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UP: 'सिर पर पहला वार, फिर लगातार प्रहार', भाई को कुल्हाड़ी से काट डाला; चाचा की जमीन भी बनी रंजिश की वजह
Wed, 29 Jul 2026 03:06 PM IST
Sharukh Khan
अमर उजाला नेटवर्क, इटावा
अमर उजाला नेटवर्क, इटावा
Published by: Sharukh Khan
Updated Wed, 29 Jul 2026 03:06 PM IST
सार
यूपी के इटावा में मकान निर्माण के विवाद में भाई की कुल्हाड़ी से वार कर हत्या कर दी गई। पुलिस ने आरोपी को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया है। गांव के लोगों ने बताया कि आरोपी ने पहले विनय के सिर पर कुल्हाड़ी से वार किया। जमीन पर गिरने के बाद भी उसने कई वार किए। वह तब तक हमला करता रहा, जब तक विनय ने दम नहीं तोड़ दिया।
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etawah murder
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
इटावा जिले के बकेवर थाना इलाके के चिकनी गांव में मंगलवार सुबह मकान निर्माण के विवाद में एक व्यक्ति की उसके चचेरे भाई ने कुल्हाड़ी से हमला कर हत्या कर दी। पुलिस ने वारदात के तीन घंटे बाद मुठभेड़ में आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। मुठभेड़ के दौरान आरोपी के दोनों पैरों में गोली लगी।
घटना की सूचना पर पुलिस और प्रशासन के आलाधिकारी फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। गुस्साए परिजन और ग्रामीणों ने एसओ विपिन मलिक और कस्बा इंचार्ज कौशल किशोर पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए शव उठाने से रोक दिया। पांच घंटे की मान-मनौव्वल के बाद एसओ और कस्बा चौकी चार्ज के निलंबन के आश्वासन पर परिजन माने और शव पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया।
विनय कुमार उर्फ वकील (53) अपने मकान के कुछ हिस्से की छत डलवाने की तैयारी कर रहे थे। दीवार की जगह को लेकर उनका चचेरे भाई रामकुमार से करीब एक महीने से विवाद चल रहा था। रामकुमार उस जगह को अपनी बताता था, जबकि राजस्व दल की नाप-जोख में वह विनय की जमीन पर पाई गई थी।
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घटना की सूचना पर पुलिस और प्रशासन के आलाधिकारी फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। गुस्साए परिजन और ग्रामीणों ने एसओ विपिन मलिक और कस्बा इंचार्ज कौशल किशोर पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए शव उठाने से रोक दिया। पांच घंटे की मान-मनौव्वल के बाद एसओ और कस्बा चौकी चार्ज के निलंबन के आश्वासन पर परिजन माने और शव पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया।
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विनय कुमार उर्फ वकील (53) अपने मकान के कुछ हिस्से की छत डलवाने की तैयारी कर रहे थे। दीवार की जगह को लेकर उनका चचेरे भाई रामकुमार से करीब एक महीने से विवाद चल रहा था। रामकुमार उस जगह को अपनी बताता था, जबकि राजस्व दल की नाप-जोख में वह विनय की जमीन पर पाई गई थी।
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बावजूद आरोपी लगातार विरोध कर रहा था और कुछ दिन पहले दीवार बनने के दौरान भी हंगामा किया था। मंगलवार सुबह छत डलते समय कुछ सीमेंट मसाला रामकुमार के शौचालय की टिन पर गिर गया। इसी बात पर रामकुमार और विनय में विवाद हो गया। करीब साढ़े आठ बजे रामकुमार कुल्हाड़ी लेकर विनय के घर पहुंच गया।
दोनों के बीच कहासुनी के बाद आरोपी ने विनय के सिर पर ताबड़तोड़ कई वार किए। गंभीर चोट लगने से विनय की मौके पर ही मौत हो गई। वारदात के बाद आरोपी मौके से भाग गया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन घंटे के भीतर आरोपी रामकुमार को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया।
मुठभेड़ के दौरान आरोपी के दोनों पैरों में गोली लगी, जिससे वह घायल हो गया। घटनास्थल पर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण श्रीशचंद्र, सीओ रामदवन मौर्य, एसडीएम काव्या सी और तहसीलदार दिलीप कुमार पहुंचे। परिजन और ग्रामीणों ने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की। उन्होंने आरोप लगाया कि कई बार शिकायत करने के बाद भी एसओ विपिन मलिक और कस्बा इंचार्ज कौशल किशोर ने कोई कार्रवाई नहीं की।
मृतक के भाई अनिल करीब एक बजे फिरोजाबाद से वापस आए। उन्होंने भी दोषी पुलिस कर्मियों के निलंबन की मांग की। पुलिस अधिकारियों को परिजनों को समझाने में करीब पांच घंटे लगे। निलंबन के आश्वासन के बाद ही शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा जा सका।
एसपी ग्रामीण श्रीश चंद ने बताया कि दोनों पक्षों के बीच मकान निर्माण को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। आरोपी के खिलाफ पहले भी शांतिभंग की कार्रवाई की गई थी। हत्या के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए घेराबंदी कर आरोपी रामकुमार उर्फ गुड्डू को मुठभेड़ में गिरफ्तार कर लिया। कुल्हाड़ी, तमंचा और कारतूस बरामद कर लिए गए हैं। घायल को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया है। एसओ और चौकी प्रभारी पर लगे आरोपों की जांच की जा रही है। जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
सिर पर पहला वार, फिर लगातार प्रहार
गांव के लोगों ने बताया कि आरोपी ने पहले विनय के सिर पर कुल्हाड़ी से वार किया। जमीन पर गिरने के बाद भी उसने कई वार किए। वह तब तक हमला करता रहा, जब तक विनय ने दम नहीं तोड़ दिया। घटना को देखकर आसपास मौजूद लोग सहम गए और मौके पर अफरा-तफरी मच गई। पुलिस अधीक्षक ग्रामीण श्रीशचंद्र ने बताया कि हत्या के बाद फरार आरोपी रामकुमार की तलाश में पुलिस टीमों ने घेराबंदी की। चिकनी गांव से करीब तीन किलोमीटर दूर सिंगौली-सैदपुर मार्ग पर नगला बरी के पास पुलिस का सामना आरोपी से हुआ।
गांव के लोगों ने बताया कि आरोपी ने पहले विनय के सिर पर कुल्हाड़ी से वार किया। जमीन पर गिरने के बाद भी उसने कई वार किए। वह तब तक हमला करता रहा, जब तक विनय ने दम नहीं तोड़ दिया। घटना को देखकर आसपास मौजूद लोग सहम गए और मौके पर अफरा-तफरी मच गई। पुलिस अधीक्षक ग्रामीण श्रीशचंद्र ने बताया कि हत्या के बाद फरार आरोपी रामकुमार की तलाश में पुलिस टीमों ने घेराबंदी की। चिकनी गांव से करीब तीन किलोमीटर दूर सिंगौली-सैदपुर मार्ग पर नगला बरी के पास पुलिस का सामना आरोपी से हुआ।
पुलिस के अनुसार, आरोपी ने फायरिंग की, जिसके जवाब में की गई कार्रवाई में उसके दोनों पैरों में गोली लगी। उसे गिरफ्तार कर पहले महेवा सीएचसी और बाद में जिला अस्पताल रेफर किया गया। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि करीब 30 वर्ष पहले जमीन विवाद में उसके पिता पर कुल्हाड़ी से हमला हुआ था। उसने उसी रंजिश की वजह से यह वारदात की।
पुलिस इस दावे की जांच कर रही है। अनिल शर्मा की तहरीर पर पुलिस ने मुख्य आरोपी रामकुमार उर्फ गुड्डू के अलावा उसके दो भाइयों महावीर और राजकुमार, बेटे आदित्य तथा दो वर्षों राधामोहन और राधाकृष्ण के खिलाफ हत्या समेत अन्य संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस सभी नामजद आरोपियों की भूमिका की जांच कर रही है।
चाचा की जमीन भी बनी रंजिश की वजह
विनय कुमार दो भाइयों में बड़े थे और अविवाहित थे। वह हाईवे स्थित एक फिटनेस सेंटर में सुरक्षा गार्ड की नौकरी करते थे। अनिल शर्मा ने बताया कि उनके अविवाहित चाचा जिलेदार उनके साथ रहते थे। जिलेदार ने अपने हिस्से की जमीन भी विनय और अनिल के नाम कर दी थी। आरोप है कि इसी बात को लेकर रामकुमार परिवार से रंजिश रखता था। जमीन को लेकर पुरानी नाराजगी लगातार बढ़ती रही। विनय अपने भतीजे देव को बेटे की तरह स्नेह करते थे। विनय की हत्या के बाद देव का रो-रोकर बुरा हाल है।
विनय कुमार दो भाइयों में बड़े थे और अविवाहित थे। वह हाईवे स्थित एक फिटनेस सेंटर में सुरक्षा गार्ड की नौकरी करते थे। अनिल शर्मा ने बताया कि उनके अविवाहित चाचा जिलेदार उनके साथ रहते थे। जिलेदार ने अपने हिस्से की जमीन भी विनय और अनिल के नाम कर दी थी। आरोप है कि इसी बात को लेकर रामकुमार परिवार से रंजिश रखता था। जमीन को लेकर पुरानी नाराजगी लगातार बढ़ती रही। विनय अपने भतीजे देव को बेटे की तरह स्नेह करते थे। विनय की हत्या के बाद देव का रो-रोकर बुरा हाल है।
शिकायतों पर नहीं चेती पुलिस, हत्या के बाद हुई कार्रवाई
इटावा के चिकनी गांव में 27 जुलाई को मकान निर्माण के विवाद में विनय कुमार उर्फ वकील की कुल्हाड़ी से हत्या कर दी गई। इस घटना के बाद परिजनों का गुस्सा पुलिस की कार्यशैली पर फूट पड़ा। मृतक के छोटे भाई अनिल शर्मा ने आरोप लगाया कि पुलिस की लापरवाही के कारण यह घटना हुई। परिजनों और ग्रामीणों ने करीब पांच घंटे तक शव नहीं उठने दिया। उन्होंने दोषी पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
इटावा के चिकनी गांव में 27 जुलाई को मकान निर्माण के विवाद में विनय कुमार उर्फ वकील की कुल्हाड़ी से हत्या कर दी गई। इस घटना के बाद परिजनों का गुस्सा पुलिस की कार्यशैली पर फूट पड़ा। मृतक के छोटे भाई अनिल शर्मा ने आरोप लगाया कि पुलिस की लापरवाही के कारण यह घटना हुई। परिजनों और ग्रामीणों ने करीब पांच घंटे तक शव नहीं उठने दिया। उन्होंने दोषी पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
अनिल शर्मा ने बताया कि करीब 28 जून से उनके चचेरे भाई रामकुमार उर्फ गुड्डू से मकान की दीवार और जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। यह मामला भरथना तहसील तक पहुंचा था। राजस्व विभाग की टीम ने मौके पर नापजोख की थी। रिपोर्ट में संबंधित जमीन विनय और उनके परिवार की बताई गई थी। इसके बावजूद आरोपी रामकुमार लगातार विरोध करता रहा।
करीब 17 जुलाई को रामकुमार हाथ में कुल्हाड़ी लेकर विनय के घर पहुंचा था। उसने जान से मारने की धमकी दी थी। इसकी सूचना पुलिस को दी गई थी, लेकिन पुलिस ने केवल शांतिभंग की कार्रवाई की। पुलिस ने 24 जुलाई को रामकुमार के खिलाफ शांतिभंग की कार्रवाई की थी। इसके बाद भी उसकी गतिविधियों पर कोई निगरानी नहीं रखी गई।
आरोपी लगातार धमकियां देता रहा और परिवार भय के साये में जी रहा था। 26 जुलाई की रात करीब नौ बजे रामकुमार ने डायल-112 पर कॉल कर पुलिस को बुलाया था। पुलिस और कस्बा इंचार्ज गांव पहुंचे, लेकिन केवल समझाइश देकर लौट गए। 23 जुलाई को भी रामकुमार कुल्हाड़ी लेकर गली में घूम रहा था। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। पुलिस को इस वीडियो की जानकारी थी, फिर भी कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया।