रिद्धि-सिद्धि मर्डर: घर में लगे थे छह CCTV, फिर भी नहीं बच पाईं मासूम, मां बोली- अंदेशा होता तो पास सुलाती
Kanpur News: शशिरंजन ने सुरक्षा के लिए घर में छह सीसीटीवी कैमरे लगवाए थे, लेकिन उन्हीं कैमरों के सामने उसने अपनी ही बेटियों की जान ले ली। तकनीक भी रिश्तों की हैवानियत नहीं रोक सकी। बता दें कि रिश्तों का कत्ल करने वाली यह वारदात नई नहीं है। इसके पहले भी कहीं पिता ने गुस्से में बेटे का गला घोंट चुका है, तो कहीं बेटी की हत्या कर चुका है।
विस्तार
कानपुर में दवा कंपनी के सेल्स मैनेजर शशिरंजन ने परिवार की सुरक्षा के लिए हजारों रुपये खर्च कर चप्पे-चप्पे पर सीसीटीवी कैमरे लगवा रखे हैं। ये कैमरे भी उसकी बच्चियों की सुरक्षा नहीं कर सके। करीब टू बीएचके फ्लैट में अंदर से बाहर तक छह कैमरे लगे हैं। शशिरंजन ने बाहरियों से परिवार की सुरक्षा के लिए फ्लैट के बाहर दो कैमरे लगा रखे थे। ड्राइंग रूम, किचेन और बेडरूम और लॉबी में कैमरे लगवाए थे।
पूरे फ्लैट में सिर्फ पत्नी वाले कमरे और बाथरूम में कैमरे नहीं थे। जिस कमरे में दोनों बेटियों की हत्या की गई उसमें भी कैमरा लगा हुआ था। पत्नी रेशमा ने कहा कि सास गीता मिश्रा की मौत पिछले साल हुई है। उसके बाद पति का चिड़चिड़ापन और बढ़ गया। हालांकि इस बात का अंदेशा नहीं था कि वह इतना बढ़ा कदम उठा लेंगे। वरना वह बेटियों को अपने पास ही सुलातीं।
बच्चे किस पर करें भरोसा
अपार्टमेंट के बाहर सुबह भीड़ लगी, तो कई लोग मामला जानने के लिए रुक गए। इसमें कई ऐसे भी रहे जिनके साथ बच्चे भी थे। ऐसे में जिसने भी क्रूर पिता के हाथों बेटियों की जान लेने की बात सुनी उसने पिता को जीभर कर कोसा।
बच गया एक बच्चा, बदल गई पूरी जिंदगी
फ्लैट में अब भी वही दरवाजे हैं, वही खिड़कियां हैं… लेकिन यहां रहने वाला परिवार बिखर चुका है। छह साल के रुद्रव उर्फ गन्नू के लिए, जो उस रात अपने ही घर में मां के पास सुरक्षित सो रहा था। उसके लिए दुनिया अब पहले जैसी कभी नहीं रहेगी। वह अपनी मां के पास, दूसरे कमरे में गहरी नींद में था। सुबह जब दरवाजे पर दस्तक हुई और घर के भीतर हलचल बढ़ी, तब भी वह मासूम उसी तरह अनजान, बेखबर सोता रहा।
अपने कर रहे अपनों का कत्ल
किदवईनगर, के- ब्लॉक स्थित त्रिमूर्ति अपार्टमेंट के फ्लैट नंबर-जी फोर में पिता शशिरंजन ने अपनी जुड़वां बेटियों रिद्धि और सिद्धि की नृशंस हत्या कर दी। वारदात ने हर किसी के दिल को झकझोर कर रख दिया। हालांकि, रिश्तों का कत्ल करने वाली यह वारदात नई नहीं है। इसके पहले भी कहीं पिता ने गुस्से में बेटे का गला घोंट चुका है तो कहीं बेटी की हत्या कर चुका है।
पूर्व में हुई कुछ वारदात
- जनवरी 2026 में घाटमपुर में सुरेंद्र यादव ने खाना न बनने से नाराज होकर गुस्से में अपने बेटे लवांश और पत्नी रूबी की बांके से काटकर हत्या कर दी थी।
- मार्च 2023 में रावतपुर के राणाप्रतापनगर में 16 वर्षीय बेटी के प्रेमप्रसंग से नाराज पिता ने उसकी मोबाइल चार्जर के तार से गला कसकर हत्या कर दी थी।
- मार्च 2023 में कल्याणपुर थाना क्षेत्र के कश्यपनगर में प्रेम प्रसंग से नाराज होकर पिता ने नाबालिग बेटी की गला दबाकर हत्या कर दी थी। उसका पड़ोसी युवक से प्रेम संबंध था।
- नवंबर 2023 में चकेरी थाना क्षेत्र के अहिरवां निवासी गणेश निषाद ने क्रिकेट मैच देखने का विरोध करने पर बेटे दीपक निषाद की मोबाइल चार्जर के तार से गला कसकर हत्या कर दी थी।
- सितंबर 2022 में बिल्हौर के मकनपुर में रागिनी सक्सेना ने पहले अपनी तीन वर्षीय बेटी अंशी और दुधमुंही प्रियांशी की हत्या की, फिर खुद फंदे से लटककर जान दे दी।
- दिसंबर 2021 में कल्याणपुर थाना क्षेत्र के इंदिरानगर में डॉ. सुशील ने पत्नी और तीन बच्चों को जहर देकर हत्या करने के बाद खुद खुदकुशी कर ली थी।

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