{"_id":"695d5eff919f380c9e026116","slug":"kasganj-news-cold-sickness-kasganj-news-c-175-1-sagr1032-141819-2026-01-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kasganj News: सर्दी के संग बढ़ी गर्दन की पीड़ा, युवा और किशोर परेशान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kasganj News: सर्दी के संग बढ़ी गर्दन की पीड़ा, युवा और किशोर परेशान
विज्ञापन
फोटो16जिला अस्पताल में पर्चा बनवाने के लिए काउंटर पर लगी भीड़। संवाद
विज्ञापन
कासगंज। सर्दी के मौसम ने युवाओं और किशोरों की गर्दन और पीठ की तकलीफ बढ़ा दी है। अस्पतालों में रोजाना करीब 40 मरीज सर्वाइकल दर्द की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं। चिकित्सक सावधानी बरतने, सही बैठने और नियमित व्यायाम करने की सलाह दे रहे हैं, ताकि दर्द को बढ़ने से रोका जा सके।
चिकित्सक डॉ. रोहिताश के अनुसार, बदलती जीवनशैली इस बीमारी के बढ़ने का मुख्य कारण है। किशोर और युवा लंबे समय तक मोबाइल या कंप्यूटर का इस्तेमाल कर रहे हैं और आड़े-तिरछे बैठकर या गर्दन टेढ़ी करके काम करने से सर्वाइकल का दर्द बढ़ता है। अस्पताल में प्रतिदिन 40 तक मरीज समस्या लेकर आ रहे हैं। इनमें युवा व किशोर भी शामिल हैं।
ठंड के मौसम में रक्त संचार धीमा हो जाता है, इससे मांसपेशियां सिकुड़ती हैं और गर्दन में दर्द महसूस होता है। गलन भरी सर्दी और लगातार गलत मुद्रा में बैठने से यह समस्या और गंभीर हो जाती है।
डॉक्टर ने बताया कि हल्की गर्मी, नियमित स्ट्रेचिंग और गर्दन-मांसपेशियों की मालिश से दर्द में राहत मिल सकती है। दवा और फिजियोथेरेपी से यह समस्या ठीक हो जाती है, लेकिन लोग इसे मामूली समझकर केवल दर्द निवारक दवाएं लेने लगते हैं, इससे स्थिति गंभीर हो सकती है।
उन्होंने कहा कि लोगों को अपनी दिनचर्या में बदलाव लाना चाहिए, सही मुद्रा अपनानी चाहिए और समय-समय पर विटामिन-डी की जांच करानी चाहिए। ऐसा करने से सर्वाइकल और मांसपेशियों के दर्द से राहत मिल सकती है और समस्या बढ़ने से रोकी जा सकती है।
Trending Videos
चिकित्सक डॉ. रोहिताश के अनुसार, बदलती जीवनशैली इस बीमारी के बढ़ने का मुख्य कारण है। किशोर और युवा लंबे समय तक मोबाइल या कंप्यूटर का इस्तेमाल कर रहे हैं और आड़े-तिरछे बैठकर या गर्दन टेढ़ी करके काम करने से सर्वाइकल का दर्द बढ़ता है। अस्पताल में प्रतिदिन 40 तक मरीज समस्या लेकर आ रहे हैं। इनमें युवा व किशोर भी शामिल हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
ठंड के मौसम में रक्त संचार धीमा हो जाता है, इससे मांसपेशियां सिकुड़ती हैं और गर्दन में दर्द महसूस होता है। गलन भरी सर्दी और लगातार गलत मुद्रा में बैठने से यह समस्या और गंभीर हो जाती है।
डॉक्टर ने बताया कि हल्की गर्मी, नियमित स्ट्रेचिंग और गर्दन-मांसपेशियों की मालिश से दर्द में राहत मिल सकती है। दवा और फिजियोथेरेपी से यह समस्या ठीक हो जाती है, लेकिन लोग इसे मामूली समझकर केवल दर्द निवारक दवाएं लेने लगते हैं, इससे स्थिति गंभीर हो सकती है।
उन्होंने कहा कि लोगों को अपनी दिनचर्या में बदलाव लाना चाहिए, सही मुद्रा अपनानी चाहिए और समय-समय पर विटामिन-डी की जांच करानी चाहिए। ऐसा करने से सर्वाइकल और मांसपेशियों के दर्द से राहत मिल सकती है और समस्या बढ़ने से रोकी जा सकती है।