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Kasganj News: कोल्ड में चल रहा भंडारण, कीमतों में सुधार
संवाद न्यूज एजेंसी, कासगंज
Updated Fri, 20 Mar 2026 01:40 AM IST
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फोटो 23 कासगंज में एक कोल्ड के बाहर खडे आलू लदे वाहन। स्रोत: संवाद
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कासगंज। किसान अपने आलू को तेजी से कोल्ड में भंडारित करा रहे हैं। अब तक 90 प्रतिशत आलू भंडारित हो चुका है। कोल्ड में चल रहे आलू भंडारण के बाद थोक बाजार में कीमतोंं में सुधार आया है। इससे किसानों को कुछ राहत मिली है।
जिले में इस वर्ष लगभग 5,300 हेक्टेयर क्षेत्र में आलू की खेती की गई है। अनुकूल मौसम के चलते आलू की फसल अच्छी है। करीब दो लाख मीट्रिक टन आलू की पैदावार होने की संभावना है। 15 दिन पहले तक थोक में पांच से छह रुपये किलो तक आलू खरीदा जा रहा था। आलू भंडारण में तेजी के बाद से कीमतों में वृद्धि हुई है। इस समय 8 से 9 रुपये किलो के हिसाब से किसान से आलू की खरीद हो रही है। भंडारण के बाद 40 हजार मीट्रिक टन आलू किसानों के पास शेष बचने की उम्मीद है। इससे किसानों को कीमतों में गिरावट की चिंता सता रही है।
भंडारण और फसल की स्थिति
17- कोल्ड स्टोर्स संचालित हैं।
1,12,206.82 मीट्रिक टन कुल भंडारण क्षमता
10 से 12 हजार रुपये की लागत आती है एक बीघा आलू की खेती में
17 से 18 क्विंटल आलू निकल रहा एक बीघा से लगभग
किसानों की बात
एक बीघा आलू में 10 से 12 हजार रुपये की लागत आ जाती है। जितना आलू खेत से निकल रहा है। इससे लागत ही निकल पा रही है- विपिन चौहान, किसान गांव निजामपुर
दो साल से आलू की फसल किसान के लिए लाभ का सौदा नहीं बन पा रही। इस समय जो कीमत चल रही है उससे मेहनत का फल नहीं मिल पा रहा-पुत्तूलाल, किसान निजामपुर
वर्जन
कोल्ड में लगभग 90 प्रतिशत आलू भंडारित हो चुका है। पहले से कीमतों में भी सुधार आया है। जल्द ही भंडारण पूरा होने की उम्मीद है- रवि चंद्र, जयसवार, जिला उद्यान अधिकारी
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जिले में इस वर्ष लगभग 5,300 हेक्टेयर क्षेत्र में आलू की खेती की गई है। अनुकूल मौसम के चलते आलू की फसल अच्छी है। करीब दो लाख मीट्रिक टन आलू की पैदावार होने की संभावना है। 15 दिन पहले तक थोक में पांच से छह रुपये किलो तक आलू खरीदा जा रहा था। आलू भंडारण में तेजी के बाद से कीमतों में वृद्धि हुई है। इस समय 8 से 9 रुपये किलो के हिसाब से किसान से आलू की खरीद हो रही है। भंडारण के बाद 40 हजार मीट्रिक टन आलू किसानों के पास शेष बचने की उम्मीद है। इससे किसानों को कीमतों में गिरावट की चिंता सता रही है।
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भंडारण और फसल की स्थिति
17- कोल्ड स्टोर्स संचालित हैं।
1,12,206.82 मीट्रिक टन कुल भंडारण क्षमता
10 से 12 हजार रुपये की लागत आती है एक बीघा आलू की खेती में
17 से 18 क्विंटल आलू निकल रहा एक बीघा से लगभग
किसानों की बात
एक बीघा आलू में 10 से 12 हजार रुपये की लागत आ जाती है। जितना आलू खेत से निकल रहा है। इससे लागत ही निकल पा रही है- विपिन चौहान, किसान गांव निजामपुर
दो साल से आलू की फसल किसान के लिए लाभ का सौदा नहीं बन पा रही। इस समय जो कीमत चल रही है उससे मेहनत का फल नहीं मिल पा रहा-पुत्तूलाल, किसान निजामपुर
वर्जन
कोल्ड में लगभग 90 प्रतिशत आलू भंडारित हो चुका है। पहले से कीमतों में भी सुधार आया है। जल्द ही भंडारण पूरा होने की उम्मीद है- रवि चंद्र, जयसवार, जिला उद्यान अधिकारी