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Kushinagar News: आसमान से बौद्ध धरोहरों का दीदार, मोटर पैरा ग्लाइडिंग बनी पर्यटकों की पहली पसंद
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हिरण्यवती नदी के बुद्धा घाट पर नाव से लुत्फ उठाते पर्यटक,स्रोत सोशल मीडिया
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सपहा (कुशीनगर)। अंतरराष्ट्रीय पर्यटन स्थल कुशीनगर में अब श्रद्धा के साथ रोमांच का नया अध्याय जुड़ गया है। बौद्ध तीर्थ के रूप में विश्वभर में प्रसिद्ध यह नगर अब एडवेंचर टूरिज्म की दिशा में भी कदम बढ़ा चुका है। जिले में पहली बार मोटर पैरा ग्लाइडिंग की शुरुआत की गई है, जिसे पर्यटकों से उत्साहजनक प्रतिक्रिया मिल रही है। इसके साथ ही प्राचीन हिरण्यवती नदी में मोटरबोट सुविधा भी शुरू हो गई है, जिससे सैलानी प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद ले रहे हैं।
500 फीट की ऊंचाई से बौद्ध स्थलों का विहंगम दृश्य :
‘एडवेंचर ऑफ पूर्वांचल’ के तत्वावधान में शुरू की गई इस सेवा के तहत पर्यटक अब मोटर पैरा ग्लाइडिंग के जरिए महापरिनिर्वाण स्थली सहित प्रमुख बौद्ध धरोहरों का आकाशीय दीदार कर रहे हैं। फिलहाल एक ग्लाइडर पर पायलट के साथ एक पर्यटक उड़ान भर रहा है। लगभग 15 मिनट की इस रोमांचक उड़ान के दौरान पर्यटक 500 फीट की ऊंचाई तक पहुंचते हैं और करीब 5000 वर्ग मीटर क्षेत्र का विहंगम दृश्य देखते हैं। ऊपर से महापरिनिर्वाण बुद्ध मंदिर, माथा कुंवर बुद्ध मंदिर, रामाभार स्तूप, हिरण्यवती नदी और आसपास की हरियाली का नज़ारा सैलानियों को रोमांच से भर देता है। अब तक कुशीनगर आने वाले देशी-विदेशी पर्यटक दर्शन कर लौट जाते थे, लेकिन एडवेंचर गतिविधियों की कमी के कारण उनका ठहराव सीमित रहता था। नई सुविधाओं से उम्मीद है कि यहां पर्यटकों का रुकने का समय बढ़ेगा।
शुल्क मात्र 2000 रुपये : पर्यटकों को मात्र दो हजार रुपये में यह अनुभव कराया जा रहा है। पर्यटन सीजन को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और पर्यटन विभाग के सहयोग से ‘एडवेंचर ऑफ पूर्वांचल’ कंपनी ने यह पहल की है। सेवा संचालक राहुल मणि त्रिपाठी के अनुसार, इस पहल का उद्देश्य कुशीनगर में पर्यटन को नई दिशा देना और सैलानियों को यादगार अनुभव प्रदान करना है।
मोटरबोटिंग से भी बढ़ा आकर्षण : पैरा मोटरिंग के साथ-साथ हिरण्यवती नदी में मोटरबोट सुविधा भी शुरू की गई है। परिवारों और विदेशी पर्यटकों में यह विशेष रूप से लोकप्रिय हो रही है। शांत जलधारा के बीच बोटिंग का अनुभव आध्यात्मिक वातावरण को और सुकूनभरा बना रहा है।
क्यों अहम है यह पहल?
पर्यटन विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सुरक्षा मानकों के साथ भविष्य में ट्रैकिंग, साइक्लिंग, सांस्कृतिक कार्यक्रम और ग्रामीण पर्यटन को भी जोड़ा जाए, तो कुशीनगर एक समग्र पर्यटन मॉडल के रूप में उभर सकता है।
यह पहल-
-पर्यटकों के ठहराव की अवधि बढ़ाएगी
-कुशीनगर को एडवेंचर टूरिज्म की नई पहचान देगी
-स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित करेगी
-क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूती देगी
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500 फीट की ऊंचाई से बौद्ध स्थलों का विहंगम दृश्य :
‘एडवेंचर ऑफ पूर्वांचल’ के तत्वावधान में शुरू की गई इस सेवा के तहत पर्यटक अब मोटर पैरा ग्लाइडिंग के जरिए महापरिनिर्वाण स्थली सहित प्रमुख बौद्ध धरोहरों का आकाशीय दीदार कर रहे हैं। फिलहाल एक ग्लाइडर पर पायलट के साथ एक पर्यटक उड़ान भर रहा है। लगभग 15 मिनट की इस रोमांचक उड़ान के दौरान पर्यटक 500 फीट की ऊंचाई तक पहुंचते हैं और करीब 5000 वर्ग मीटर क्षेत्र का विहंगम दृश्य देखते हैं। ऊपर से महापरिनिर्वाण बुद्ध मंदिर, माथा कुंवर बुद्ध मंदिर, रामाभार स्तूप, हिरण्यवती नदी और आसपास की हरियाली का नज़ारा सैलानियों को रोमांच से भर देता है। अब तक कुशीनगर आने वाले देशी-विदेशी पर्यटक दर्शन कर लौट जाते थे, लेकिन एडवेंचर गतिविधियों की कमी के कारण उनका ठहराव सीमित रहता था। नई सुविधाओं से उम्मीद है कि यहां पर्यटकों का रुकने का समय बढ़ेगा।
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शुल्क मात्र 2000 रुपये : पर्यटकों को मात्र दो हजार रुपये में यह अनुभव कराया जा रहा है। पर्यटन सीजन को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और पर्यटन विभाग के सहयोग से ‘एडवेंचर ऑफ पूर्वांचल’ कंपनी ने यह पहल की है। सेवा संचालक राहुल मणि त्रिपाठी के अनुसार, इस पहल का उद्देश्य कुशीनगर में पर्यटन को नई दिशा देना और सैलानियों को यादगार अनुभव प्रदान करना है।
मोटरबोटिंग से भी बढ़ा आकर्षण : पैरा मोटरिंग के साथ-साथ हिरण्यवती नदी में मोटरबोट सुविधा भी शुरू की गई है। परिवारों और विदेशी पर्यटकों में यह विशेष रूप से लोकप्रिय हो रही है। शांत जलधारा के बीच बोटिंग का अनुभव आध्यात्मिक वातावरण को और सुकूनभरा बना रहा है।
क्यों अहम है यह पहल?
पर्यटन विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सुरक्षा मानकों के साथ भविष्य में ट्रैकिंग, साइक्लिंग, सांस्कृतिक कार्यक्रम और ग्रामीण पर्यटन को भी जोड़ा जाए, तो कुशीनगर एक समग्र पर्यटन मॉडल के रूप में उभर सकता है।
यह पहल-
-पर्यटकों के ठहराव की अवधि बढ़ाएगी
-कुशीनगर को एडवेंचर टूरिज्म की नई पहचान देगी
-स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित करेगी
-क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूती देगी

हिरण्यवती नदी के बुद्धा घाट पर नाव से लुत्फ उठाते पर्यटक,स्रोत सोशल मीडिया

हिरण्यवती नदी के बुद्धा घाट पर नाव से लुत्फ उठाते पर्यटक,स्रोत सोशल मीडिया

हिरण्यवती नदी के बुद्धा घाट पर नाव से लुत्फ उठाते पर्यटक,स्रोत सोशल मीडिया
