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Kasganj News: युवक को अवैध रूप से हिरासत में रखा जीडी में कर दी फर्जी एंट्री, फंसे इंस्पेक्टर
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कासगंज। पुलिस ने थाने के बाहर कथित रूप से उपद्रव करने के आरोप में युवक को पकड़कर अवैध रूप से हिरासत में रखा। इस मामले में सहावर थाने के तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक गोविंद बल्लभ शर्मा के खिलाफ मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट जीशान मसूद के आदेश पर अवैध हिरासत में रखने और फर्जी दस्तावेज तैयार करने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस अधीक्षक ने दो दिन पहले एक अन्य मामले में लापरवाही बरतने पर थाना प्रभारी को लाइन हाजिर कर दिया था।
सहावर थाने में पीड़ित संजय यादव ने दर्ज कराई प्राथमिकी में आरोप लगाया है कि उन्हें सहावर थाना पुलिस ने 28 अप्रैल, 2026 से गैरकानूनी तरीके से थाने में बैठाकर रखा था। पीड़ित के अधिवक्ता रजत यादव ने कोर्ट में याचिका दाखिल कर बताया था कि संजय को अवैध रूप से हिरासत में रखा गया। उन्हें भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 38 के तहत कानूनी परामर्श की अनुमति नहीं दी गई। कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सहावर थाने के सीसीटीवी फुटेज तलब किए। पुलिस अधीक्षक की ओर से कोर्ट में सौंपी गई रिपोर्ट में भी सीसीटीवी फुटेज के आधार पर अवैध हिरासत की पुष्टि की गई। अवैध हिरासत को छिपाने के लिए थाने में 30 अप्रैल, 2026 को जीडी एंट्री नंबर 42 दर्ज की गई, जिसमें दर्शाया गया कि संजय 30 अप्रैल को थाने के बाहर उपद्रव कर रहा था। हालांकि, एसपी की जांच रिपोर्ट में यह बात सामने आई कि यह जीडी एंट्री फर्जी थी। ऐसी कोई घटना नहीं हुई थी। क्षेत्राधिकारी सहावर दुर्गेश कुमार मिश्र ने बताया कि सीजेएम कोर्ट के आदेश पर तत्कालीन थाना प्रभारी पर प्राथमिकी दर्ज की गई है। मामले की जांच की जा रही है।
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सहावर थाने में पीड़ित संजय यादव ने दर्ज कराई प्राथमिकी में आरोप लगाया है कि उन्हें सहावर थाना पुलिस ने 28 अप्रैल, 2026 से गैरकानूनी तरीके से थाने में बैठाकर रखा था। पीड़ित के अधिवक्ता रजत यादव ने कोर्ट में याचिका दाखिल कर बताया था कि संजय को अवैध रूप से हिरासत में रखा गया। उन्हें भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 38 के तहत कानूनी परामर्श की अनुमति नहीं दी गई। कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सहावर थाने के सीसीटीवी फुटेज तलब किए। पुलिस अधीक्षक की ओर से कोर्ट में सौंपी गई रिपोर्ट में भी सीसीटीवी फुटेज के आधार पर अवैध हिरासत की पुष्टि की गई। अवैध हिरासत को छिपाने के लिए थाने में 30 अप्रैल, 2026 को जीडी एंट्री नंबर 42 दर्ज की गई, जिसमें दर्शाया गया कि संजय 30 अप्रैल को थाने के बाहर उपद्रव कर रहा था। हालांकि, एसपी की जांच रिपोर्ट में यह बात सामने आई कि यह जीडी एंट्री फर्जी थी। ऐसी कोई घटना नहीं हुई थी। क्षेत्राधिकारी सहावर दुर्गेश कुमार मिश्र ने बताया कि सीजेएम कोर्ट के आदेश पर तत्कालीन थाना प्रभारी पर प्राथमिकी दर्ज की गई है। मामले की जांच की जा रही है।
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