{"_id":"6a2db3f7f4daab24b60aa0a1","slug":"compressor-failure-dental-treatment-difficult-kushinagar-news-c-205-1-ksh1001-161692-2026-06-14","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kushinagar News: कंप्रेसर खराब, दांतों के इलाज में दिक्कत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kushinagar News: कंप्रेसर खराब, दांतों के इलाज में दिक्कत
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Sun, 14 Jun 2026 01:18 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
मथौली। सीएचसी में दंत चिकित्सा सेवा पिछले एक साल से ठप पड़ी है। यहां दांतों की सफाई और फिलिंग के लिए लगा डेंटल कंप्रेसर खराब है। डॉक्टर सिर्फ दवा लिखकर मरीजों को लौटा रहे हैं। अस्पताल में दंत चिकित्सक और डेंटल सहायक तैनात होने के बावजूद मशीन खराब होने से इलाज नहीं हो पा रहा। हालांकि प्रभारी चिकित्सा अधिकारी ने सीएमओ को सूचना भेजी है, लेकिन एक साल बाद भी मशीन की मरम्मत नहीं हुई।
सरकारी अस्पताल में मुफ्त इलाज की उम्मीद लेकर आने वाले दांत के मरीजों को मथौली सीएचसी से मायूसी ही मिल रही है। यहां पिछले एक वर्ष से डेंटल कंप्रेसर खराब पड़ा है। इससे दांतों की सफाई, फिलिंग और अन्य जरूरी उपचार पूरी तरह बंद हैं। सीएचसी मथौली में दंत चिकित्सक और डेंटल सहायक की तैनाती है। पहले यहां दांतों की सफाई और खराब दांतों में फिलिंग की सुविधा मिलती थी। लेकिन कंप्रेसर मशीन खराब होने के बाद से डॉक्टर केवल मरीजों की प्राथमिक जांच कर दर्द की दवा लिखकर भेज देते हैं। इससे मरीजों को पूरा इलाज नहीं मिल पा रहा।
इलाज कराने आए क्षेत्र के पूनम सिंह, इम्तियाज अंसारी, हेमंत यादव, अदिति, सत्येंद्र सिंह, शाहिद अंसारी, मुबारक अंसारी, वकील, हेमंत यादव, बलवंत यादव, जनार्दन सिंह, रामबदन सिंह, बृजेश गुप्ता, अखिलेश मल्ल ने बताया कि सरकारी अस्पताल में इलाज न मिलने से निजी अस्पताल में जाना पड़ रहा है। एक बार दांत की सफाई का 800 से 1200 रुपये और फिलिंग का 1500 से 2000 रुपये तक देना पड़ता है। प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजेश कुमार मद्धेशिया ने बताया कि कंप्रेसर मशीन खराब होने की सूचना सीएमओ कार्यालय को कई बार भेजी जा चुकी है। लेकिन अभी तक मशीन की मरम्मत नहीं हो सकी है। हम सिर्फ दवा लिख पा रहे हैं, मशीन वाला काम रुका है। संवाद
विज्ञापन
सरकारी अस्पताल में मुफ्त इलाज की उम्मीद लेकर आने वाले दांत के मरीजों को मथौली सीएचसी से मायूसी ही मिल रही है। यहां पिछले एक वर्ष से डेंटल कंप्रेसर खराब पड़ा है। इससे दांतों की सफाई, फिलिंग और अन्य जरूरी उपचार पूरी तरह बंद हैं। सीएचसी मथौली में दंत चिकित्सक और डेंटल सहायक की तैनाती है। पहले यहां दांतों की सफाई और खराब दांतों में फिलिंग की सुविधा मिलती थी। लेकिन कंप्रेसर मशीन खराब होने के बाद से डॉक्टर केवल मरीजों की प्राथमिक जांच कर दर्द की दवा लिखकर भेज देते हैं। इससे मरीजों को पूरा इलाज नहीं मिल पा रहा।
विज्ञापन
विज्ञापन
इलाज कराने आए क्षेत्र के पूनम सिंह, इम्तियाज अंसारी, हेमंत यादव, अदिति, सत्येंद्र सिंह, शाहिद अंसारी, मुबारक अंसारी, वकील, हेमंत यादव, बलवंत यादव, जनार्दन सिंह, रामबदन सिंह, बृजेश गुप्ता, अखिलेश मल्ल ने बताया कि सरकारी अस्पताल में इलाज न मिलने से निजी अस्पताल में जाना पड़ रहा है। एक बार दांत की सफाई का 800 से 1200 रुपये और फिलिंग का 1500 से 2000 रुपये तक देना पड़ता है। प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजेश कुमार मद्धेशिया ने बताया कि कंप्रेसर मशीन खराब होने की सूचना सीएमओ कार्यालय को कई बार भेजी जा चुकी है। लेकिन अभी तक मशीन की मरम्मत नहीं हो सकी है। हम सिर्फ दवा लिख पा रहे हैं, मशीन वाला काम रुका है। संवाद