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Kaushambi News: 20 हजार जर्जर खंभों से हो रही बिजली आपूर्ति, बारिश में बढ़ेगा खतरा
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
Updated Sun, 14 Jun 2026 11:58 PM IST
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नगर पंचायत सिराथू के शिवाला पर वार्ड में मकान की छत पर टिका जर्जर विद्युत पोल- संवाद
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मानसून की दस्तक से पहले जिले की बिजली व्यवस्था की हकीकत चिंता बढ़ाने वाली है। करोड़ों रुपये की रिवैंप योजना के तहत सुधार के दावों के बावजूद जिले में हजारों जर्जर बिजली पोल और लटकते तार लोगों की जान पर खतरा बने हुए हैं।
बिजली विभाग के आंकड़ों के अनुसार जिले में करीब 20 हजार जर्जर पोल अब भी बिजली आपूर्ति का आधार बने हुए हैं। इनमें से बड़ी संख्या कस्बों और ग्रामीण बाजारों में है। कई खंभे एक ओर झुक गए हैं।
सबसे ज्यादा खतरा भीड़भाड़ वाले इलाकों में
भरवारी, मंझनपुर, सरायअकिल, करारी, अजुहा, सिराथू, दारानगर-कड़ा, पश्चिमशरीरा, चायल, चरवा, सैनी और कोखराज क्षेत्र में बड़ी संख्या में जर्जर खंभे मौजूद हैं। इन क्षेत्रों के साथ अन्य ग्रामीण बाजार और चौराहे में ही कुल 5,545 जर्जर खंभे चिह्नित हैं।
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एक साल में तीन की गई जान
बीते एक वर्ष में जिले में जर्जर खंभे और तार टूटने से तीन लोगों की मौत हो चुकी है। कोखराज थाना क्षेत्र के महमदपुर असवां गांव में जून 2025 में 35 वर्षीय राजभवन की टूटे बिजली तार की चपेट में आने से मौत हो गई थी। सरायअकिल के इमलीगांव में खेत से लौट रही महिला रानी देवी मेड़ पर टूट कर गिरे बिजली के हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से मौत का शिकार हो गई। इसी प्रकार कौशाम्बी थाना क्षेत्र के मेड़रहा निवासी महिला संगीता देवी की खेत की मेड़ पर टूटी पड़ी हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से मौत हो गई।
कस्बों में जर्जर खंभों की स्थिति
क्षेत्र अनुमानित जर्जर पोल
भरवारी 250
मंझनपुर 300
सरायअकिल 120
करारी 130
अजुहा 130
सिराथू 150
दारानगर-कड़ा 130
पश्चिम शरीरा 200
चायल 150
चरवा 215
सैनी 700
कोखराज क्षेत्र 1,100
अन्य ग्रामीण बाजार व चौराहे 2,100
क्षेत्र में कई बिजली के खंभे वर्षों पुराने हो चुके हैं। कुछ खंभे झुक गए हैं, लेकिन विभाग की ओर से उन्हें बदलने की कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। -नरेंद्र पांडेय, वार्ड नंबर-9, सिराथू
कई जगह तार नीचे लटक रहे हैं। बरसात के दौरान लोगों को करंट लगने का डर बना रहता है। कई बार शिकायत के बावजूद समस्या जस की तस है। -संतोष कुमार, वार्ड नंबर-1, नगर पंचायत सिराथू
जर्जर खंभों के कारण हर बारिश में दुर्घटना का खतरा बना रहता है। विभाग को मानसून से पहले अभियान चलाकर ऐसे खंभों को बदलना चाहिए। -राम लाल भारतीय, वार्ड नंबर-1, डीहा सरैंया
गांव और बाजारों में कई खंभे नीचे से गल चुके हैं। तेज हवा चलने पर इनके गिरने का डर बना रहता है। यदि समय रहते इन्हें नहीं बदला गया तो बड़ा हादसा हो सकता है। -विमलेश पाल, चरवा पूरब थोक
जर्जर खंभों की सूची तैयार कर चरणबद्ध तरीके से उन्हें बदला जा रहा है। रिवैंप योजना के तहत कई क्षेत्रों में नए पोल लगाए गए हैं और शेष स्थानों पर भी जल्द कार्य कराया जाएगा। -श्याम नारायण, अधीक्षण अभियंता
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बिजली विभाग के आंकड़ों के अनुसार जिले में करीब 20 हजार जर्जर पोल अब भी बिजली आपूर्ति का आधार बने हुए हैं। इनमें से बड़ी संख्या कस्बों और ग्रामीण बाजारों में है। कई खंभे एक ओर झुक गए हैं।
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सबसे ज्यादा खतरा भीड़भाड़ वाले इलाकों में
भरवारी, मंझनपुर, सरायअकिल, करारी, अजुहा, सिराथू, दारानगर-कड़ा, पश्चिमशरीरा, चायल, चरवा, सैनी और कोखराज क्षेत्र में बड़ी संख्या में जर्जर खंभे मौजूद हैं। इन क्षेत्रों के साथ अन्य ग्रामीण बाजार और चौराहे में ही कुल 5,545 जर्जर खंभे चिह्नित हैं।
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एक साल में तीन की गई जान
बीते एक वर्ष में जिले में जर्जर खंभे और तार टूटने से तीन लोगों की मौत हो चुकी है। कोखराज थाना क्षेत्र के महमदपुर असवां गांव में जून 2025 में 35 वर्षीय राजभवन की टूटे बिजली तार की चपेट में आने से मौत हो गई थी। सरायअकिल के इमलीगांव में खेत से लौट रही महिला रानी देवी मेड़ पर टूट कर गिरे बिजली के हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से मौत का शिकार हो गई। इसी प्रकार कौशाम्बी थाना क्षेत्र के मेड़रहा निवासी महिला संगीता देवी की खेत की मेड़ पर टूटी पड़ी हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से मौत हो गई।
कस्बों में जर्जर खंभों की स्थिति
क्षेत्र अनुमानित जर्जर पोल
भरवारी 250
मंझनपुर 300
सरायअकिल 120
करारी 130
अजुहा 130
सिराथू 150
दारानगर-कड़ा 130
पश्चिम शरीरा 200
चायल 150
चरवा 215
सैनी 700
कोखराज क्षेत्र 1,100
अन्य ग्रामीण बाजार व चौराहे 2,100
क्षेत्र में कई बिजली के खंभे वर्षों पुराने हो चुके हैं। कुछ खंभे झुक गए हैं, लेकिन विभाग की ओर से उन्हें बदलने की कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। -नरेंद्र पांडेय, वार्ड नंबर-9, सिराथू
कई जगह तार नीचे लटक रहे हैं। बरसात के दौरान लोगों को करंट लगने का डर बना रहता है। कई बार शिकायत के बावजूद समस्या जस की तस है। -संतोष कुमार, वार्ड नंबर-1, नगर पंचायत सिराथू
जर्जर खंभों के कारण हर बारिश में दुर्घटना का खतरा बना रहता है। विभाग को मानसून से पहले अभियान चलाकर ऐसे खंभों को बदलना चाहिए। -राम लाल भारतीय, वार्ड नंबर-1, डीहा सरैंया
गांव और बाजारों में कई खंभे नीचे से गल चुके हैं। तेज हवा चलने पर इनके गिरने का डर बना रहता है। यदि समय रहते इन्हें नहीं बदला गया तो बड़ा हादसा हो सकता है। -विमलेश पाल, चरवा पूरब थोक
जर्जर खंभों की सूची तैयार कर चरणबद्ध तरीके से उन्हें बदला जा रहा है। रिवैंप योजना के तहत कई क्षेत्रों में नए पोल लगाए गए हैं और शेष स्थानों पर भी जल्द कार्य कराया जाएगा। -श्याम नारायण, अधीक्षण अभियंता

नगर पंचायत सिराथू के शिवाला पर वार्ड में मकान की छत पर टिका जर्जर विद्युत पोल- संवाद

नगर पंचायत सिराथू के शिवाला पर वार्ड में मकान की छत पर टिका जर्जर विद्युत पोल- संवाद

नगर पंचायत सिराथू के शिवाला पर वार्ड में मकान की छत पर टिका जर्जर विद्युत पोल- संवाद

नगर पंचायत सिराथू के शिवाला पर वार्ड में मकान की छत पर टिका जर्जर विद्युत पोल- संवाद