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Unnao: 3.01 करोड़ रुपये के गबन में स्कूल के वरिष्ठ सहायक सहित पांच पर रिपोर्ट, पढ़ें मामला
Wed, 10 Jun 2026 11:27 PM IST
Shikha Pandey
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उन्नाव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उन्नाव
Published by: Shikha Pandey
Updated Wed, 10 Jun 2026 11:27 PM IST
सार
Unnao News: डीआईओएस ने सदर कोतवाली में तहरीर दी। अब तक 73 लाख की रिकवरी हो चुकी है।
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घटना की जानकारी देते डीएम घनश्याम मीना
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
पुरवा के एमआरएस इंटर कॉलेज में हुए 3.01 करोड़ रुपये के गबन मामले में डीआईओएस ने लिपिक, विभागीय वरिष्ठ सहायक व दो परिचारकों पर प्राथमिकी दर्ज कराई है। मामले में सभी को पूर्व में निलंबित किया जा चुका है। अब तक आरोपियों से 73 लाख की रिकवरी कराई जा चुकी है।
एमआरआरएस इंटर कॉलेज के सहायक लिपिक राधेश्याम ने करीब डेढ़ महीने पहले डीआईओएस से शिकायत की थी कि वरिष्ठ लिपिक अमित कुमार मिश्र ने अपने खाते के साथ उनके और परिचारक विनोद कुमार त्रिपाठी व कुलदीप कुमार के बैंक खातों में 3,01,37,109 रुपये अलग-अलग तिथियों में डलवाए और यह कहकर निकलवा लिए थे कि यह रुपये मेरे जीजा के हैं। मामला डीएम तक भी पहुंचा था तो तीन सदस्यीय टीम गठित की गई थी। जांच टीम ने दी गई रिपोर्ट में गबन की पुष्टि की थी।
मामले में डीआईओएस कार्यालय के वरिष्ठ सहायक सागर कपूर को भी वरिष्ठ अधिकारियों के समक्ष गलत तथ्य प्रस्तुत करने व उनके डोंगल का गलत इस्तेमाल करने का दोषी पाया गया। इसी आधार पर सभी को पूर्व में निलंबित कर दिया गया था। मंगलवार शाम डीआईओएस सुनील दत्त ने सदर कोतवाली में तहरीर दी। पुलिस ने पांचों के खिलाफ शासकीय धन के गबन की प्राथमिकी दर्ज की है।
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एमआरआरएस इंटर कॉलेज के सहायक लिपिक राधेश्याम ने करीब डेढ़ महीने पहले डीआईओएस से शिकायत की थी कि वरिष्ठ लिपिक अमित कुमार मिश्र ने अपने खाते के साथ उनके और परिचारक विनोद कुमार त्रिपाठी व कुलदीप कुमार के बैंक खातों में 3,01,37,109 रुपये अलग-अलग तिथियों में डलवाए और यह कहकर निकलवा लिए थे कि यह रुपये मेरे जीजा के हैं। मामला डीएम तक भी पहुंचा था तो तीन सदस्यीय टीम गठित की गई थी। जांच टीम ने दी गई रिपोर्ट में गबन की पुष्टि की थी।
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मामले में डीआईओएस कार्यालय के वरिष्ठ सहायक सागर कपूर को भी वरिष्ठ अधिकारियों के समक्ष गलत तथ्य प्रस्तुत करने व उनके डोंगल का गलत इस्तेमाल करने का दोषी पाया गया। इसी आधार पर सभी को पूर्व में निलंबित कर दिया गया था। मंगलवार शाम डीआईओएस सुनील दत्त ने सदर कोतवाली में तहरीर दी। पुलिस ने पांचों के खिलाफ शासकीय धन के गबन की प्राथमिकी दर्ज की है।
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जांच में सामने आई धनराशि
जांच में प्रधान लिपिक अमित कुमार मिश्रा के विभिन्न खातों में 2.68 करोड़ रुपये स्थानांतरित किए गए। परिचारक विनोद कुमार त्रिपाठी के खाते में छह लाख रुपये से अधिक भेजे गए। लिपिक राधे श्याम के खाते में 2.5 लाख रुपये की अनियमित धनराशि पाई गई। डीआईओएस कार्यालय के वरिष्ठ सहायक सागर कपूर पर पर गलत तथ्य प्रस्तुत करके अधिकारियों को गुमराह करके व उनके डोंगल का गलत इस्तेमाल करके रुपये ट्रांसफर करने और बाद में कर्मचारियों के खाते से रकम निकालने का आरोप है।
जांच में प्रधान लिपिक अमित कुमार मिश्रा के विभिन्न खातों में 2.68 करोड़ रुपये स्थानांतरित किए गए। परिचारक विनोद कुमार त्रिपाठी के खाते में छह लाख रुपये से अधिक भेजे गए। लिपिक राधे श्याम के खाते में 2.5 लाख रुपये की अनियमित धनराशि पाई गई। डीआईओएस कार्यालय के वरिष्ठ सहायक सागर कपूर पर पर गलत तथ्य प्रस्तुत करके अधिकारियों को गुमराह करके व उनके डोंगल का गलत इस्तेमाल करके रुपये ट्रांसफर करने और बाद में कर्मचारियों के खाते से रकम निकालने का आरोप है।
जांच रिपोर्ट के आधार पर, सदर कोतवाली प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। यह वित्तीय अनियमितता लगभग चार-पांच वर्षों से चल रही थी। गबन की गई सरकारी धनराशि में से करीब तिहत्तर लाख रुपये राजकोष में जमा कराए जा चुके हैं। शेष शासकीय धनराशि की वसूली के लिए आवश्यक कार्रवाई जारी है। - सुनील दत्त, जिला विद्यालय निरीक्षक