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Kaushambi News: लेखपालों पर कार्रवाई नहीं होने से अधिवक्ताओं का धरना
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पिपरी थाने में धरना देते अधिवक्ता। संवाद
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चायल। तहसील परिसर में अधिवक्ता और लेखपाल के बीच हुए विवाद में पुलिस की एक तरफा कार्रवाई के विरोध में अधिवक्ताओं ने पिपरी थाने का घेराव कर धरना दिया। आरोप है कि पुलिस ने लेखपाल की तहरीर पर अधिवक्ता के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर की जबकि अधिवक्ता की शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं की गई।
चायल बार एसोसिएशन के महामंत्री अजीत सिंह ने बताया कि प्रयागराज के अल्लापुर निवासी अधिवक्ता प्रशांत मिश्र अपने रिश्तेदार वैभव मिश्र के आय प्रमाणपत्र में त्रुटि सुधार के लिए 28 जुलाई को चायल तहसील पहुंचे थे। आरोप है कि चार्ज संभाल रहे लेखपाल ने रिपोर्ट लगाने से इन्कार करते हुए दो हजार रुपये की मांग की। रुपये देने से मना करने पर कहासुनी शुरू हो गई और बाद में विवाद बढ़ गया।
अधिवक्ताओं का आरोप है कि पुलिस ने केवल लेखपाल की तहरीर पर अधिवक्ता के खिलाफ एफआईआर दर्ज की, जबकि उनकी तहरीर पर कार्रवाई नहीं की गई। इससे नाराज दर्जनों अधिवक्ता बृहस्पतिवार सुबह पिपरी थाने पहुंचे और कार्रवाई की मांग को लेकर धरने पर बैठ गए। वहीं शाम तक प्राथमिकी दर्ज नहीं होने पर अधिवक्ताओं ने आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी।
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इस दौरान सगीर अहमद, सुरेंद्र सिंह, सुखलाल यादव, मुलायम सिंह यादव, धर्मेंद्र सिंह, विजय प्रकाश, प्रदीप कुमार, राधे मोहन सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे।
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चायल बार एसोसिएशन के महामंत्री अजीत सिंह ने बताया कि प्रयागराज के अल्लापुर निवासी अधिवक्ता प्रशांत मिश्र अपने रिश्तेदार वैभव मिश्र के आय प्रमाणपत्र में त्रुटि सुधार के लिए 28 जुलाई को चायल तहसील पहुंचे थे। आरोप है कि चार्ज संभाल रहे लेखपाल ने रिपोर्ट लगाने से इन्कार करते हुए दो हजार रुपये की मांग की। रुपये देने से मना करने पर कहासुनी शुरू हो गई और बाद में विवाद बढ़ गया।
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अधिवक्ताओं का आरोप है कि पुलिस ने केवल लेखपाल की तहरीर पर अधिवक्ता के खिलाफ एफआईआर दर्ज की, जबकि उनकी तहरीर पर कार्रवाई नहीं की गई। इससे नाराज दर्जनों अधिवक्ता बृहस्पतिवार सुबह पिपरी थाने पहुंचे और कार्रवाई की मांग को लेकर धरने पर बैठ गए। वहीं शाम तक प्राथमिकी दर्ज नहीं होने पर अधिवक्ताओं ने आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी।
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इस दौरान सगीर अहमद, सुरेंद्र सिंह, सुखलाल यादव, मुलायम सिंह यादव, धर्मेंद्र सिंह, विजय प्रकाश, प्रदीप कुमार, राधे मोहन सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे।