मंदाकिनी में उफान: चित्रकूट में रामघाट की दुकानें डूबीं, मुख्य गेट तक पहुंचा बाढ़ का पानी, हाई अलर्ट जारी
Chitrakoot News: चित्रकूट में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के चलते मंदाकिनी नदी ने विकराल रूप धारण कर लिया है। नदी का जलस्तर खतरे का निशान पार कर जाने के कारण रामघाट पूरी तरह जलमग्न हो गया है, जहां दुकानें पानी में डूब चुकी हैं और बाढ़ का पानी मुख्य गेट तक पहुंच गया है।
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चित्रकूट जिले में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने धर्मनगरी चित्रकूट में एक बार फिर मंदाकिनी नदी को उफान पर ला दिया है। गुरुवार को नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा, जिसके कारण रामघाट की दुकानों में पानी घुस गया और बाढ़ मुख्य गेट तक पहुंच गई। प्रशासन ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अलर्ट जारी कर रामघाट क्षेत्र को पूरी तरह से बंद कर दिया है।
सिंचाई विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार, बुधवार सुबह से ही मंदाकिनी का जलस्तर धीरे-धीरे बढ़ रहा था। दोपहर होते-होते नदी ने खतरे का निशान 126.500 मीटर पार कर लिया। इसके तुरंत बाद, रामघाट की मुख्य सड़क, दुकानें और घाट पानी में डूब गए। इस विकराल स्थिति के कारण संत तुलसीदास मंदिर, मतगजेंद्र नाथ मंदिर और भरत मंदिर की ओर जाने वाले सभी मार्ग बंद कर दिए गए हैं।
मुख्य सड़क पर घुटनों तक भर गया पानी
हालांकि, दोपहर तीन बजे के बाद मंदाकिनी के जलस्तर में कुछ कमी आई थी, लेकिन रात आठ बजे के बाद नदी ने एक बार फिर तेजी पकड़ी। देर रात बारह बजे तक रामघाट की मुख्य सड़क पर घुटनों तक पानी भर गया था। बृहस्पतिवार की सुबह तक स्थिति और भी गंभीर हो गई, जब रामघाट की सभी दुकानें पूरी तरह से पानी में डूब गईं। केवल उनके टीनशेड ही दिखाई दे रहे थे।
रामघाट क्षेत्र पूरी तरह से बंद
तोतामुखी मंदिर भी पानी में समा गए हैं। मुख्य गेट तक बाढ़ पहुंच गई है। प्रशासन स्थिति पर कड़ी नजर बनाए हुए है और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। रामघाट क्षेत्र को पूरी तरह से बंद कर दिया गया है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके। स्थानीय लोगों और पर्यटकों से अपील की गई है कि वे नदी के आसपास के क्षेत्रों में जाने से बचें।