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Kanpur: वकील को हिरासत से छुड़ाने थाने पहुंचा मेयर का बेटा, इंस्पेक्टर से हुई बहस, पुलिस ने लिखापढ़ी कर छोड़ा

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: Himanshu Awasthi Updated Wed, 04 Mar 2026 10:33 AM IST
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सार

Kanpur News: फर्जी डिग्री मामले में किदवईनगर पुलिस द्वारा हिरासत में लिए गए वकील को छुड़ाने के लिए महापौर के बेटे अनुराग पांडेय ने थाने में हंगामा किया। पुलिस ने लिखा-पढ़ी के बाद वकील को छोड़ दिया है, लेकिन जांच जारी है।

Kanpur Mayors son reached police station to free lawyer from custody got into an argument with the inspector
थाने के बाहर पुलिस से महापौर के बेटे अनुराग पांडे़य की कहासुनी - फोटो : amar ujala
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विस्तार

कानपुर में एलएलबी की डिग्री खरीदने के मामले में पूछताछ के लिए सोमवार शाम को किदवईनगर पुलिस ने बाबूपुरवा निवासी अधिवक्ता शमशाद अली को हिरासत में लिया। छुड़ाने महापौर का बेटा अनुराग पांडेय और अन्य लोग वहां पहुंच गए। करीब एक घंटे तक चले हंगामे के बाद पुलिस ने शमशाद को लिखापढ़ी के बाद अनुराग के साथ जाने दिया। इससे जुड़ा एक वीडियो मंगलवार को सोशल मीडिया पर वायरल रहा।

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किदवईनगर पुलिस ने 18 फरवरी को जूही कलां स्थित शैल ग्रुप ऑफ एजुकेशन के कार्यालय में छापा मारा था। पुलिस को उत्तर प्रदेश सहित नौ राज्यों के 14 प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों की मार्कशीट और डिग्रियां मिलीं थीं। पुलिस ने मौके से गिरोह के सरगना रायबरेली के ऊंचाहार निवासी शैलेंद्र कुमार ओझा, गाजियाबाद निवासी जोगेंद्र, कौशांबी निवासी नागेंद्र मणि त्रिपाठी तथा शुक्लागंज निवासी अश्वनी कुमार को गिरफ्तार किया था।

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10 अधिवक्ताओं को एलएलबी की डिग्री बेची थी
वहीं शुभम दुबे, शेखू, छतरपुर निवासी मयंक भारद्वाज, हैदराबाद निवासी मनीष उर्फ रवि और गाजियाबाद निवासी विनीत की भी भूमिका सामने आने के बाद पुलिस उन्हें तलाश कर रही है। आरोपियों ने पूछताछ में बताया था कि उन्होंने बाबूपुरवा के अजीतगंज निवासी अधिवक्ता शमशाद अली समेत 10 अधिवक्ताओं को एलएलबी की डिग्री बेची थी। इसके बाद मंगलवार को किदवईनगर पुलिस अधिवक्ता शमशाद अली को पूछताछ के लिए किदवईनगर थाने लाई थी, जहां उनसे पूछताछ की जानी थी।

अनुराग ने कहा कि कोई फोन नहीं उठा रहा है
शमशाद को थाने लाए जाने की सूचना पर कुछ लोग किदवईनगर थाने पहुंचे और उसे छोड़ने को कहा। इस बीच महापौर का अधिवक्ता बेटा अनुराग पांडेय भी अन्य अधिवक्ताओं के साथ थाने पहुंचा। वह शमशाद को थाने लाने का विरोध कर रहा था। इस बीच इंस्पेक्टर धर्मेंद्र कुमार राम से उनकी तीखी बहस हुई। इंस्पेक्टर ने अनुराग से कहा कि आप अधिकारियों से बात करिये। इस पर अनुराग ने कहा कि कोई फोन नहीं उठा रहा है।

ये भागे तो मेरे ऊपर मुकदमा लिख देना
ये भी वकील हैं कोई हत्यारा या मुल्जिम नहीं है। मैं इसका हाथ पकड़े हूं, ये भागे तो मेरे ऊपर मुकदमा लिख देना। इस पर इंस्पेक्टर ने कहा कि यह कहीं भाग नहीं पाएंगे। आप इनको बैठाओ। इसके बाद आधे घंटे में अधिकारियों के आने की बात कहते हुए अनुराग और उनके कुछ साथी पुलिसकर्मी संग थाने के अंदर चले गए, जबकि पुलिस कर्मियों ने अन्य को बाहर कर दिया। डीसीपी साउथ दीपेंद्र नाथ चौधरी ने बताया कि शमशाद अली को केवल पूछताछ के लिए बुलाया गया था। जांच की जा रही है।

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