फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kasganj News ›   We want freedom... from potholes, traffic jams and the poison of adulteration.

Kasganj News: आजादी चाहिए... गड्ढों, जाम और मिलावट के जहर से

Fri, 14 Aug 2026 11:36 PM IST
Agra Bureau आगरा ब्यूरो
Updated Fri, 14 Aug 2026 11:36 PM IST
विज्ञापन
We want freedom... from potholes, traffic jams and the poison of adulteration.
फोटो35 कासगंज के काली नदी के पास नगर पालिका कर्मियों की ओर से फेंका गया कूड़ा। संवाद
कासगंज। देश भले ही अपनी आजादी के 79 साल पूरे कर चुका हो और 80वें स्वतंत्रता दिवस के जश्न में डूबा हो, लेकिन धरातल पर तस्वीर अब भी पूरी तरह नहीं बदली है। सरकारी कार्यालयों से लेकर निजी संस्थानों तक में स्वतंत्रता दिवस की तैयारियां जोरों पर हैं मगर शहर से लेकर गांव-देहात तक के आम लोग आज भी गड्ढों, गंदगी, जाम, बाढ़ और मिलावट जैसी गंभीर समस्याओं से जूझ रहे हैं। नागरिक आज भी इन समस्याओं से सच्ची आजादी मिलने का इंतजार कर रहे हैं।
विज्ञापन

--------------------
कब मिलेगी गड्ढों वाली सड़कों से मुक्ति
कासगंज के लोगों को आज भी जर्जर और गड्ढों से भरी सड़कों से निजात नहीं मिल सकी है। इन गड्ढे वाली सड़कों के कारण हर साल सैकड़ों हादसे होते हैं, जिनमें हजारों लोग घायल होते हैं। वहीं, कई लोगों की जान चली जाती है। सरकार ने कई बार सड़कों को गड्ढा मुक्त करने के निर्देश दिए लेकिन शहर की अधिकांश सड़कों की स्थिति जस की तस है। आए दिन पाइपलाइन बिछाने या सीवर डालने के नाम पर सड़कें खोद दी जाती हैं, लेकिन उनकी समय पर और सही मरम्मत नहीं कराई जाती है।
विज्ञापन

----------------------------
विज्ञापन
विज्ञापन

पक्का बांध बने तो मिले बाढ़ के खतरे से आजादी
गंगा के किनारे बसे गांवों के लोगों को बाढ़ की विभीषिका से मुक्ति नहीं मिल पा रही है। हर साल आने वाली बाढ़ से परेशानी होती है। गांव बरोना से लेकर नरदोली तक केवल कच्चा बांध बना हुआ है, जो हर साल बाढ़ के दबाव में कट जाता है। इससे करीब 84 गांव जलमग्न हो जाते हैं। किसानों की फसलें बर्बाद होती हैं और हजारों लोगों के आशियाने उजड़ जाते हैं। लोगों का मानना है कि यदि यहां पक्का बांध बन जाए, तभी उन्हें इस स्थायी आपदा से राहत मिल सकती है।
---------------------------
गंदगी और कूड़े के ढेरों से नहीं मिल पा रही निजात
सरकार द्वारा स्वच्छ भारत मिशन के तहत स्वच्छता के लाख दावे किए जा रहे हैं लेकिन धरातल पर निकायों की मनमानी के कारण स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। आबादी से निकलने वाले कूड़े को सही तरीके से निस्तारित करने के बजाय शहर के बाहर खुले में फेंका जा रहा है। वर्तमान में हजारा नहर, अहरौली-अमरपुर काली नदी मार्ग, सोरोंजी में सलेमपुर मार्ग, गंजडुंडवारा में सिढ़पुरा-पटियाली मार्ग और बिलराम में ढोलना मार्ग पर कूड़े के ढेर लगे हुए हैं। इसके अलावा, जिले में बने अधिकांश एमआरएफ (मैटेरियल रिकवरी फैसिलिटी) सेंटर बंद पड़े हैं। प्रतिबंध के बावजूद कूड़े में आग लगाकर उसे नष्ट किया जा रहा है।

----------------------
अतिक्रमण और जाम का दंश
जिले में अतिक्रमण, पार्किंग और ट्रैफिक जाम की समस्या दिन-प्रतिदिन विकराल रूप लेती जा रही है। प्रमुख बाजारों में दुकानदारों ने नालियों से लेकर फुटपाथ तक अपना सामान फैला रखा है, जिससे राहगीरों के लिए पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है। शहर में एक भी व्यवस्थित पार्किंग न होने के कारण जाम के हालात आम बात हो गए हैं, जिससे आम जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
---------------------
खाद्य पदार्थों में मिलावट का जहर
जिलेवासियों को मिलावटी और दूषित खाद्य पदार्थों से अब तक राहत नहीं मिल पाई है। दूध, मिठाई, मसाले और अन्य सभी प्रमुख खाद्य पदार्थों में मिलावट का दौर जारी है। मिलावटखोरों के खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई के बावजूद लोगों को मजबूरी में मिलावटी सामान खाना पड़ रहा है। इसका ताजा उदाहरण हाल ही की वह घटना है, जिसमें अलीगढ़ से लाया गया 200 किलो खराब और बदबूदार पनीर पकड़ा गया था।
---------------------------

फोटो35 कासगंज के काली नदी के पास नगर पालिका कर्मियों की ओर से फेंका गया कूड़ा। संवाद

फोटो35 कासगंज के काली नदी के पास नगर पालिका कर्मियों की ओर से फेंका गया कूड़ा। संवाद

फोटो35 कासगंज के काली नदी के पास नगर पालिका कर्मियों की ओर से फेंका गया कूड़ा। संवाद

फोटो35 कासगंज के काली नदी के पास नगर पालिका कर्मियों की ओर से फेंका गया कूड़ा। संवाद

फोटो35 कासगंज के काली नदी के पास नगर पालिका कर्मियों की ओर से फेंका गया कूड़ा। संवाद

फोटो35 कासगंज के काली नदी के पास नगर पालिका कर्मियों की ओर से फेंका गया कूड़ा। संवाद

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed