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Kushinagar News: रसोई गैस सिलिंडर का पता नहीं, डिलीवरी का आ गया मैसेज
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Tue, 07 Apr 2026 01:53 AM IST
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पडरौना। जिले में एक महीने से अधिक समय से रसोई गैस की किल्लत चली आ रही है। ऐसे में कंपनियों ने उपभोक्ताओं को गैस सिलिंडर आपूर्ति के लिए ई-केवाईसी, बुकिंग व ऑनलाइन पेमेंट आदि करने के लिए दिशा-निर्देश जारी कर दिया। जिसका खामियाजा उपभोक्ता भुगत रहे हैं।
हालात यह है कि बुकिंग के एक सप्ताह बाद भी सिलिंडर घर नहीं पहुंच रहा है,जबकि उपभोक्ताओं के मोबाइल पर ‘’सक्सेसफुल डिलीवरी’’ का मैसेज आ रहा है। कागजों और सर्वर पर गैस बंट रही है,लेकिन हकीकत में उपभोक्ता खाली सिलिंडर लेकर आपूर्ति का इंतजार कर रहे हैं।
उपभोक्ताओं का आरोप है कि गैस एजेंसियां अपना कोटा और रिकॉर्ड दुरुस्त दिखाने के लिए डिलीवरी अपडेट कर रही हैं। बुकिंग आईडी जनरेट होने के कुछ ही दिनों भीतर मोबाइल पर ‘’सिलिंडर आपूर्ति’’ होने का मैसेज आ जाता है।
जब उपभोक्ता एजेंसी पहुंचता है, तो उसे सर्वर की खराबी या तकनीकी खामी बताकर टाल दिया जाता है। ऑनलाइन भुगतान करने वाले उपभोक्ताओं की स्थिति और भी बदतर है। पैसे कट जाने के बाद भी उन्हें गैस के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है। डिजिटल ट्रांजेक्शन के बावजूद सप्ताह बीत जाने पर भी होम डिलीवरी घर नहीं पहुंच रही है।
मौजूदा हालात में उपभोक्ता गैस एजेंसी या गोदामों के चक्कर काट रहे हैं। उन्हें एजेंसी संचालकों का जवाब है कि सप्लाई कम आ रही है या कोई दूसरी बहानेबाजी की जा रही है।
इससे उपभोक्ताओं की परेशान बढ़ी हुई है। जबकि जिला प्रशासन किल्लत के बीच रसोई गैस सिलिंडर की कमी नहीं होने के दावे को दोहराया जा रहा है। इस तरह की परेशानी से जूझ रहे उपभोक्ताओं ने सुधार किए जाने की मांग की है।
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हालात यह है कि बुकिंग के एक सप्ताह बाद भी सिलिंडर घर नहीं पहुंच रहा है,जबकि उपभोक्ताओं के मोबाइल पर ‘’सक्सेसफुल डिलीवरी’’ का मैसेज आ रहा है। कागजों और सर्वर पर गैस बंट रही है,लेकिन हकीकत में उपभोक्ता खाली सिलिंडर लेकर आपूर्ति का इंतजार कर रहे हैं।
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उपभोक्ताओं का आरोप है कि गैस एजेंसियां अपना कोटा और रिकॉर्ड दुरुस्त दिखाने के लिए डिलीवरी अपडेट कर रही हैं। बुकिंग आईडी जनरेट होने के कुछ ही दिनों भीतर मोबाइल पर ‘’सिलिंडर आपूर्ति’’ होने का मैसेज आ जाता है।
जब उपभोक्ता एजेंसी पहुंचता है, तो उसे सर्वर की खराबी या तकनीकी खामी बताकर टाल दिया जाता है। ऑनलाइन भुगतान करने वाले उपभोक्ताओं की स्थिति और भी बदतर है। पैसे कट जाने के बाद भी उन्हें गैस के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है। डिजिटल ट्रांजेक्शन के बावजूद सप्ताह बीत जाने पर भी होम डिलीवरी घर नहीं पहुंच रही है।
मौजूदा हालात में उपभोक्ता गैस एजेंसी या गोदामों के चक्कर काट रहे हैं। उन्हें एजेंसी संचालकों का जवाब है कि सप्लाई कम आ रही है या कोई दूसरी बहानेबाजी की जा रही है।
इससे उपभोक्ताओं की परेशान बढ़ी हुई है। जबकि जिला प्रशासन किल्लत के बीच रसोई गैस सिलिंडर की कमी नहीं होने के दावे को दोहराया जा रहा है। इस तरह की परेशानी से जूझ रहे उपभोक्ताओं ने सुधार किए जाने की मांग की है।