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Kasganj News: फिर डराने लगी गंगा...तटीय इलाकों के बाशिंदों की बढ़ी चिंता
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फोटो 28- लहरा क्षेत्र में फैल रहा गंगा का पानी। स्रोत संवाद
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कासगंज।
गंगा नदी के जलस्तर में उतार-चढ़ाव लगातार बना हुआ है। मंगलवार को जलस्तर में 12 सेंटीमीटर की वृद्धि होने के कारण घाटों पर पानी बढ़ गया है। तटीय इलाकों में रहने वालों लोगों को गंगा फिर डराने लगी है। अभी तक दुश्वारियां कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। पहले से ही बाढ़ प्रभावित लोगों की चिंता बढ़ गई है। कांवड़ियं के सामने भी दिक्कतें पैदा हो रही हैं।
बैराजों से प्रवाह बढ़ने के कारण 12 सेमी. की वृद्धि हुई है। बाढ़ के चपेट में पटियाली के नगला नरपत, मूंझखेड़ा, राजेपुर कुर्रा, नगला दुर्जन, नगला दिपी, नगला जयकिशन आए हुए हैं। इन इलाकों में पिछले तीन दिनों से पानी में कुछ गिरावट दर्ज की जा रही थी लेकिन अब फिर से पानी बढ़ने से ग्रामीण चिंतित हैं। उर्वेश कुमार ने बताया कि पानी बढ़ने पर और मुश्किलें बढ़ जाएंगी। पहले से ही खादर के कई रास्ते जलमग्न हैं। फसलों में भी पानी भरा है।
वहीं लहरा, कादरगंज और कछला गंगाघाट पर कांवड़ भरने के लिए पहुंचने वाले श्रद्धालुओं के लिए भी बढ़ा हुआ गंगा का जलस्तर चुनौती बनेगा। शुक्रवार से गंगाघाटों पर कांवड़ियों की भीड़ बढ़ेगी। प्रशासन ने एहतियातन पीएसी की फ्लड यूनिट और गोताखोर तैनात कर दिए हैं।
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डूबने से हुई थी कांवड़िए की मौत
कासगंज। मोहनपुरा के टीकमपुरा निवासी कांवड़िए की रविवार की रात गंगा के लहरा घाट पर कांवड़ भरने के दौरान डूबने से मौत हो गई थी। जब तक गोताखोरों ने उसका शव बाहर निकाला तब तक वह दम तोड़ चुका था।
बैराजों से पानी का प्रवाह
हरिद्वार बैराज से- 11,0194 क्यूसेक
बिजनौर बैराज से- 13,5026 क्यूसेक
नरौरा बैराज से - 11,5137 क्यूसेक
कछला ब्रिज- 162.32 मीटर के निशान पर
वर्जन-
गंगा के जलस्तर में आंशिक वृद्धि हुई है। बैराजों से पानी का प्रवाह बढ़ा है। जिससे कुछ और वृद्धि हो सकती है, लेकिन अभी कोई खतरा नहीं है- शरद सौरभ गिरि, अधिशासी अभियंता, सिंचाई
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गंगा नदी के जलस्तर में उतार-चढ़ाव लगातार बना हुआ है। मंगलवार को जलस्तर में 12 सेंटीमीटर की वृद्धि होने के कारण घाटों पर पानी बढ़ गया है। तटीय इलाकों में रहने वालों लोगों को गंगा फिर डराने लगी है। अभी तक दुश्वारियां कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। पहले से ही बाढ़ प्रभावित लोगों की चिंता बढ़ गई है। कांवड़ियं के सामने भी दिक्कतें पैदा हो रही हैं।
बैराजों से प्रवाह बढ़ने के कारण 12 सेमी. की वृद्धि हुई है। बाढ़ के चपेट में पटियाली के नगला नरपत, मूंझखेड़ा, राजेपुर कुर्रा, नगला दुर्जन, नगला दिपी, नगला जयकिशन आए हुए हैं। इन इलाकों में पिछले तीन दिनों से पानी में कुछ गिरावट दर्ज की जा रही थी लेकिन अब फिर से पानी बढ़ने से ग्रामीण चिंतित हैं। उर्वेश कुमार ने बताया कि पानी बढ़ने पर और मुश्किलें बढ़ जाएंगी। पहले से ही खादर के कई रास्ते जलमग्न हैं। फसलों में भी पानी भरा है।
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वहीं लहरा, कादरगंज और कछला गंगाघाट पर कांवड़ भरने के लिए पहुंचने वाले श्रद्धालुओं के लिए भी बढ़ा हुआ गंगा का जलस्तर चुनौती बनेगा। शुक्रवार से गंगाघाटों पर कांवड़ियों की भीड़ बढ़ेगी। प्रशासन ने एहतियातन पीएसी की फ्लड यूनिट और गोताखोर तैनात कर दिए हैं।
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डूबने से हुई थी कांवड़िए की मौत
कासगंज। मोहनपुरा के टीकमपुरा निवासी कांवड़िए की रविवार की रात गंगा के लहरा घाट पर कांवड़ भरने के दौरान डूबने से मौत हो गई थी। जब तक गोताखोरों ने उसका शव बाहर निकाला तब तक वह दम तोड़ चुका था।
बैराजों से पानी का प्रवाह
हरिद्वार बैराज से- 11,0194 क्यूसेक
बिजनौर बैराज से- 13,5026 क्यूसेक
नरौरा बैराज से - 11,5137 क्यूसेक
कछला ब्रिज- 162.32 मीटर के निशान पर
वर्जन-
गंगा के जलस्तर में आंशिक वृद्धि हुई है। बैराजों से पानी का प्रवाह बढ़ा है। जिससे कुछ और वृद्धि हो सकती है, लेकिन अभी कोई खतरा नहीं है- शरद सौरभ गिरि, अधिशासी अभियंता, सिंचाई

फोटो 28- लहरा क्षेत्र में फैल रहा गंगा का पानी। स्रोत संवाद