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Kanpur: व्यापारियों का करोड़ों का रिफंड फंसा, वैट सर्वर बंद होने पर कांग्रेस का प्रदर्शन, ज्ञापन भी सौंपा

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: Himanshu Awasthi Updated Thu, 23 Apr 2026 03:16 PM IST
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सार

Kanpur News: कांग्रेस ने वैट सर्वर बंद होने से रुके रिफंड और ई-वे बिल के नाम पर व्यापारियों के उत्पीड़न के खिलाफ एडिशनल कमिश्नर को ज्ञापन सौंपा। अधिकारियों ने सर्वर की समस्या स्वीकारते हुए शासन को पत्र लिखने और रजिस्ट्रेशन संबंधी नियमों में राहत देने का आश्वासन दिया है।

Kanpur Traders Refunds Worth Crores Stuck Congress Stages Protest Over VAT Server Shutdown Submits Memorandum
कमिश्नर को ज्ञापन सौंपते कांग्रेसी - फोटो : amar ujala
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विस्तार

कानपुर महानगर कांग्रेस ने वैट (पुरानी प्रणाली) के सर्वर बंद होने के कारण रिफंड और जीएसटी से संबंधित अन्य समस्याओं के संबंध में महानगर अध्यक्ष पवन गुप्ता की अगुआई में एडिशनल कमिश्नर ग्रेड-वन विजय प्रकाश राम से मुलाकात की और ज्ञापन सौंपा। पवन गुप्ता ने कहा की कानपुर के हजारों छोटे व मध्यमवर्गीय व्यापारीयों को न्याय मिले। कांग्रेसजनों ने पहले कार्यालय के बाहर जोरदार नारेबाजी की।

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कानपुर महानगर कांग्रेस के अध्यक्ष  ने बताया कि कानपुर के व्यापारियों  द्वारा लगातार अवगत करवाया जा रहा है कि जीएसटी लागू होने से पहले के मामलों में वैट संबंधित रिफंड या अन्य कई कार्यवाहियाँ केवल इसलिए रुकी हुई है कि वैट सर्वर ही बंद है। ज्यादा हैरत की बात ये है कि कई लोगों द्वारा कारण बताया जा रहा है कि सर्वर वालों का पेमेंट न होने के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई है।

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नहीं हो पा रहा वैट संबंधित पुराने मामलों का निस्तारण
पवन गुप्ता ने कहा कि कानपुर को औद्योगिक राजधानी कहा जाता है। और यहां के व्यापारी इस समस्या के कारण बहुत परेशान हैं। कई व्यापारियों के रिफंड नहीं प्रॉसेस हो पा रहे या वैट संबंधित पुराने मामलों का निस्तारण भी नहीं हो पा रहा है। इस दौरान वर्षों के एक्स पार्टी में डायरेक्ट अपील नहीं सेक्शन 32 पहले की तरह लागू करने की मांग उठाई।

सर्वर बंद होने की बात को माना
जुलाई 2017 ( जीएसटी लागू होने ) के पहले के केस ना खोले जाने, एरियावार कार्यक्षेत्र का परिसीमन स्पष्ट रूप से दिखना चाहिए ताकि करदाता व्यापारी परेशान न हो। ईवे बिल में मामूली गलती पर वाहन  ना रोके जाने, जीएसटी पंजीकरण में सेक्टर गलत लिखने पर पंजीकरण  कैंसिल न किए जाने की मांग उठाई। एडिशनल कमिश्नर ने सर्वर बंद होने की बात को माना और आश्वासन दिया कि तत्काल शासन को लिखा जाएगा।





सेक्टर लिखने की गलती पर पंजीकरण रद्द नहीं होगा
साथ ही, उन्होंने आश्वासन दिया कि उनके रहते ई-वे बिल के मामले में किसी व्यापारी का उत्पीड़न नहीं होने देंगे। कार्य विभाजन और परिसीमन स्पष्ट रूप से कार्यालय में डिस्प्ले किया जाएगा। सेक्टर लिखने की गलती पर पंजीकरण रद्द नहीं होगा। एकपक्षीय कर निर्धारण पर सेक्शन 32 वाली कार्यवाही पुनः शुरू करने पर अधिकारी भी सहमत हैं। अन्य सभी मुद्दों को भी शासन से तत्काल उठाया जाएगा।

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