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Kaushambi News: स्पोर्ट्स हॉस्टल के लिए नहीं मिल रहे खिलाड़ी
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जिले में खेल प्रतिभाओं को निखारने के लिए संचालित स्पोर्ट्स हॉस्टल में सोमवार को ट्रायल लिया गया। इसमें मात्र दो खिलाड़ी ही पहुंचे। इसके बाद जिम्मेदारों की कार्यशैली पर सवाल उठने लगे हैं कि क्यों स्थानीय खिलाड़ी ट्रायल में रूचि नहीं दिखा रहे हैं। वहीं, खिलाड़ियों का कहना है कि उन्हें ट्रायल की जानकारी नहीं मिल पाती है।
इन दिनों जिला स्टेडियम में विभिन्न खेलों के ट्रायल चल रहे हैं। लेकिन ट्रायल में खिलाड़ियों की भागीदारी बेहद कम है। बीते वर्ष भी यही स्थिति रही थी। खिलाड़ी अमन कुमार ने बताया कि किसी ने ट्रायल की जानकारी ही नहीं दी। स्कूलों में भी कोई सूचना नहीं दी गई। अभिभावक उमेश कुमार का कहना है कि अगर गांव-गांव यह सूचना होती तो खिलाड़ी मिलते। बच्चों को इस प्रकार के मौके की जरूरत है।
वहीं, जिला उप क्रीड़ाधिकारी अजय प्रताप साहू ने बताया कि हॉस्टल में चयन के नियम सख्त है। जिस वजह से कई खिलाड़ी ट्रायल में ही फेल हो जाते हैं। जिला खेल सचिव श्यामलाल ने बताया कि खेल विभाग ने ट्रायल को लेकर जानकारी नहीं दी। अगर जानकारी मिलती तो स्कूलों के खिलाड़ी शामिल होते और के खिलाड़ियों का हॉस्टल में प्रतिनिधित्व बढ़ता।
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इन दिनों जिला स्टेडियम में विभिन्न खेलों के ट्रायल चल रहे हैं। लेकिन ट्रायल में खिलाड़ियों की भागीदारी बेहद कम है। बीते वर्ष भी यही स्थिति रही थी। खिलाड़ी अमन कुमार ने बताया कि किसी ने ट्रायल की जानकारी ही नहीं दी। स्कूलों में भी कोई सूचना नहीं दी गई। अभिभावक उमेश कुमार का कहना है कि अगर गांव-गांव यह सूचना होती तो खिलाड़ी मिलते। बच्चों को इस प्रकार के मौके की जरूरत है।
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वहीं, जिला उप क्रीड़ाधिकारी अजय प्रताप साहू ने बताया कि हॉस्टल में चयन के नियम सख्त है। जिस वजह से कई खिलाड़ी ट्रायल में ही फेल हो जाते हैं। जिला खेल सचिव श्यामलाल ने बताया कि खेल विभाग ने ट्रायल को लेकर जानकारी नहीं दी। अगर जानकारी मिलती तो स्कूलों के खिलाड़ी शामिल होते और के खिलाड़ियों का हॉस्टल में प्रतिनिधित्व बढ़ता।