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Kaushambi News: मां बोली थी- जल्दी चलो बेटा, मिट्टी लाकर हलवा खाएंगे
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
Updated Mon, 04 May 2026 12:59 AM IST
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चकथामा गांव में रविवार सुबह मिट्टी का टीला ढहने से हुई दर्दनाक घटना ने पूरे गांव को गमगीन कर दिया। हादसे में गीता देवी पत्नी लल्लू और उनकी बेटी अंकिता की मौत हो गई, जबकि बेटा अंकित (10) घायल हो गया। अस्पताल में भर्ती अंकित अब भी इस बात से अनजान है कि उसकी मां और छोटी बहन इस दुनिया में नहीं रहीं।
अस्पताल के बेड पर लेटे अंकित ने नम आंखों से बताया कि रविवार को स्कूल की छुट्टी थी। सुबह उसकी मां गीता देवी ने चूल्हे पर गाजर उबालने के लिए कढ़ाई चढ़ाई थी और कहा था कि बेटा जल्दी चलो, मिट्टी लाकर फिर हलवा बनाकर खाएंगे। इसके बाद वह मां और छोटी बहन अंकिता के साथ घर से करीब 100 मीटर दूर मिट्टी के टीले पर मिट्टी लेने पहुंच गया।
अंकित ने बताया कि वह टीले के बाहर बैठा था और मां अंदर मिट्टी खोद रही थीं। मां ने कहा था कि वह मिट्टी भरकर देगी और वह उसे घर पहुंचा देगा। मिट्टी के इंतजार में अंकित बैठा ही था कि तभी अचानक भरभराकर मिट्टी का बड़ा टीला गिर पड़ा और उसकी मां, बहन समेत अन्य दो महिलाएं उसके नीचे दब गईं। अंकित भी उसकी चपेट में आ गया। उसका शरीर मिट्टी के बड़े ढेर में दब गया, केवल चेहरा बाहर रह गया।
वह जोर-जोर से चीखने लगा। उसकी आवाज सुनकर गांव के लोग दौड़े और किसी तरह उसे बाहर निकाला। उसके सिर, दोनों पैरों और हाथ में गंभीर चोटें आई हैं। परिजनों ने बताया कि अंकित के पिता लल्लू मुंबई में रहकर प्राइवेट नौकरी करते हैं। वह करीब 25 दिन पहले ही काम पर लौटे थे। घटना की सूचना मिलते ही वह मुंबई से ट्रेन पकड़कर घर के लिए रवाना हो गए। लल्लू के आने पर सोमवार को पत्नी व बेटी का पोस्टमार्टम कराया जाएगा।
पुलिस में जाना चाहती थी छोटी बहन
अंकित और उसकी बहन मंझनपुर के एक इंग्लिश मीडियम स्कूल में पढ़ते थे। अंकित ने बताया कि उसकी मां हमेशा कहती थीं कि बेटा खूब मन लगाकर पढ़ना, पढ़ाई से कभी पीछे मत हटना। वह बड़ा होकर डॉक्टर बनना चाहता है, जबकि उसकी छोटी बहन पुलिस बनने का सपना देखती थी।
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अस्पताल के बेड पर लेटे अंकित ने नम आंखों से बताया कि रविवार को स्कूल की छुट्टी थी। सुबह उसकी मां गीता देवी ने चूल्हे पर गाजर उबालने के लिए कढ़ाई चढ़ाई थी और कहा था कि बेटा जल्दी चलो, मिट्टी लाकर फिर हलवा बनाकर खाएंगे। इसके बाद वह मां और छोटी बहन अंकिता के साथ घर से करीब 100 मीटर दूर मिट्टी के टीले पर मिट्टी लेने पहुंच गया।
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अंकित ने बताया कि वह टीले के बाहर बैठा था और मां अंदर मिट्टी खोद रही थीं। मां ने कहा था कि वह मिट्टी भरकर देगी और वह उसे घर पहुंचा देगा। मिट्टी के इंतजार में अंकित बैठा ही था कि तभी अचानक भरभराकर मिट्टी का बड़ा टीला गिर पड़ा और उसकी मां, बहन समेत अन्य दो महिलाएं उसके नीचे दब गईं। अंकित भी उसकी चपेट में आ गया। उसका शरीर मिट्टी के बड़े ढेर में दब गया, केवल चेहरा बाहर रह गया।
वह जोर-जोर से चीखने लगा। उसकी आवाज सुनकर गांव के लोग दौड़े और किसी तरह उसे बाहर निकाला। उसके सिर, दोनों पैरों और हाथ में गंभीर चोटें आई हैं। परिजनों ने बताया कि अंकित के पिता लल्लू मुंबई में रहकर प्राइवेट नौकरी करते हैं। वह करीब 25 दिन पहले ही काम पर लौटे थे। घटना की सूचना मिलते ही वह मुंबई से ट्रेन पकड़कर घर के लिए रवाना हो गए। लल्लू के आने पर सोमवार को पत्नी व बेटी का पोस्टमार्टम कराया जाएगा।
पुलिस में जाना चाहती थी छोटी बहन
अंकित और उसकी बहन मंझनपुर के एक इंग्लिश मीडियम स्कूल में पढ़ते थे। अंकित ने बताया कि उसकी मां हमेशा कहती थीं कि बेटा खूब मन लगाकर पढ़ना, पढ़ाई से कभी पीछे मत हटना। वह बड़ा होकर डॉक्टर बनना चाहता है, जबकि उसकी छोटी बहन पुलिस बनने का सपना देखती थी।
