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Kasganj News: राम नवमी पर बनेगा शुभ योगों का दिव्य संयोग, बरसेगी सुख-समृद्धि
संवाद न्यूज एजेंसी, कासगंज
Updated Thu, 26 Mar 2026 11:33 PM IST
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फोटो12पंड़ित मुकुंद बल्लभ भट्ट। संवाद
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कासगंज। मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्रीराम का जन्मोत्सव इस वर्ष विशेष खगोलीय संयोगों के साथ मनाया जाएगा। ज्योतिषीय गणना के अनुसार इस दिन गजकेसरी योग, सर्वार्थ सिद्धि योग और रवि योग का संयोग बन रहा है। इन योगों को अत्यंत फलदायी और शुभ माना जाता है, जो जीवन में सुख-समृद्धि, मान-सम्मान और सफलता प्रदान करने वाले हैं।
ज्योतिषाचार्य मुकुंद बल्लभ भट्ट के अनुसार, गजकेसरी योग देवगुरु बृहस्पति और चंद्रमा की युति से बनता है, जो व्यक्ति के जीवन में उन्नति और प्रतिष्ठा को बढ़ाता है। इसके साथ ही गुरु और मंगल के शुभ संबंध से नव पंचम राजयोग का निर्माण भी हो रहा है, जो साहस, निर्णय क्षमता और बुद्धिमत्ता को मजबूत करता है।
इस पावन दिन चंद्रदेव अपनी प्रिय कर्क राशि में विराजमान रहेंगे, जिससे मानसिक शांति और स्थिरता का अनुभव होगा। वहीं, सूर्यदेव और शनिदेव की मीन राशि में स्थिति व्यक्ति को अनुशासन और आत्म-चिंतन की ओर प्रेरित करेगी।
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, इस दिन शोभन योग का भी संयोग रहेगा। यह योग सौंदर्य, सौभाग्य और शुभता को बढ़ाने वाला माना जाता है। साथ ही सर्वार्थ सिद्धि योग के प्रभाव से इस दिन किए गए कार्यों में सफलता मिलने की संभावना अधिक रहती है, जबकि रवि योग नकारात्मकता को दूर कर सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ऐसे शुभ संयोगों में भगवान श्रीराम की पूजा-अर्चना करने से विशेष पुण्य फल की प्राप्ति होती है। राम नवमी का यह पर्व न केवल आस्था का प्रतीक है, बल्कि जीवन में सकारात्मक परिवर्तन और आत्मिक उन्नति का अवसर भी प्रदान करता है।
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ज्योतिषाचार्य मुकुंद बल्लभ भट्ट के अनुसार, गजकेसरी योग देवगुरु बृहस्पति और चंद्रमा की युति से बनता है, जो व्यक्ति के जीवन में उन्नति और प्रतिष्ठा को बढ़ाता है। इसके साथ ही गुरु और मंगल के शुभ संबंध से नव पंचम राजयोग का निर्माण भी हो रहा है, जो साहस, निर्णय क्षमता और बुद्धिमत्ता को मजबूत करता है।
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इस पावन दिन चंद्रदेव अपनी प्रिय कर्क राशि में विराजमान रहेंगे, जिससे मानसिक शांति और स्थिरता का अनुभव होगा। वहीं, सूर्यदेव और शनिदेव की मीन राशि में स्थिति व्यक्ति को अनुशासन और आत्म-चिंतन की ओर प्रेरित करेगी।
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, इस दिन शोभन योग का भी संयोग रहेगा। यह योग सौंदर्य, सौभाग्य और शुभता को बढ़ाने वाला माना जाता है। साथ ही सर्वार्थ सिद्धि योग के प्रभाव से इस दिन किए गए कार्यों में सफलता मिलने की संभावना अधिक रहती है, जबकि रवि योग नकारात्मकता को दूर कर सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ऐसे शुभ संयोगों में भगवान श्रीराम की पूजा-अर्चना करने से विशेष पुण्य फल की प्राप्ति होती है। राम नवमी का यह पर्व न केवल आस्था का प्रतीक है, बल्कि जीवन में सकारात्मक परिवर्तन और आत्मिक उन्नति का अवसर भी प्रदान करता है।