{"_id":"69cadc58284fe95a7e0ff77b","slug":"ganja-smuggling-gangster-act-to-be-invoked-against-12-accused-including-four-constables-kushinagar-news-c-205-1-ksh1049-157209-2026-03-31","type":"story","status":"publish","title_hn":"गांजा तस्करी : चार सिपाहियों समेत 12 आरोपियों पर लगेगा गैंगस्टर एक्ट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गांजा तस्करी : चार सिपाहियों समेत 12 आरोपियों पर लगेगा गैंगस्टर एक्ट
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Tue, 31 Mar 2026 01:56 AM IST
विज्ञापन
विज्ञापन
पडरौना। चर्चित गांजा तस्करी कांड में चार सिपाहियों समेत 12 तस्करों पर गैंगस्टर की कार्रवाई की जा सकती है। उनकी आय से अधिक संपत्ति भी कुर्क की जा सकती है। इस घटना के 12 दिन बीत जाने के बाद भी दो सिपाही समेत आठ आरोपी पुलिस के हाथ नहीं लग पाए हैं।
इन आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीम बिहार से लेकर यूपी तक दबिश दे रही है। आरोपियों के मोबाइल घटना के बाद से बंद हैं। वे लगातार ठिकाना बदल रहे हैं। पुलिस के लिए उनकी गिरफ्तारी चुनौती है।
गांजा तस्करी की जांच में यह साफ हो गया है कि यह केवल तस्करों का गिरोह नहीं था, बल्कि इसमें विभाग के ही चार सिपाहियों ने ढाल बनकर काम किया। वर्दी की आड़ में रचे गए इस खेल ने पुलिस की गतिविधियों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
सूत्रों के अनुसार, इन सिपाहियों ने पद का दुरुपयोग कर तस्करों को सुरक्षित रास्ता और संरक्षण मुहैया कराया। इन सभी 12 आरोपियों को संगठित गिरोह का हिस्सा मानकर उन पर शिकंजा कसा जाएगा। इससे पहले उनकी गिरफ्तारी व न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल करने की कार्रवाई होनी है।
घटना के बाद 12 दिन से लुका-छिपी का खेल जारी है। पहुंच के पहुंचने से पहले तस्करों को भनक लग जा रही है और वे लोकेशन बदल दे रहे हैं। घटना के 12 दिन बाद भी दो सिपाही समेत आठ तस्करों को ढूंढ़ना पुलिस के लिए चुनौती है।
आरोपियों के मोबाइल बंद होने से पुलिस का सर्विलांस सिस्टम भी बेअसर है। पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली से अच्छी तरह वाकिफ दोनों आरोपी सिपाही तकनीकी ट्रैकिंग से बचने के लिए लगातार लोकेशन बदल रहे हैं और अपने मोबाइल फोन बंद रखे हुए हैं।
सूत्रों के मुताबिक, सर्विलांस सेल को भी उनके टावर लोकेशन जुटाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, जिससे पुलिस का मुखबिर तंत्र भी फिलहाल नाकाम साबित हो रहा है। सूत्रों ने बताया कि भागते फिर रहे दोनों सिपाहियों समेत आठ आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ ही गैंगस्टर की कार्रवाई शुरू की जाएगी। पुलिस आरोपियों के करीबियों की पहचान में जुटी है।
Trending Videos
इन आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीम बिहार से लेकर यूपी तक दबिश दे रही है। आरोपियों के मोबाइल घटना के बाद से बंद हैं। वे लगातार ठिकाना बदल रहे हैं। पुलिस के लिए उनकी गिरफ्तारी चुनौती है।
विज्ञापन
विज्ञापन
गांजा तस्करी की जांच में यह साफ हो गया है कि यह केवल तस्करों का गिरोह नहीं था, बल्कि इसमें विभाग के ही चार सिपाहियों ने ढाल बनकर काम किया। वर्दी की आड़ में रचे गए इस खेल ने पुलिस की गतिविधियों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
सूत्रों के अनुसार, इन सिपाहियों ने पद का दुरुपयोग कर तस्करों को सुरक्षित रास्ता और संरक्षण मुहैया कराया। इन सभी 12 आरोपियों को संगठित गिरोह का हिस्सा मानकर उन पर शिकंजा कसा जाएगा। इससे पहले उनकी गिरफ्तारी व न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल करने की कार्रवाई होनी है।
घटना के बाद 12 दिन से लुका-छिपी का खेल जारी है। पहुंच के पहुंचने से पहले तस्करों को भनक लग जा रही है और वे लोकेशन बदल दे रहे हैं। घटना के 12 दिन बाद भी दो सिपाही समेत आठ तस्करों को ढूंढ़ना पुलिस के लिए चुनौती है।
आरोपियों के मोबाइल बंद होने से पुलिस का सर्विलांस सिस्टम भी बेअसर है। पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली से अच्छी तरह वाकिफ दोनों आरोपी सिपाही तकनीकी ट्रैकिंग से बचने के लिए लगातार लोकेशन बदल रहे हैं और अपने मोबाइल फोन बंद रखे हुए हैं।
सूत्रों के मुताबिक, सर्विलांस सेल को भी उनके टावर लोकेशन जुटाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, जिससे पुलिस का मुखबिर तंत्र भी फिलहाल नाकाम साबित हो रहा है। सूत्रों ने बताया कि भागते फिर रहे दोनों सिपाहियों समेत आठ आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ ही गैंगस्टर की कार्रवाई शुरू की जाएगी। पुलिस आरोपियों के करीबियों की पहचान में जुटी है।