UP: क्या जांच के लायक बचा है कटा हाथ? मेडिकल कॉलेज की कवायद तेज, अब कमेटी की मौजूदगी में खुलेगा लापरवाही का सच
Kanpur News: आईटीबीपी जवान की मां का हाथ काटे जाने के मामले में मेडिकल कॉलेज ने निष्पक्ष जांच के लिए डीएम से छह सदस्यीय कमेटी बनाने की मांग की है। हिस्टोपैथालॉजी और डीएनए टेस्ट के जरिए लापरवाही के आरोपों की पुष्टि की जाएगी।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
कानपुर में आईटीपीबी जवान की मां के कटे हाथ की जांच छह सदस्यीय कमेटी की मौजूदगी में की जाए। इसके लिए सोमवार को जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने जिलाधिकारी को पत्र लिखा है। खागा (फतेहपुर) निवासी आईटीबीपी जवान विकास सिंह की मां निर्मला देवी को सांस लेने में तकलीफ होने पर 13 मई को कृष्णा हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। विकास सिंह का आरोप है कि इस अस्पताल में इलाज में लापरवाही हुई।
वहां से वह मां को पारस अस्पताल में ले गए यहां 17 मई को डॉक्टरों ने उनकी मां का एक हाथ काट दिया। मामला तूल पकड़ने पर पुलिस ने 30 मई को कटा हाथ जीएसवीएम मेडिकल कालेज को हिस्टोपैथालॉजी जांच के लिए दिया। उधर, मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. संजय काला ने इसकी जांच के लिए सोमवार को छह सदस्यीय कमेटी गठित करने की संस्तुति करते हुए जिलाधिकारी को पत्र लिखा है। प्राचार्य ने बताया कि कमेटी में एक-एक न्यायिक अधिकारी, प्रशासनिक अधिकारी, पुलिस अधिकारी, स्वास्थ्य विभाग का अधिकारी होना चाहिए।
टिश्यू जांच करने लायक बचे भी हैं या नहीं
उन्होंने भी जांच कमेटी में शामिल करने के लिए पैथालॉजी विभाग के डॉ. रोहित सिंह और डॉ. प्रिया सचान को नामित किया है। डीएनए टेस्ट कराने पर भी जोर दिया है। बताया कि कमेटी के सामने सील खोलने के बाद कटे हाथ की हिस्टोपैथालॉजी जांच के लिए सील खोली जाएगी। इसके लिए सीएमओ बताएं कि कई दिन पहले कटे हाथ के किस हिस्से के टिश्यू की जांच करनी है। इसके लिए प्रोविजनल फार्म भरकर दें। उन्होंने जांचें भी नहीं दी हैं। सील खोलने पर पता चलेगा कि हाथ जांच के टिश्यू हिस्टोपैथालॉजी जांच करने लायक बचे भी हैं या नहीं।