Kanpur: शेयर बाजार का ‘मूड’ खराब,100 में से 98 SIP हो रहे बंद, 20% घटा डिलीवरी वॉल्यूम, आंकड़े बढ़ा रहे चिंता
Kanpur News: शेयर बाजार में वैश्विक अनिश्चितता के कारण कानपुर में निवेश का व्यवहार बदल गया है। जहां एसआईपी बंद होने की दर 98 प्रतिशत तक पहुंच गई है। वहीं शेयर ट्रेडिंग का कैश टर्नओवर 200 करोड़ से घटकर 175 करोड़ रुपये रह गया है।
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विस्तार
- केस- एक: राकेश कुमार ने कोविड काल के बाद शेयर बाजार में आई तेजी को देखते हुए इक्विटी म्यूचुअल फंडों में एसआईपी शुरू की थी। शुरुआती एक वर्ष में उन्हें अच्छा रिटर्न मिला लेकिन कुछ समय से बाजार में उतार-चढ़ाव बढ़ने और रिटर्न सीमित रहने से उनका पोर्टफोलियो लंबे समय तक लगभग स्थिर बना रहा। जब लगातार छह से आठ महीने तक कुछ खास रिटर्न नहीं मिला तो उन्होंने एसआईपी बंद कर दी।
- केस- दो: पूजा त्रिवेदी पिछले पांच साल से नियमित एसआईपी चला रही थीं, लेकिन 2026 की शुरुआत में उन्होंने दो पुराने फंडों की एसआईपी बंद कर दी और उसी राशि को दूसरे फंड में एकमुश्त स्थानांतरित कर दिया।
- केस- तीन: राजेश कुमार ने 2018 में बेटी की उच्च शिक्षा के लिए एसआईपी शुरू की थी। सात साल में उनका निवेश और रिटर्न मिलाकर कई लाख रुपये का कोष तैयार हो गया। 2026 में बेटी के दाखिले के बाद उन्होंने संबंधित एसआईपी बंद कर दी और राशि निकाल ली। दरअसल शेयर बाजार में उथल-पुथल के कारण इसे आगे नहीं बढ़ाया।
शेयर बाजार में जारी अनिश्चितता का असर निवेशकों के निवेश व्यवहार में भी दिखाई देने लगा है। म्यूचुअल फंड एसआईपी खातों के बंद होने की संख्या बढ़ रही है। 100 नए एसआईपी (सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान) खुल रहे हैं तो 98 बंद हो गए या उनकी अवधि पूरी हो गई। शेयर बाजार के कैश सेगमेंट में डिलीवरी आधारित निवेश भी प्रभावित हुआ है। शहर के निवेशकों के कैश सेगमेंट में डिलीवरी वॉल्यूम में करीब 20 प्रतिशत की गिरावट आई है।
एसआईपी बंद होने की दर लगातार बढ़ रही
एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया की हालिया रिपोर्ट में ये खुलासा हुआ है। एसआईपी बंद होने की दर लगातार बढ़ रही है। वित्तीय वर्ष 2023-24 में जहां बंद एसआईपी और नए एसआईपी खुलने का रेशियो 52 प्रतिशत था। अब 2026-27 में यह बढ़कर 98 प्रतिशत हो गया। वित्तीय वर्ष 2026-27 के 31 मई तक कानपुर में 49,289 नए एसआईपी खुले जबकि 48,405 एसआईपी बंद हुए। यानी लगभग हर 100 नए एसआईपी पर 98 एसआईपी बंद हो रहे हैं।
रिटर्न न मिलने से निवेशकों का धैर्य प्रभावित हो रहा
कानपुर में एसआईपी एयूएम चार साल में 60 प्रतिशत बढ़कर 5,000 करोड़ रुपये से 8,000 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। यह प्रवृत्ति संकेत देती है कि बाजार में अस्थिरता और अपेक्षित रिटर्न न मिलने से निवेशकों का धैर्य प्रभावित हो रहा है। हालांकि कुल निवेश राशि और एयूएम अभी भी बढ़ रहे हैं। वहीं, पहले शहर में प्रतिदिन 200 करोड़ की शेयर ट्रेडिंग होती थी, अब 175 करोड़ के स्तर पर आ गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि वैश्विक अनिश्चतता के चलते बाजार में उथल-पुथल मची हुई है।
निवेश की तुलना में ट्रेडिंग की ओर अधिक झुकाव
रिटर्न न मिलने से लोगों ने बाजार से दूरी बनानी शुरू की है। रिपोर्ट के मुताबिक निवेशक लंबी अवधि के लिए शेयर खरीदने की बजाय फिलहाल सतर्क रुख अपना रहे हैं। हालांकि इंट्राडे ट्रेडिंग और वायदा एवं विकल्प (फ्यूचर एंड ऑप्शन) कारोबार में कोई उल्लेखनीय कमी नहीं आई है। इससे संकेत मिलता है कि निवेशकों का एक बड़ा वर्ग अब भी बाजार में सक्रिय है, लेकिन उसका झुकाव निवेश की तुलना में ट्रेडिंग की ओर अधिक है।
सिप बंद होने के प्रमुख कारण
- बाजार में अस्थिरता और गिरावट का डर।
- आर्थिक तंगी या नकदी की जरूरत।
- लक्ष्य की प्राप्ति।
- गलत निवेश योजना या सलाह।
- धैर्य की कमी।
- बढ़ती महंगाई और खर्च।
शेयर बाजार में अनिश्चितता और बेहतर रिटर्न न मिलने से निवेशक एसआईपी बंद कर रहे हैं। एसआईपी बंद करने का प्रतिशत 98 प्रतिशत तक हो गया है। यानी 100 नए एसआईपी खुल रहे तो 98 बंद हो रहे हैं। शहर में शेयर ट्रेडिंग भी घटी है। पहले प्रतिदिन 200 करोड़ का कैश टर्नओवर था जो अब 175 करोड़ के स्तर पर आया है। हालांकि निवेशकों को लंबी अवधि के लक्ष्य को ध्यान में रखकर निवेश करना चाहिए। बाजार में आने वाले समय में सुधार भी तेजी से आएगा। -राजीव सिंह, को-फाउंडर, केश्री ब्रोकिंग