{"_id":"6a000723acc573a6570fd79d","slug":"uncle-along-with-his-accomplices-kidnapped-his-nephew-in-banda-2026-05-10","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"UP: 'आप यहां कैसे?, आओ बैठो तुम्हें ही लेने आए हैं', से शुरू हुई अपहरण की कहानी; मामा ने किया भांजे का किडनैप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
UP: 'आप यहां कैसे?, आओ बैठो तुम्हें ही लेने आए हैं', से शुरू हुई अपहरण की कहानी; मामा ने किया भांजे का किडनैप
अमर उजाला नेटवर्क, बांदा
Published by: Sharukh Khan
Updated Sun, 10 May 2026 10:07 AM IST
विज्ञापन
सार
यूपी के बांदा जिले से रिश्तों को शर्मसार करने वाली खबर सामने आई है। यहां एक युवक ने अपने साथियों के साथ मिलकर अपने भांजे का अपहरण कर लिया। इसके बाद आरोपी ने 10 लाख रुपये की मांग की। हालांकि पुलिस ने बच्चे को आरोपियों के पास से छुड़ा लिया। पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
banda kidnapping
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
विस्तार
अरे आप यहां कैसे, आओ गाड़ी में बैठो, तुम्हें ही लेने आए हैं। यह बातचीत की शुरुआत अपहरण की वारदात में बदल गई। बांदा जिले के बबेरू कोतवाली इलाके के कृष्णानगर निवासी व्यापारी अनिल कुमार के इकलौते पुत्र हर्षित (10) का स्कूल से लौटते वक्त बृहस्पतिवार को दोपहर करीब 12 बजे उसके ही मामा महोबा के सूपा गांव निवासी रामजी ने अपहरण किया।
अपहरणकर्ताओं से मुक्त हुए हर्षित ने पुलिस की पूछताछ में बताया कि वह अपने मित्र के साथ स्कूल से लौट रहा था। तभी उसके मामा रामजी काली कार से आए और उसके पास कार रोककर उसे इशारा किया। उसने मामा को देखा तो पूछा अरे आप यहां, तो उन्होंने कहा कि तुम्हें लेने आए हैं।
Trending Videos
अपहरणकर्ताओं से मुक्त हुए हर्षित ने पुलिस की पूछताछ में बताया कि वह अपने मित्र के साथ स्कूल से लौट रहा था। तभी उसके मामा रामजी काली कार से आए और उसके पास कार रोककर उसे इशारा किया। उसने मामा को देखा तो पूछा अरे आप यहां, तो उन्होंने कहा कि तुम्हें लेने आए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
घर चलना है। यहीं से वह हर्षित को लेकर चले गए थे। इस बात की पुष्टि हर्षित के हमउम्र मित्र ने भी पुलिस की पूछताछ में की थी। तभी पुलिस को शक हुआ था कि कोई अपना जानकार ही हर्षित का अपहरण कर ले गया है।
हर्षित ने बताया कि रास्ते भर मामा घुमाने ले जाने की बात कहकर बहलाते रहे। खाने में नमकीन और कोल्डड्रिंक भी पिलाई गई। मामा कार की आगे वाली सीट पर ड्राइवर के बगल में बैठे थे। मामा के एक दोस्त पीछे उसके साथ बैठे थे।
उधर, अपहरण की इस वारदात के बाद पुलिस की टीम हर्षित के घर पहुंची तो हर्षित की मां रश्मि ने बताया कि कई महीनों के बाद उसके भाई रामजी का फोन आया था। वह हालचाल लेने के बाद पूछ रहा था कि हर्षित स्कूल गया होगा। रश्मि ने हां कहा तो उसने एक-दो बात करके फोन काट दिया था। पूछताछ में भाई का फोन आने पर पुलिस का शक गहरा गया था।
बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे से शुरू किया सफर, आगरा एक्सप्रेसवे से होकर पहुंचे थे रोहतक
काले रंग की कार बबेरू से होकर बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे के रास्ते से आगरा एक्सप्रेसवे से होकर रोहतक तक पहुंची थी। अपहरणकर्ता रामजी व उसके दो साथी कार में फर्जी नंबर प्लेट भी लगाए थे। बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे से पीछा करती हुई जब पुलिस टीम पहले टोल प्लाजा पर पहुंची तो वहां के सीसीटीवी में कार की तस्वीर तो आई, लेकिन उसमें बैठा कौन-कौन है, यह साफ नहीं हो सका था।
काले रंग की कार बबेरू से होकर बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे के रास्ते से आगरा एक्सप्रेसवे से होकर रोहतक तक पहुंची थी। अपहरणकर्ता रामजी व उसके दो साथी कार में फर्जी नंबर प्लेट भी लगाए थे। बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे से पीछा करती हुई जब पुलिस टीम पहले टोल प्लाजा पर पहुंची तो वहां के सीसीटीवी में कार की तस्वीर तो आई, लेकिन उसमें बैठा कौन-कौन है, यह साफ नहीं हो सका था।
इसके बाद पुलिस टीम जब दूसरे टोल प्लाजा पर पहुंची तो वहां लगे सीसीटीवी में कार के अंदर बैठा हर्षित, उसके मामा और दो और साथियों की तस्वीरें साफ हो गईं थीं। टोल पर रामजी अपने हाथ से फास्टैग इस्तेमाल कर रहा था।
पुलिस टीम सीधे आगरा एक्सप्रेसवे से होकर आगरा पहुंच चुकी थी, लेकिन वहां रामजी का मोबाइल बंद होने पर उन्हें लोकेशन नहीं मिल पा रही थी। इस बीच जब रामजी का मोबाइल खुला और उसने अपनी बहन को कॉल करके बताया कि हर्षित कुछ गलत लोगों के हाथ लग गया है। वह पंजाब के हैं। 10 लाख रुपये की मांग कर रहे हैं तब पुलिस टीम जो हर्षित के घर में मौजूद थी।
उन्होंने हर्षित के सकुशल होने का वीडियो भी मांगा। जिस पर रामजी ने हर्षित का वीडियो भी भेजा था, जिसमें वह किसी कमरे में बैठा कोल्डड्रिंक पी रहा था। इससे पुलिस को स्पष्ट हुआ कि वह किसी होटल के रूम में हैं।
उधर, पुलिस अधीक्षक पलाश बंसल ने टोल पर पास हुए फास्टैग से गाड़ी का असली नंबर ट्रेस कराया तो वह दिल्ली का नंबर निकला। गाड़ी मालिक ने बताया कि गाड़ी उसकी है। वह भाड़े में देता है। तब तक अपहरणकर्ताओं की लोकेशन रोहतक में मिल रही थी। पुलिस की टीम चार घंटे का सफर तय कर रोहतक तक पहुंच गई। वहां उन्होंने उसे तलाश कर लिया।