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युद्ध थमा: उद्यमियों को मिल सकती बड़ी राहत, 400 करोड़ के निर्यात ऑर्डरों का रास्ता खुला, ये कहते हैं विशेषज्ञ

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: Himanshu Awasthi Updated Thu, 09 Apr 2026 11:18 AM IST
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सार

Kanpur News: कारोबारियों ने बताया कि युद्ध विराम से चमड़ा, प्लास्टिक, इंजीनियरिंग और रसायन उद्योगों को राहत मिलने की संभावना बन गई। आयात लागत में कमी आ सकेगी। समुद्री परिवहन भी धीरे-धीरे सामान्य होगा। 

Kanpur Conflict Subsides Entrepreneurs May Receive Major Relief Path Cleared for Export Orders Worth 400 Crore
असद ईराकी, आलोक श्रीवास्तव और संदीप अवस्थी - फोटो : amar ujala
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विस्तार

अमेरिका और ईरान के बीच 14 दिनों के युद्ध विराम की घोषणा ने शहर के निर्यातकों, उद्यमियों को बड़ी राहत दी है। समुद्र और अलग-अलग देशों के बंदरगाहों पर फंसे 400 करोड़ के निर्यात ऑर्डर अब खरीदारों के पास एक सप्ताह के भीतर पहुंच सकेंगे। होर्मुज जलडमरूमध्य के खुलने से गैस की आपूर्ति में सुधार होगा। कच्चा माल का संकट कम होगा। इससे उत्पादन बढ़ने और आगे नए ऑर्डर मिलने की संभावना बढ़ेगी।

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28 फरवरी से चल रहे युद्ध के चलते शहर से होने वाले आयात-निर्यात पर जबरदस्त असर पड़ा था। कानपुर नगर से गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल (जीसीसी) के देशों में शामिल सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, ओमान, कुवैत, कतर और बहरीन के अलावा इस्राइल, ईरान को बड़े पैमाने पर केमिकल, सैडलरी, चमड़ा के बने उत्पाद, कपड़ा और खाद्य वस्तुएं निर्यात की जाती थीं पर यह ठप हो गया था।

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इकाइयों में डंप पड़ा था तैयार माल
होर्मुज जलडमरूमध्य के बाधित होने से यूरोप तक जाने वाला निर्यात ऑर्डर रुक गया था। निर्यातकों के तमाम ऑर्डर रोक दिए गए थे। इसके चलते तैयार माल इकाइयों में डंप पड़ा था। जो निर्यात ऑर्डर भेजे गए थे, वे समुद्र मार्ग में ही फंस गए थे। इसके अलावा कन्साइमेंट बंदरगाहों पर रोक दिए गए थे। निर्यातकों और कारोबारियों ने बताया कि युद्ध विराम से चमड़ा, प्लास्टिक, इंजीनियरिंग और रसायन उद्योगों को राहत मिलने की संभावना बन गई।

युद्ध विराम की घोषणा शहर के निर्यातकों के लिए बड़ी राहत है। इससे फंसे हुए निर्यात ऑर्डर विदेशी खरीदारों तक पहुंच सकेंगे। अब अमेरिका को भी खुद की समीक्षा करनी चाहिए कि वह क्या कर रहा है। युद्ध के चलते वैश्विक बाजार में अस्थिरता आ गई है।  -असद ईराकी, पूर्व क्षेत्रीय अध्यक्ष, चर्म निर्यात परिषद

400 करोड़ के निर्यात ऑर्डर जो बीच समुद्र या अलग-अलग बंदरगाहों पर फंसे थे, वे अगले एक सप्ताह में संबंधित देशों के खरीदारों तक पहुंच सकेंगे। जीसीसी देशों, ईरान, इस्राइल और यूरोप में भी निर्यात खुल सकेगा।  -आलोक श्रीवास्तव, सहायक निदेशक, फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट आर्गेनाइजेशन

युद्ध विराम से सबसे पहले तो होर्मुज खुल गया है। इससे गैस और पेट्रो उत्पाद आसानी से मिल सकेंगे। अलग-अलग देशों से आने वाला कच्चा माल उद्यमियों को मिल सकेगा। उम्मीद है कि युद्ध अब नहीं होगा। इससे उत्पादन बढ़ने की संभावना है।  -संदीप अवस्थी, नगर अध्यक्ष, लघु उद्योग भारती और निर्यातक

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