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Kanpur: छह करोड़ के गांजे के साथ तस्कर गिरफ्तार, डीसीएम में छिपाकर रखा था 4.5 क्विंटल गांजा
Mon, 06 Jul 2026 12:23 AM IST
Shikha Pandey
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: Shikha Pandey
Updated Mon, 06 Jul 2026 12:23 AM IST
सार
4.5 क्विंटल गांजा डीसीएम में छिपाकर रखा था। सजेती के पास से गाड़ी पकड़ी गई। उड़ीसा से लाकर दिल्ली, हरियाणा, एनसीआर और पंजाब में बेचने की तैयारी थी।
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गांजे के साथ तस्कर गिरफ्तार
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
सजेती के बरीपाल मार्केट के पास रविवार शाम एडीसीपी साउथ की टीम ने उड़ीसा से डीसीएम में छिपा कर लाया गया करीब 4.4 क्विटंल गांजा पकड़ा है। इसकी बाजार में कीमत करीब छह करोड़ रुपये है। चालक ने गांजे को डीसीएम में विशेष रूप से बनाए गए हिस्से में छिपाकर रखा था। पकड़ा गया चालक जयपुर निवासी रामेश्वर है। वह माल को दिल्ली, हरियाणा और पंजाब में बेचने के लिए ले जा रहा था।
एडीसीपी साउथ सुमित सुधाकर रामटेके ने बताया कि सूचना मिली थी कि एक गाड़ी में भारी मात्रा में गांजा शहर के रास्ते दिल्ली, एनसीआर ले जाया जा रहा है। टीम ने चेकिंग शुरू की और संदिग्ध डीसीएम को रोक लिया। पहले देखने में यह खाली नजर आई। हालांकि चालक से कड़ाई से पूछताछ करने पर डीसीएम के पिछले भाग में बने विशेष रूप से तैयार गुप्त चैंबर को खोला। इसमें गांजा रखा गया था। चालक ने बताया कि वह गांजे की इस खेप को उड़ीसा के नवरंगपुर से खरीदकर ला रहा है। इसे दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और एनसीआर इलाके में ऊंचे दामों पर बेचा जाना था।
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एडीसीपी साउथ सुमित सुधाकर रामटेके ने बताया कि सूचना मिली थी कि एक गाड़ी में भारी मात्रा में गांजा शहर के रास्ते दिल्ली, एनसीआर ले जाया जा रहा है। टीम ने चेकिंग शुरू की और संदिग्ध डीसीएम को रोक लिया। पहले देखने में यह खाली नजर आई। हालांकि चालक से कड़ाई से पूछताछ करने पर डीसीएम के पिछले भाग में बने विशेष रूप से तैयार गुप्त चैंबर को खोला। इसमें गांजा रखा गया था। चालक ने बताया कि वह गांजे की इस खेप को उड़ीसा के नवरंगपुर से खरीदकर ला रहा है। इसे दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और एनसीआर इलाके में ऊंचे दामों पर बेचा जाना था।
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फिल्मी स्टाइल में नोट के आधे हिस्से और चाबी से होता था सौदा
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि गांजा तस्करों ने पहचान सुनिश्चित करने के लिए फिल्मी स्टाइल अपनाया हुआ है। गांजा लोड कराने और डिलीवरी लेने वाले व्यक्ति को पहले से करेंसी नोट का आधा हिस्सा दिया जाता है। दूसरा पक्ष जब नोट का बचा हुआ आधा हिस्सा देता है तो उसे मिलान कर डीसीएम की चाबी लेकर वाहन के गुप्त चैंबर में गांजे की खेप लाद दी जाती थी। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस गिरोह से जुड़े अन्य सदस्य कौन हैं। डीसीपी साउथ दीपेंद्र नाथ चौधरी ने बताया कि ऑपरेशन व्हाइट पाउडर के तहत पिछले कुछ माह में 2000 किलो तक नशीले पदार्थ की बरामदगी हो चुकी है।
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि गांजा तस्करों ने पहचान सुनिश्चित करने के लिए फिल्मी स्टाइल अपनाया हुआ है। गांजा लोड कराने और डिलीवरी लेने वाले व्यक्ति को पहले से करेंसी नोट का आधा हिस्सा दिया जाता है। दूसरा पक्ष जब नोट का बचा हुआ आधा हिस्सा देता है तो उसे मिलान कर डीसीएम की चाबी लेकर वाहन के गुप्त चैंबर में गांजे की खेप लाद दी जाती थी। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस गिरोह से जुड़े अन्य सदस्य कौन हैं। डीसीपी साउथ दीपेंद्र नाथ चौधरी ने बताया कि ऑपरेशन व्हाइट पाउडर के तहत पिछले कुछ माह में 2000 किलो तक नशीले पदार्थ की बरामदगी हो चुकी है।