Chitrakoot: कुत्ते के काटने से घायल छात्र की मौत, परिजनों ने शिक्षक व डॉक्टरों पर लगाए लापरवाही के आरोप
Chitrakoot News: मऊ विकासखंड के प्राथमिक विद्यालय बोझ में कुत्ते के हमले में घायल आठ वर्षीय छात्र की रविवार को इलाज के दौरान मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों ने डॉक्टरों पर इलाज में लापरवाही और स्कूल के शिक्षकों पर सुरक्षा व्यवस्था में चूक का आरोप लगाया है।
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चित्रकूट जिले के मऊ विकास खंड क्षेत्र स्थित प्राथमिक विद्यालय बोझ में बीते 15 जुलाई को आवारा कुत्ते के हमले में घायल हुए दो मासूम बच्चों में से एक छात्र की रविवार को इलाज के दौरान दर्दनाक मौत हो गई। 8 वर्षीय मासूम की मौत से परिजनों में कोहराम मच गया।
परिजनों ने जिला अस्पताल के डॉक्टरों पर इलाज में घोर लापरवाही और स्कूल के शिक्षकों पर बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। वहीं शिक्षा विभाग मामला तूल पकड़ने के बाद जांच के बाद कार्रवाई की बात कह रहा है।
स्कूल परिसर में मध्याह्न भोजन के दौरान हुआ था हमला
जानकारी के अनुसार, बोझ के मजरा भटगवां स्थित प्राथमिक विद्यालय में भाष्कर द्विवेदी का 8 वर्षीय बेटा श्याम द्विवेदी कक्षा 2 और मोहन लाल की 5 वर्षीय बेटी जान्हवी पढ़ती है। बीते 15 जुलाई को दोपहर में मध्याह्न भोजन के समय अचानक एक खूंखार कुत्ता स्कूल परिसर में घुस आया और दोनों मासूमों पर हमला कर दिया।
कुत्ते ने दोनों बच्चों को बुरी तरह नोचकर गंभीर रूप से घायल कर दिया। शिक्षकों ने किसी तरह कुत्ते को बाहर खदेड़ा और दोनों को सीएचसी ले गए, जहां से प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया था।
डिस्चार्ज होकर घर पहुंचे छात्र की बिगड़ी तबीयत
छात्रा जान्हवी को कुछ दिनों बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई थी, जबकि गंभीर रूप से घायल श्याम को 29 जुलाई को जिला अस्पताल से डिस्चार्ज किया गया था। घर पहुंचने के बाद श्याम को तेज बुखार आने लगा। परिजन रविवार सुबह उसे दोबारा जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक इलाज के बाद उसे फिर घर भेज दिया।
घर लाते ही मासूम की हालत बेहद बिगड़ गई और कुछ ही देर में उसने दम तोड़ दिया। श्याम अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। बेटे की मौत के बाद मां मंजू देवी और बहन समेत पूरे परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।
18 दिन बीते, दो रिमाइंडर के बाद भी अधर में लटकी जांच
घटना के बाद बेसिक शिक्षा अधिकारी रंजना शुक्ला ने दो बीईओ (खंड शिक्षा अधिकारी) सहित तीन सदस्यीय जांच टीम का गठन किया था। लेकिन हैरान करने वाली बात यह है कि घटना के 18 दिन बीत जाने और बीएसए द्वारा दो बार रिमाइंडर नोटिस भेजने के बावजूद जांच टीम ने अब तक अपनी रिपोर्ट नहीं सौंपी है। रिपोर्ट न मिलने के कारण लापरवाह शिक्षकों या कर्मचारियों के खिलाफ कोई प्रशासनिक कार्रवाई नहीं हो सकी है।
बीएसए का बयान
बीएसए रंजना शुक्ला ने बताया कि मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम गठित की गई थी और उन्हें रिमाइंडर भी भेजा गया है। रिपोर्ट मिलते ही सख्त कानूनी व विभागीय कार्रवाई की जाएगी। छात्र की मौत की सूचना मिलने पर अधिकारियों को मौके पर भेजा जा रहा है, परिजनों द्वारा लगाए गए सभी आरोपों की भी निष्पक्ष जांच कराई जाएगी।