाल और हंगामा जरा जरा सी बात पर हो रहा है। चोकी और थाना स्तर पर जरा सी देरी करने पर बड़ी घटना हो जा रही है। इसको रोकने और नियमित कार्रवाई के लिए नई विंग तैयार की गई है।
जेसीपी के जाते ही पहले बनी विंग खत्म
तत्कालीन संयुक्त पुलिस आयुक्त अपराध व मुख्यालय विनोद कुमार सिंह ने एटीएस की तरह विंग बनाई थी। इसे आतंकी घटना होने पर हमलावरों को रोकने और उनके खिलाफ कार्रवाई के लिए बनाया गया था। करीब 40 पुलिसकर्मियों को एटीएस मुख्यालय लखनऊ में एक महीने का प्रशिक्षण मिला था। वहां से आने के बाद पुलिस कमिश्नर और जेसीपी मुख्यालय और जेसीपी कानून व्यवस्था कार्यालयों के बाहर तैनात किए गए थे। दोनों जेसीपी के जाते ही विंग समाप्त कर दी गई। उनके स्टाफ को थानों और कार्यालयों में रवाना कर दिया।
बवालियों और तोड़फोड़ की घटनाओं को नियंत्रित करने के लिए नई विंग बनाई गई है। पहले चरण में इसमें 50 पुलिसकर्मियों को लिया गया है। यह काले रंग के बॉडी प्रोटेक्टर के साथ तैनात रहेगी। -डॉ. विपिन ताडा, अपर पुलिस आयुक्त, कानून व्यवस्था