{"_id":"69bb0f1a6dee3f4d8900e27f","slug":"life-imprisonment-for-son-who-shot-and-killed-his-father-kanpur-news-c-220-1-sknp1003-139962-2026-03-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kanpur News: गोली मार कर हत्या पिता की करने वाले बेटे को उम्रकैद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kanpur News: गोली मार कर हत्या पिता की करने वाले बेटे को उम्रकैद
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
Updated Thu, 19 Mar 2026 02:16 AM IST
विज्ञापन
विज्ञापन
कानपुर देहात। सिकंदरा थाना क्षेत्र नसीरपुर गांव में नवंबर 2020 में बेटे ने टीवी बंद करने को लेकर हुए विवाद में पिता की गोली मारकर हत्या की थी। इस मामले की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक आनंद प्रिय गौतम की अदालत में चल रही थी। मंगलवार को अदालत ने बेटे को दोषी करार दिया था। बुधवार को सजा के बिंदुओं पर सुनवाई करते हुए उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही अर्थदंड भी लगाया है।
नसीरपुर निवासी अशोक कटियार ने अपनी लाइसेंसी बंदूक से पिता लालाराम कटियार को गोली मारी थी। मामले में भतीजे रिषभ कटियार की तहरीर पर पुलिस ने हत्या का मुकदमा दर्ज किया था। रिषभ ने चार नवंबर 2020 को पुलिस को बताया कि वह रात नौ बजे घर में टीवी देख रहा था। उसके साथ बूढ़ी दादी, मां और बाबा लालाराम कटियार भी बैठे थे। उसी दौरान चाचा अशोक कटियार शराब के नशे में धुत होकर आए और टीवी बंद करने को कहने लगे। रिषभ ने थोड़ी देर में टीवी बंद करने को कहा तो अशोक गाली-गलौज करने लगा। बाबा लालाराम ने उसे गाली देने से मना किया तो अशोक ने उन्हें गोली मार दी। लालाराम को सिकंदरा अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद अशोक कटियार घर से भाग गया था।
मामले की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायालय 14 फास्ट ट्रैक अदालत में चल रही थी। सहायक शासकीय अधिवक्ता ने अभियोजन पक्ष रखा। उन्होंने बताया कि सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने तर्क दिया कि बंदूक की छीनाझपटी के दौरान यह घटना हुई थी।
उन्होंने कहा कि अभियुक्त की गोली मारने की कोई मंशा नहीं थी। अभियोजन पक्ष ने इस तर्क का पुरजोर विरोध किया। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलों, साक्ष्य और गवाहों के बयानों पर मंगलवार को अशोक को दोषी ठहराया था। बुधवार को अदालत ने सजा के बिंदुओं पर सुनवाई की। अदालत ने दोषी बेटे को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही उस पर 17 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है।
Trending Videos
नसीरपुर निवासी अशोक कटियार ने अपनी लाइसेंसी बंदूक से पिता लालाराम कटियार को गोली मारी थी। मामले में भतीजे रिषभ कटियार की तहरीर पर पुलिस ने हत्या का मुकदमा दर्ज किया था। रिषभ ने चार नवंबर 2020 को पुलिस को बताया कि वह रात नौ बजे घर में टीवी देख रहा था। उसके साथ बूढ़ी दादी, मां और बाबा लालाराम कटियार भी बैठे थे। उसी दौरान चाचा अशोक कटियार शराब के नशे में धुत होकर आए और टीवी बंद करने को कहने लगे। रिषभ ने थोड़ी देर में टीवी बंद करने को कहा तो अशोक गाली-गलौज करने लगा। बाबा लालाराम ने उसे गाली देने से मना किया तो अशोक ने उन्हें गोली मार दी। लालाराम को सिकंदरा अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद अशोक कटियार घर से भाग गया था।
विज्ञापन
विज्ञापन
मामले की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायालय 14 फास्ट ट्रैक अदालत में चल रही थी। सहायक शासकीय अधिवक्ता ने अभियोजन पक्ष रखा। उन्होंने बताया कि सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने तर्क दिया कि बंदूक की छीनाझपटी के दौरान यह घटना हुई थी।
उन्होंने कहा कि अभियुक्त की गोली मारने की कोई मंशा नहीं थी। अभियोजन पक्ष ने इस तर्क का पुरजोर विरोध किया। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलों, साक्ष्य और गवाहों के बयानों पर मंगलवार को अशोक को दोषी ठहराया था। बुधवार को अदालत ने सजा के बिंदुओं पर सुनवाई की। अदालत ने दोषी बेटे को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही उस पर 17 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है।