{"_id":"6a5288943aec3abd6a00fe36","slug":"misbehavior-with-judges-in-the-supreme-court-petitioner-prabal-s-father-says-his-son-was-under-mental-stres-2026-07-11","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"सुप्रीम कोर्ट में जजों से बदसलूकी: याचिकाकर्ता प्रबल के पिता बोले- मानसिक तनाव में था बेटा, उससे गलती हो गई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सुप्रीम कोर्ट में जजों से बदसलूकी: याचिकाकर्ता प्रबल के पिता बोले- मानसिक तनाव में था बेटा, उससे गलती हो गई
Sun, 12 Jul 2026 12:03 AM IST
Shikha Pandey
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इटावा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इटावा
Published by: Shikha Pandey
Updated Sun, 12 Jul 2026 12:03 AM IST
सार
सुप्रीम कोर्ट में जजों से बदसलूकी के मामले में याचिकाकर्ता प्रबल प्रताप इटावा के नगला जयलाल भोली गांव के निवासी हैं।
विज्ञापन
नगला जयलाल गांव स्थित मकान में मौजूद प्रबल के मामा-पिता, ताऊ व अन्य परिजन
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
सुप्रीम कोर्ट में खुद अपना मामला लड़ने के दौरान जजों से बदसलूकी करने वाले प्रबल प्रताप यादव जिले की भरथना तहसील क्षेत्र के ग्राम पंचायत भोली के गांव नगला जयलाल के रहने वाले हैं। प्रबल प्रताप के पिता सुरेंद्र सिंह यादव ने शनिवार को कहा कि बेटा आर्थिक संकट से जूझ रहा था। इस बीच उसके साथ साइबर फ्रॉड भी हो गया। इसकी शिकायत भी नहीं सुनी गई थी। इसके लिए ही उसने कोर्ट में अर्जी लगाई थी। आर्थिंक तंगी के बीच कहीं सुनवाई न होने की वजह से वह तनाव में था। इसलिए ही उससे शायद कोर्ट में गलती हो गई।
सुरेंद्र ने बताया कि उनकी दो बेटियां और एक बेटा प्रबल है। बेटियों की शादी हो चुकी है। सिर्फ दो बीघा खेती है। ऐसे में घर की आर्थिक स्थिति कमजोर है। आर्थिक तंगी को दूर करने के लिए प्रबल लगातार पढ़ाई करके अच्छी नौकरी करना चाहता था। उसने तीन साल पहले जिले के चौधरी चरण सिंह पीजी कॉलेज से बीएड किया था। सरकारी नौकरी न मिलने की वजह से दो साल पहले वह लखनऊ विवि से वकालत करने चला गया था।
विज्ञापन
वहां वह कैंपस के पास ही किराए के एक कमरे में रह रहा था। खर्चा चलाने के लिए ट्यूशन पढ़ाता था। वह एक निजी कंपनी में नौकरी भी कर रहा था। इसी बीच वह किसी साइबर फ्रॉड का शिकार हो गया था। जिसमें उसका काफी नुकसान हुआ था। प्रबल के ताऊ रविंद्र सिंह ने बताया कि इस फ्रॉड की शिकायत उन्होंने संबंधित थाने में की थी। वहां सुनवाई नहीं हुई तो पुलिस के उच्चाधिकारियों को भी अवगत कराया लेकिन किसी नहीं सुना। इस पर उसने कोर्ट से मुकदमा दर्ज कराया था। निचली कोर्ट से भी न्याय न मिलने पर प्रबल सुप्रीम कोर्ट गया था।
विज्ञापन
विज्ञापन
सुरेंद्र ने बताया कि उनकी दो बेटियां और एक बेटा प्रबल है। बेटियों की शादी हो चुकी है। सिर्फ दो बीघा खेती है। ऐसे में घर की आर्थिक स्थिति कमजोर है। आर्थिक तंगी को दूर करने के लिए प्रबल लगातार पढ़ाई करके अच्छी नौकरी करना चाहता था। उसने तीन साल पहले जिले के चौधरी चरण सिंह पीजी कॉलेज से बीएड किया था। सरकारी नौकरी न मिलने की वजह से दो साल पहले वह लखनऊ विवि से वकालत करने चला गया था।
विज्ञापन
वहां वह कैंपस के पास ही किराए के एक कमरे में रह रहा था। खर्चा चलाने के लिए ट्यूशन पढ़ाता था। वह एक निजी कंपनी में नौकरी भी कर रहा था। इसी बीच वह किसी साइबर फ्रॉड का शिकार हो गया था। जिसमें उसका काफी नुकसान हुआ था। प्रबल के ताऊ रविंद्र सिंह ने बताया कि इस फ्रॉड की शिकायत उन्होंने संबंधित थाने में की थी। वहां सुनवाई नहीं हुई तो पुलिस के उच्चाधिकारियों को भी अवगत कराया लेकिन किसी नहीं सुना। इस पर उसने कोर्ट से मुकदमा दर्ज कराया था। निचली कोर्ट से भी न्याय न मिलने पर प्रबल सुप्रीम कोर्ट गया था।
देर रात तक तिलकनगर मार्ग थाने में था प्रबल, छुड़ाने गया मामा का बेटा
सुप्रीम कोर्ट में हुए मामले के बाद तिलक मार्ग पुलिस ने प्रबल को हिरासत में ले लिया था। शनिवार रात नौ बजे तक वह पुलिस की हिरासत में ही था। जानकारी पर प्रबल के मामा का बेटा रवि उसे छुड़वाने के लिए गया था। फोन पर हुई वार्ता में उसने बताया कि पुलिस ने प्रबल को थाने में बैठा रखा है। शनिवार दोपहर को प्रबल का मेडिकल भी कराया गया है, पर जेल नहीं भेजा गया। बताया कि एसओ से बात होने पर उन्होंने बताया कि उच्चाधिकारियों के आदेश पर ही उसे छोड़ा जाएगा। रवि ने बताया कि प्रबल फ्रॉड के बाद से काफी परेशान चल रहा था।
सुप्रीम कोर्ट में हुए मामले के बाद तिलक मार्ग पुलिस ने प्रबल को हिरासत में ले लिया था। शनिवार रात नौ बजे तक वह पुलिस की हिरासत में ही था। जानकारी पर प्रबल के मामा का बेटा रवि उसे छुड़वाने के लिए गया था। फोन पर हुई वार्ता में उसने बताया कि पुलिस ने प्रबल को थाने में बैठा रखा है। शनिवार दोपहर को प्रबल का मेडिकल भी कराया गया है, पर जेल नहीं भेजा गया। बताया कि एसओ से बात होने पर उन्होंने बताया कि उच्चाधिकारियों के आदेश पर ही उसे छोड़ा जाएगा। रवि ने बताया कि प्रबल फ्रॉड के बाद से काफी परेशान चल रहा था।
प्रबल के तीनों मामा पुलिस में
पिता सुरेंद्र ने बताया कि प्रबल के तीन मामा हैं। तीनों पुलिस में हैं। एक सतवीर अलीगढ़ और राजेंद्र, रामनरेश दो मथुरा में तैनात हैं। बताया कि घर की पारिवारिक स्थितियां ठीक न होने की वजह से प्रबल को जहां भी पढ़ाई में आर्थिक सहयोग की जरूरत पड़ती थी, उसके मामा ही करते थे।
पिता सुरेंद्र ने बताया कि प्रबल के तीन मामा हैं। तीनों पुलिस में हैं। एक सतवीर अलीगढ़ और राजेंद्र, रामनरेश दो मथुरा में तैनात हैं। बताया कि घर की पारिवारिक स्थितियां ठीक न होने की वजह से प्रबल को जहां भी पढ़ाई में आर्थिक सहयोग की जरूरत पड़ती थी, उसके मामा ही करते थे।
छह को ताऊ के ऑपरेशन के समय आया था आगरा
घर में ही रहने वाले ताऊ रविंद्र सिंह ने बताया कि उनका छह जुलाई को हार्ट का ऑपरेशन आगरा के एक अस्पताल में हुआ है। बताया कि ऑपरेशन के दिन प्रबल आगरा आया था। वह बहुत परेशान था। कहा था कि अब अंतिम लड़ाई लड़ने के लिए दिल्ली सुप्रीम कोर्ट जा रहा है। वहां से उसे न्याय जरूर मिलेगा। इस तरह की गलती उससे कैसे हुई पता नहीं। उन्होंने बताया कि मोबाइल पर वीडियो चलने के बाद ही परिवार के लोगों को घटना की जानकारी मिली।
घर में ही रहने वाले ताऊ रविंद्र सिंह ने बताया कि उनका छह जुलाई को हार्ट का ऑपरेशन आगरा के एक अस्पताल में हुआ है। बताया कि ऑपरेशन के दिन प्रबल आगरा आया था। वह बहुत परेशान था। कहा था कि अब अंतिम लड़ाई लड़ने के लिए दिल्ली सुप्रीम कोर्ट जा रहा है। वहां से उसे न्याय जरूर मिलेगा। इस तरह की गलती उससे कैसे हुई पता नहीं। उन्होंने बताया कि मोबाइल पर वीडियो चलने के बाद ही परिवार के लोगों को घटना की जानकारी मिली।