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Mahoba: तानों से तंग आकर नौकरानी ने बेटे के साथ मिलकर की थी मालकिन की हत्या
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, महोबा
Published by: Shikha Pandey
Updated Mon, 02 Mar 2026 05:23 PM IST
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गिरफ्त में आरोपी नौकरानी व उसका बेटा
- फोटो : अमर उजाला
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महोबा में खोया मंडी में 25 फरवरी को हुई हत्या की घटना का पुलिस व एसओजी टीम ने खुलासा किया है। मकान मालकिन के तानों से तंग आकर नौकरानी ने ही बेटे के साथ मिलकर हत्या की वारदात को अंजाम दिया था। तकिया से मुंह और गला दबाकर घटना को चोरी का रूप देने के लिए मालकिन के कान के बाले भी खींच लिए थे। पुलिस ने घटना में शामिल नौकरानी व उसके बेटे को गिरफ्तार किया है।
खोया मंडी निवासी संतोष पुरवार किराना की दुकान चलाते हैं और पत्नी किरन पुरवार (65) घर में अकेली रहती थी। किरन को पैरालिसिस का अटैक हुआ था, तब से वह चलने-फिरने में काफी परेशानी महसूस करती थीं। घर के कामकाज के लिए नयापुरा बंधानवार्ड निवासी आशा रैकवार को उन्होंने नौकरानी के रूप में रखा था। रोजाना ही आशा शाम करीब 6 बजे काम करने आती थी। 25 फरवरी को जब रात दस बजे संतोष पुरवार अपनी दुकान बंदकर घर पहुंचे तो पत्नी किरन अचेत अवस्था में पड़ी मिली। उन्होंने आवाज लगाई और हिलाकर देखा तो किरन की मौत हो चुकी थी। किरन के कान के बाले खींचकर निकाले गए थे। इससे उसके कान पर चोट के निशान थे। जनपद प्रयागराज निवासी मृतका के दामाद विशाल ने इस मामले में हत्या की आशंका जताई थी। घटना के बाद पुलिस अधिकारियों ने यहां का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए।
सीओ सिटी अरुण कुमार सिंह ने बताया कि घटना के बाद जुटाए गए तथ्यों के आधार पर पुलिस को नौकरानी आशा पर संदेह हुआ। उससे कड़ाई से पूछताछ करने पर आशा ने अपने बेटे सोनू के साथ मिलकर हत्या की वारदात को अंजाम देने की बात स्वीकारी। आरोपी आशा ने पुलिस को बताया कि मकान मालकिन चलने-फिरने में सक्षम नहीं थी, इसलिए हर काम उससे ही कराती थी। जब वह किसी काम को मना कर देती तो मालकिन उसके साथ गाली गलौज करते हुए ताने मारती थी। लगातार विवाद और तानों से परेशान होकर उसने अपने काम के रुपये मांगे। इसको लेकर भी 25 फरवरी को विवाद हुआ। विवाद की जानकारी जब उसने अपने बेटे सोनू को दी तो वह भी मौके पर आ गया। सोनू ने तकिया से किरन का गला दबा दिया और आशा ने हाथ पकड़े। कुछ ही देर में किरन की मौत हो गई। घटना को चोरी या लूट दिखाने के लिए उसने कान से बाले निकाल लिए। आरोपियों को पालिटेक्निक कॉलेज के पास से गिरफ्तार किया गया। दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया।
टूटी चूड़ी से जुड़ी कड़ियां और हो गया खुलासा
सीओ सिटी अरुण कुमार सिंह ने बताया कि पुलिस इस मामले की छानबीन कर रही थी और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरे खंगाले जा रहे थे। मामला संदिग्ध था, फिर भी किसी बाहरी व्यक्ति के आने-जाने के बारे में सुराग नहीं लगा। मौके पर टूटी हुई कुछ चूड़ियां पड़ी थीं। घर में आती-जाती महिलाओं की चूड़ियाें से इनका मिलान किया जा रहा था। नौकरानी आशा की चूड़ियाें से इनका मिलान हुआ तो हत्या की कड़ियां जुड़ने लगीं। कड़ाई से पूछताछ करने पर आशा ने पुलिस को बताया कि मकान मालकिन किरन के व्यवहार से वह बहुत आहत हो गई थी और उसे मारने का प्लान बना लिया था। वह रोजाना शाम 6 बजे उसके घर काम करने जाती थी लेकिन लोगों को शक न हो, इसलिए वह 25 फरवरी को शाम 4 बजे ही काम करके घर चली गई थी। देर शाम दोबारा किरन के घर पहुंची और विवाद के बाद उसकी हत्या कर दी। टूटी चूड़ी से पुलिस कड़ियां जोड़ते हुए आरोपियों तक पहुंची और अंधे हत्याकांड का खुलासा किया।
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खोया मंडी निवासी संतोष पुरवार किराना की दुकान चलाते हैं और पत्नी किरन पुरवार (65) घर में अकेली रहती थी। किरन को पैरालिसिस का अटैक हुआ था, तब से वह चलने-फिरने में काफी परेशानी महसूस करती थीं। घर के कामकाज के लिए नयापुरा बंधानवार्ड निवासी आशा रैकवार को उन्होंने नौकरानी के रूप में रखा था। रोजाना ही आशा शाम करीब 6 बजे काम करने आती थी। 25 फरवरी को जब रात दस बजे संतोष पुरवार अपनी दुकान बंदकर घर पहुंचे तो पत्नी किरन अचेत अवस्था में पड़ी मिली। उन्होंने आवाज लगाई और हिलाकर देखा तो किरन की मौत हो चुकी थी। किरन के कान के बाले खींचकर निकाले गए थे। इससे उसके कान पर चोट के निशान थे। जनपद प्रयागराज निवासी मृतका के दामाद विशाल ने इस मामले में हत्या की आशंका जताई थी। घटना के बाद पुलिस अधिकारियों ने यहां का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए।
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सीओ सिटी अरुण कुमार सिंह ने बताया कि घटना के बाद जुटाए गए तथ्यों के आधार पर पुलिस को नौकरानी आशा पर संदेह हुआ। उससे कड़ाई से पूछताछ करने पर आशा ने अपने बेटे सोनू के साथ मिलकर हत्या की वारदात को अंजाम देने की बात स्वीकारी। आरोपी आशा ने पुलिस को बताया कि मकान मालकिन चलने-फिरने में सक्षम नहीं थी, इसलिए हर काम उससे ही कराती थी। जब वह किसी काम को मना कर देती तो मालकिन उसके साथ गाली गलौज करते हुए ताने मारती थी। लगातार विवाद और तानों से परेशान होकर उसने अपने काम के रुपये मांगे। इसको लेकर भी 25 फरवरी को विवाद हुआ। विवाद की जानकारी जब उसने अपने बेटे सोनू को दी तो वह भी मौके पर आ गया। सोनू ने तकिया से किरन का गला दबा दिया और आशा ने हाथ पकड़े। कुछ ही देर में किरन की मौत हो गई। घटना को चोरी या लूट दिखाने के लिए उसने कान से बाले निकाल लिए। आरोपियों को पालिटेक्निक कॉलेज के पास से गिरफ्तार किया गया। दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया।
टूटी चूड़ी से जुड़ी कड़ियां और हो गया खुलासा
सीओ सिटी अरुण कुमार सिंह ने बताया कि पुलिस इस मामले की छानबीन कर रही थी और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरे खंगाले जा रहे थे। मामला संदिग्ध था, फिर भी किसी बाहरी व्यक्ति के आने-जाने के बारे में सुराग नहीं लगा। मौके पर टूटी हुई कुछ चूड़ियां पड़ी थीं। घर में आती-जाती महिलाओं की चूड़ियाें से इनका मिलान किया जा रहा था। नौकरानी आशा की चूड़ियाें से इनका मिलान हुआ तो हत्या की कड़ियां जुड़ने लगीं। कड़ाई से पूछताछ करने पर आशा ने पुलिस को बताया कि मकान मालकिन किरन के व्यवहार से वह बहुत आहत हो गई थी और उसे मारने का प्लान बना लिया था। वह रोजाना शाम 6 बजे उसके घर काम करने जाती थी लेकिन लोगों को शक न हो, इसलिए वह 25 फरवरी को शाम 4 बजे ही काम करके घर चली गई थी। देर शाम दोबारा किरन के घर पहुंची और विवाद के बाद उसकी हत्या कर दी। टूटी चूड़ी से पुलिस कड़ियां जोड़ते हुए आरोपियों तक पहुंची और अंधे हत्याकांड का खुलासा किया।
