UP: 'पैसे मांगते रहे दरोगा, इधर दफन हो गया बेटा', 15 दिन बाद मिला कंकाल, 30 लाख की मांगी फिरौती, पढ़ें मामला
Orai News: माधवगढ़ में छोटे भाई के साथ हुए कुकर्म का विरोध करने गए किशोर की आरोपियों ने हत्या कर शव पशुबाड़े में दफना दिया और 30 लाख की फिरौती मांगी। 25 मार्च से लापता किशोर का कंकाल बुधवार को पुलिस ने दो आरोपियों की निशानदेही पर बरामद किया।
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उरई में छोटे भाई से कुकर्म की बात पता चलने पर आरोपियों के घर उलाहना देने गए 17 साल के किशोर की हत्या कर शव पशुबाड़े में दफना दिया गया। आरोपियों ने वारदात के दूसरे दिन किशोर की मां के मोबाइल पर मैसेज कर 30 लाख रुपये की फिरौती भी मांगी थी।
25 मार्च की यह घटना माधवगढ़ कोतवाली क्षेत्र के एक गांव की है। पुलिस ने बुधवार को घटना का खुलासा कर दो आरोपियों को हिरासत में लिया। उनकी निशानदेही पर पशुबाड़े से किशोर का कंकाल भी बरामद कर लिया। थानाक्षेत्र के एक गांव निवासी किशोर ने इसी साल 12वीं की परीक्षा दी थी।
पुलिस गुमशुदगी दर्ज कर शांत बैठ गई
किशोर के पिता के मुताबिक पांच माह पहले उनके छोटे बेटे के साथ रोहित याज्ञिक भूरे, तेज प्रताप उर्फ तेजा, विक्रम सिंह, सुनील सिंह ने अनैतिक कार्य किया था। यह बात बड़े बेटे से छुपाए रहे। 25 मार्च को पता चलने पर वह आरोपियों के घर उलाहना देने गया था। देर तक घर न लौटने पर वे थाने गए, तो पुलिस गुमशुदगी दर्ज कर शांत बैठ गई।
हाथ पर हाथ धरे बैठी रही पुलिस
अगले दिन मां के मोबाइल पर 30 लाख की फिरौती का मैसेज आया था। परिजन ने फिरौती के मैसेज की जानकारी पुलिस को दी थी। पिता का आरोप है कि इसके बाद भी पुलिस हाथ पर हाथ धरे बैठी रही। इस पर उन्होंने 1076 पर शिकायत दर्ज कराई, तो पुलिस सक्रिय हुई।
सिर पर कांच की बोतल मारकर की हत्या
फोन से मैसेज आया था, उसे सर्विलांस पर लगाया गया तो घटना खुल गई। सुराग मिलने पर पुलिस ने आरोपी रोहित और तेज प्रताप को हिरासत में लिया। पूछताछ में उन्होंने अपना जुर्म कबूल कर लिया। आरोपियों के मुताबिक उन्होंने 25 मार्च को ही सिर पर कांच की बोतल मारकर किशोर की हत्या कर दी थी, और शव को रोहित के पशुबाड़े में दफना दिया था।
आरोप- दरोगा मांगता रहा पैसा, बेटे की हो गई हत्या
बुधवार को पुलिस ने पशुबाड़े में खोदाई कर कंकाल बरामद किया। वहीं, उपनिरीक्षक रामऔतार ने का कहना है कि मृतक के परिजन द्वारा उनके ऊपर लगाए जा रहे आरोप निराधार हैं। पिता का आरोप है कि कोतवाली का एक दरोगा बेटे को तलाश करने के नाम पर पैसे की मांग करता रहा। पुलिस तुरंत सक्रिय हो जाती, तो आज उनका बेटा जिंदा होता।
घर न लौटने पर उसकी काफी तलाश की
पिता के मुताबिक 25 मार्च को देर तक घर न लौटने पर उसकी काफी तलाश की। दूसरे दिन पुलिस के पास गए। पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज की और परिजन को खुद तलाश करने की नसीहत देकर शांत बैठ गई। 1076 पर शिकायत दर्ज कराने के बाद पुलिस सक्रिय हुई, तब तक उसके बेटे की हत्या हो चुकी थी।
शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। दो आरोपियों को हिरासत में लिया गया है हर है। बिंदु पर जांच पड़ताल पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। -प्रदीप कुमार वर्मा, एएसपी