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UP: ताज में क्यों लगाया गया ये काला पत्थर? मीनारों से जुड़ा है रहस्य; बयां करता है मोहब्बत की इमारत का हाल
Fri, 07 Aug 2026 01:45 PM IST
Dhirendra Singh
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Fri, 07 Aug 2026 01:45 PM IST
सार
ताजमहल की चारों मीनारों और मुख्य इमारत में प्राकृतिक कारणों से आए संभावित झुकाव की निगरानी के लिए एक काले पत्थर को बेंचमार्क के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है। 1941-42 में ब्रिटिश काल में मीनारों के झुकाव की रिपोर्ट सामने आने के बाद से ताज की संरचनात्मक स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
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ताजमहल में लगे काले पत्थर का राज
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
ताजमहल की चारों मीनारों और इमारत में भूकंप में प्यार अन्य किसी प्राकृतिक कारण से कितना झुकाव आया है, यह मेहमान खान की ओर लगा एक काला पत्थर बताता है। 1941-42 में ब्रिटिश काल में ताजमहल की चार मीनारों के झुकाव की रिपोर्ट आने के बाद भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण में सेंट्रल बिल्डिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट से हर पांच साल बाद रिपोर्ट मांगनी शुरू की थी। इंस्टिट्यूट ने ही यह बेंचमार्क ताज की बगीचे में लगाया है।
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इसके एक अध्ययन में बताया गया कि ताजमहल के चमेली फर्श की तरफ की उत्तरी दीवार जमीन के लेवल से 12-13 मीटर गहरी है। मुख्य गुंबद में असली कब्रों के नीचे का हिस्सा ठोस है। अध्ययन में इलेक्ट्रिकल, मैग्नेटिक प्रोफाइल तकनीक, शीयर वेव स्टडी व ग्रेविटी एंड जियो रडार तकनीक का प्रयोग किया गया था।
आजादी से पूर्व उठा था सवाल
ब्रिटिश काल में ताजमहल के गुंबद में दरार को लेकर उसकी मजबूती पर सवाल उठे थे। तब सरकार ने मुख्य मकबरे पर 12 हजार टन के गुंबद के भार से पड़ने वाले दबाव का अध्ययन कराने को एडवाइजरी कमेटी आन द रेस्टोरेशन एंड कंजर्वेशन आफ ताजमहल बनाई थी। समिति की रिपोर्ट वर्ष 1942 में आई थी। समिति ने इमारत को सुरक्षित बताया था। इसी रिपोर्ट में ताज की मीनारो में झुकाव बताया गया था।
ब्रिटिश काल में ताजमहल के गुंबद में दरार को लेकर उसकी मजबूती पर सवाल उठे थे। तब सरकार ने मुख्य मकबरे पर 12 हजार टन के गुंबद के भार से पड़ने वाले दबाव का अध्ययन कराने को एडवाइजरी कमेटी आन द रेस्टोरेशन एंड कंजर्वेशन आफ ताजमहल बनाई थी। समिति की रिपोर्ट वर्ष 1942 में आई थी। समिति ने इमारत को सुरक्षित बताया था। इसी रिपोर्ट में ताज की मीनारो में झुकाव बताया गया था।