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Kasganj News: राजस्व और चकबंदी विभाग के सत्यापन के बाद हो सकेगी गेहूं की बिक्री
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फोटो14जिला खाद्य विपणन अधिकारी कार्यालय ।संवाद
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कासगंज। गेहूं खरीद में किसानों को बड़ी राहत मिली है। शासन ने फार्मर रजिस्ट्री की अनिवार्यता समाप्त कर दी है। इससे अब अधिक किसान आसानी से अपनी उपज बेच सकेंगे। सॉफ्टवेयर या रजिस्ट्री से सत्यापन न होने पर राजस्व और चकबंदी विभाग से जांच के बाद खरीद हो सकेगी।
जिले में लगभग 40 हजार किसान फार्मर रजिस्ट्री से वंचित थे। पहले शासन ने गेहूं खरीद के लिए फार्मर रजिस्ट्री अनिवार्य की थी। ऐसे में किसानों के सामने गेहूं बिक्री की समस्या आ गई थी। जिन किसानों का सत्यापन फार्मर रजिस्ट्री या सॉफ्टवेयर से हो चुका है, वे सीधे अपनी उपज बेच सकेंगे।
जिन किसानों का सत्यापन इन माध्यमों से नहीं हो पाया है, उनके लिए वैकल्पिक व्यवस्था लागू की गई है। ऐसे किसानों का सत्यापन अब राजस्व विभाग के माध्यम से किया जाएगा। जिन ग्राम पंचायतों में चकबंदी का कार्य चल रहा है, वहां चकबंदी विभाग सत्यापन करेगा।इस निर्णय से तकनीकी कारणों से रजिस्ट्री नहीं करा पाए किसानों को बड़ी राहत मिली है।
जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी अरुण कुमार ने बताया कि नए नियम लागू होने के बाद अधिक किसान केंद्रों तक पहुंचेंगे। इससे खरीद प्रक्रिया में तेजी आएगी और किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य समय पर मिल सकेगा।
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बताया राहत भरा कदम
किसान राम सिंह ने बताया कि रजिस्ट्री न होने के कारण फसल को बेचने की चिंता थी अब राजस्व विभाग से सत्यापन की सुविधा मिलने से बड़ी राहत मिली है और आसानी से गेहूं बेच सकेंगे।
किसान रामेंद्र ने बताया कि तकनीकी दिक्कतों के कारण रजिस्ट्री नहीं हो पाई थी। नए फैसले से हम जैसे किसानों को फायदा होगा और फसल का सही दाम मिल सकेगा।
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जिले में लगभग 40 हजार किसान फार्मर रजिस्ट्री से वंचित थे। पहले शासन ने गेहूं खरीद के लिए फार्मर रजिस्ट्री अनिवार्य की थी। ऐसे में किसानों के सामने गेहूं बिक्री की समस्या आ गई थी। जिन किसानों का सत्यापन फार्मर रजिस्ट्री या सॉफ्टवेयर से हो चुका है, वे सीधे अपनी उपज बेच सकेंगे।
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जिन किसानों का सत्यापन इन माध्यमों से नहीं हो पाया है, उनके लिए वैकल्पिक व्यवस्था लागू की गई है। ऐसे किसानों का सत्यापन अब राजस्व विभाग के माध्यम से किया जाएगा। जिन ग्राम पंचायतों में चकबंदी का कार्य चल रहा है, वहां चकबंदी विभाग सत्यापन करेगा।इस निर्णय से तकनीकी कारणों से रजिस्ट्री नहीं करा पाए किसानों को बड़ी राहत मिली है।
जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी अरुण कुमार ने बताया कि नए नियम लागू होने के बाद अधिक किसान केंद्रों तक पहुंचेंगे। इससे खरीद प्रक्रिया में तेजी आएगी और किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य समय पर मिल सकेगा।
बताया राहत भरा कदम
किसान राम सिंह ने बताया कि रजिस्ट्री न होने के कारण फसल को बेचने की चिंता थी अब राजस्व विभाग से सत्यापन की सुविधा मिलने से बड़ी राहत मिली है और आसानी से गेहूं बेच सकेंगे।
किसान रामेंद्र ने बताया कि तकनीकी दिक्कतों के कारण रजिस्ट्री नहीं हो पाई थी। नए फैसले से हम जैसे किसानों को फायदा होगा और फसल का सही दाम मिल सकेगा।

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