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Kushinagar News: कलक्ट्रेट के सामने पांच करोड़ के पार्क पर फिर रहा पानी
Fri, 07 Aug 2026 02:38 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Fri, 07 Aug 2026 02:38 AM IST
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-मानक के अनुसार निर्माण नहीं होने से उद्यान विभाग का हस्तगत करने से इन्कार, कार्यदायी संस्था कर रही टाल-मटोल
पडरौना। कलक्ट्रेट के सामने करीब पांच करोड़ रुपये की लागत से बन रहा पार्क बदहाली का शिकार है। पार्क में जगह-जगह पानी भरा हुआ है। पार्क में फूल और बरमूडा ग्रास के घास की जगह मूंज समेत अन्य खरपतवार उग आए हैं। बीते करीब दो साल से बन रहा पार्क आम जनता के लिए अब तक नहीं खुल सका है। पार्क में अभी कई निर्माण कार्य अधूरा होने के बावजूद कार्यदायी संस्था उद्यान विभाग पर हैंडओवर के लिए दबाव बना रही है लेकिन उद्यान विभाग पार्क को हस्तगत करने से इन्कार कर रहा है। विभाग का कहना है कि जब तक शासन की तरफ से स्वीकृति प्रस्ताव के अनुसार सभी निर्माण कार्य पूरा नहीं हो जाएंगे तक तक पार्क को हस्तगत नहीं किया जाएगा।
जिला मुख्यालय पर खाली पड़ी जमीन पर करीब दो वर्ष पहले 4.99 करोड़ की लागत से बुद्ध पार्क का निर्माण कार्य शुरू हुआ था। शासन ने यूपीआरएनएसएस निर्माण खंड गोरखपुर द्वितीय को कार्यदायी संस्था नामित किया था। कार्यदायी संस्था को शासन की तरफ से स्वीकृत धनराशि से बुद्धा पार्क में पाथवे, पौधरोपण, पंप हाउस, कार्यालय कम गोदाम और जिम हाल के निर्माण के साथ ही पार्क में छायादार और शोभाकार पौधे लगाकर विकसित करने थे। इसके अलाव खाली जमीन पर मिट्टी भराई कर बरमूडा ग्रास लगाई जानी थी।
कार्यदायी संस्था ने पाथवे, पौधरोपण, पंप हाउस, कार्यालय कम गोदाम और जिम हाल का निर्माण कार्य पूरा तो करा लिया लेकिन पार्क की खाली पड़ी जमीन पर न तो पर्याप्त मिट्टी भराई की और न ही बरमूडा ग्रास लगाई। चारों तरफ बनी सड़क से पार्क परिसर नीचे होने से हल्की बारिश होने पर भी पार्क में जलभराव हो गया है।
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पार्क में बने वॉकिंग ट्रैक उपयोग होने से पहले ही क्षतिग्रस्त होने लगा है। पार्क में लगे झूले, ओपन जिम के उपकरण जंग खा रहे हैं। रखरखाव के नाम पर कुछ नहीं हो रहा। बारिश के बाद तो स्थिति और खराब हो गई है। पार्क परिसर में बारिश का पानी एकत्र रहने और खरपतवार उगने से सांप समेत खतरनाक कीड़े-मकोडे़ दिखाई देते हैं। जिला मुख्यालय आने वाले लोगों में अनहोनी की आशंका बनी रहती है।
सूत्रों का कहना है कि कार्यदायी संस्था ने मई में ही पार्क बनाकर उद्यान विभाग को सौंपने की बात कही थी लेकिन मानकों पर खरा न उतरने के कारण उद्यान विभाग ने हस्तगत कने से इन्कार कर दिया है। विभाग का कहना था कि पार्क के खाली पड़ी जमीन पर न तो पर्याप्त मिट्टी की भराई की गई और न ही जलनिकासी की व्यवस्था की गई है। पार्क में बना पाथवे और लाइट की व्यवस्था भी ठीक नहीं है।
सूत्रों के अनुसार जिला समाज कल्याण अधिकारी की अगुवाई में डीएम ने टीम गठित कर जांच के आदेश दिए थे। जांच में पार्क परिसर में जलभराव समेत अन्य कई निर्माण कार्य अधूरे मिले थे। कार्यदायी संस्था को अधूरे पड़े निर्माण पूरा कराने और पार्क परिसर में मिट्टी भराई और जलनिकासी की व्यवस्था कराने के निर्देश भी दिए गए थे। निर्देश के करीब दो माह बाद भी पार्क परिसर में मिट्टी भराई समेत अन्य अधूरे निर्माण कार्य पूरा कराने के लिए कार्यदायी संस्था की तरफ से कोई कार्रवाई नहीं हुई।
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बुद्ध पार्क के निर्माण का काम मानक के अनुसार नहीं हुआ है। बिना सुधार के हैंडओवर नहीं लिया जाएगा। कार्यदायी संस्था को नोटिस देकर सुधार के निर्देश दिए गए हैं। -कृष्ण कुमार, जिला उद्यान अधिकारी, कुधीनगर।
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बुद्ध पार्क जिला मुख्यालय का इकलौता पार्क है। पर्याप्त मिट्टी की भराई नहीं होने से परिसर में चारों तरफ से बारिश का पानी भरा है। काफी समय से पानी एकत्र रहने और झाड़-झंखाड़ उग आने के चलते अक्सर सांप समेत अन्य कीड़े-मकोड़े दिखाई देते हैं। -रामप्रताप साहनी, विजयापुर।
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जिला मुख्यालय पर एक विभाग में निजी कार्य के लिए आया था। अधिकारी अभी हैं नहीं। कार्यालय के लिपिक ने बताया कि करीब एक घंटे बाद साहब आएंगे। उन्हीं का इंतजार कर रहा हूं। यदि पार्क चालू होता तो वहां बैठता। पार्क चालू नहीं होने कलक्ट्रेट परिसर में बैठा हूं। -धनंजय राय, किशुनदेव पट्टी।
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पडरौना। कलक्ट्रेट के सामने करीब पांच करोड़ रुपये की लागत से बन रहा पार्क बदहाली का शिकार है। पार्क में जगह-जगह पानी भरा हुआ है। पार्क में फूल और बरमूडा ग्रास के घास की जगह मूंज समेत अन्य खरपतवार उग आए हैं। बीते करीब दो साल से बन रहा पार्क आम जनता के लिए अब तक नहीं खुल सका है। पार्क में अभी कई निर्माण कार्य अधूरा होने के बावजूद कार्यदायी संस्था उद्यान विभाग पर हैंडओवर के लिए दबाव बना रही है लेकिन उद्यान विभाग पार्क को हस्तगत करने से इन्कार कर रहा है। विभाग का कहना है कि जब तक शासन की तरफ से स्वीकृति प्रस्ताव के अनुसार सभी निर्माण कार्य पूरा नहीं हो जाएंगे तक तक पार्क को हस्तगत नहीं किया जाएगा।
जिला मुख्यालय पर खाली पड़ी जमीन पर करीब दो वर्ष पहले 4.99 करोड़ की लागत से बुद्ध पार्क का निर्माण कार्य शुरू हुआ था। शासन ने यूपीआरएनएसएस निर्माण खंड गोरखपुर द्वितीय को कार्यदायी संस्था नामित किया था। कार्यदायी संस्था को शासन की तरफ से स्वीकृत धनराशि से बुद्धा पार्क में पाथवे, पौधरोपण, पंप हाउस, कार्यालय कम गोदाम और जिम हाल के निर्माण के साथ ही पार्क में छायादार और शोभाकार पौधे लगाकर विकसित करने थे। इसके अलाव खाली जमीन पर मिट्टी भराई कर बरमूडा ग्रास लगाई जानी थी।
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कार्यदायी संस्था ने पाथवे, पौधरोपण, पंप हाउस, कार्यालय कम गोदाम और जिम हाल का निर्माण कार्य पूरा तो करा लिया लेकिन पार्क की खाली पड़ी जमीन पर न तो पर्याप्त मिट्टी भराई की और न ही बरमूडा ग्रास लगाई। चारों तरफ बनी सड़क से पार्क परिसर नीचे होने से हल्की बारिश होने पर भी पार्क में जलभराव हो गया है।
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पार्क में बने वॉकिंग ट्रैक उपयोग होने से पहले ही क्षतिग्रस्त होने लगा है। पार्क में लगे झूले, ओपन जिम के उपकरण जंग खा रहे हैं। रखरखाव के नाम पर कुछ नहीं हो रहा। बारिश के बाद तो स्थिति और खराब हो गई है। पार्क परिसर में बारिश का पानी एकत्र रहने और खरपतवार उगने से सांप समेत खतरनाक कीड़े-मकोडे़ दिखाई देते हैं। जिला मुख्यालय आने वाले लोगों में अनहोनी की आशंका बनी रहती है।
सूत्रों का कहना है कि कार्यदायी संस्था ने मई में ही पार्क बनाकर उद्यान विभाग को सौंपने की बात कही थी लेकिन मानकों पर खरा न उतरने के कारण उद्यान विभाग ने हस्तगत कने से इन्कार कर दिया है। विभाग का कहना था कि पार्क के खाली पड़ी जमीन पर न तो पर्याप्त मिट्टी की भराई की गई और न ही जलनिकासी की व्यवस्था की गई है। पार्क में बना पाथवे और लाइट की व्यवस्था भी ठीक नहीं है।
सूत्रों के अनुसार जिला समाज कल्याण अधिकारी की अगुवाई में डीएम ने टीम गठित कर जांच के आदेश दिए थे। जांच में पार्क परिसर में जलभराव समेत अन्य कई निर्माण कार्य अधूरे मिले थे। कार्यदायी संस्था को अधूरे पड़े निर्माण पूरा कराने और पार्क परिसर में मिट्टी भराई और जलनिकासी की व्यवस्था कराने के निर्देश भी दिए गए थे। निर्देश के करीब दो माह बाद भी पार्क परिसर में मिट्टी भराई समेत अन्य अधूरे निर्माण कार्य पूरा कराने के लिए कार्यदायी संस्था की तरफ से कोई कार्रवाई नहीं हुई।
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बुद्ध पार्क के निर्माण का काम मानक के अनुसार नहीं हुआ है। बिना सुधार के हैंडओवर नहीं लिया जाएगा। कार्यदायी संस्था को नोटिस देकर सुधार के निर्देश दिए गए हैं। -कृष्ण कुमार, जिला उद्यान अधिकारी, कुधीनगर।
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बुद्ध पार्क जिला मुख्यालय का इकलौता पार्क है। पर्याप्त मिट्टी की भराई नहीं होने से परिसर में चारों तरफ से बारिश का पानी भरा है। काफी समय से पानी एकत्र रहने और झाड़-झंखाड़ उग आने के चलते अक्सर सांप समेत अन्य कीड़े-मकोड़े दिखाई देते हैं। -रामप्रताप साहनी, विजयापुर।
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जिला मुख्यालय पर एक विभाग में निजी कार्य के लिए आया था। अधिकारी अभी हैं नहीं। कार्यालय के लिपिक ने बताया कि करीब एक घंटे बाद साहब आएंगे। उन्हीं का इंतजार कर रहा हूं। यदि पार्क चालू होता तो वहां बैठता। पार्क चालू नहीं होने कलक्ट्रेट परिसर में बैठा हूं। -धनंजय राय, किशुनदेव पट्टी।