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Kushinagar News: पत्राचार में उलझा मेडिकल कॉलेज, नहीं बन सकी एक्सरे मशीन
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Tue, 16 Jun 2026 02:30 AM IST
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पडरौना। मेडिकल कॉलेज में लगीं दो एक्सरे मशीनों में एक करीब एक माह से खराब पड़ी है। मशीन लगाने वाली कंपनी की ओर से 15 दिन में ठीक कराकर भेजने का दावा किया गया था, लेकिन अब तक एक्सरे मशीन नहीं आई है। मेडिकल कॉलेज प्रशासन पत्राचार में उलझा हुआ है। मरीजों की तादाद बढ़ रही है। एक एक्सरे मशीन होने से दो बजे के बाद आने वाले मरीजों को दूसरे दिन बुलाना पड़ रहा है।
मेडिकल कॉलेज में इलाज के लिए जिले के अलावा पश्चिमी चंपारण, गोपालगंज के भी मरीज आते हैं। प्रति दिन 150 से अधिक लोगों की एक्सरे जांच होती है। नए मरीजों के अलावा वार्डों में भर्ती मरीज भी शामिल रहते हैं। भीड़ को देखते हुए दो एक्सरे मशीन लगी, लेकिन पिछले महीने एक एक्सरे मशीन खराब हो गई। इस मशीन को दिल्ली कंपनी ने लगाया था। स्थानीय स्तर पर इसे ठीक करने का प्रयास किया गया, लेकिन सफलता नहीं मिलने पर मशीन को कंपनी के इंजीनियर ने मंगा लिया और खराबी दूर कर 15 दिन के अंदर भेजने की बात कही थी, लेकिन अब तक मशीन नहीं लग सकी।
एक्सरे कक्ष में मरीजों व तीमारदारों की भीड़ से सांस लेना मुश्किल हो गया है। यही हाल अल्ट्रासाउंड जांच का भी है। इसके लिए कुछ दिन पूर्व लगी एसी भी काम नहीं कर रही है। ऐसे में मरीजों को एक्सरे और अल्ट्रासाउंड जांच कराने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। सिसवा महंथ से आए कोमल यादव, कुड़वा दिलीपनगर के रंभा देवी, सेखवनिया के मृत्युंजय ने बताया कि मेडिकल कॉलेज की व्यवस्था बेहतर होनी चाहिए। लेकिन, संसाधन की कमी और भीड़ के चलते स्वस्थ व्यक्ति भी बीमार हो जाएगा। जिम्मेदारों को इस पर ध्यान देना चाहिए। लव कुमार मरीज को लेकर इमरजेंसी में आए थे, उन्होंने बताया कि इमरजेंसी में लगी एसी खराब पड़ी है। इतनी गर्मी हो रही है कि सिर दर्द करने लगा।
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खराब पड़ी एक्सरे मशीन को ठीक कराने के लिए संबंधित कंपनी से पत्राचार किया जा रहा है। इसी महीने मशीन लग जाएगी। इमरजेंसी की खराब पड़ी एसी को ठीक कराने के लिए मिस्त्री से बुलाया गया है। -डॉ. दिलीप जायसवाल, सीएमएस, मेडिकल कॉलेज कुशीनगर
मेडिकल कॉलेज में इलाज के लिए जिले के अलावा पश्चिमी चंपारण, गोपालगंज के भी मरीज आते हैं। प्रति दिन 150 से अधिक लोगों की एक्सरे जांच होती है। नए मरीजों के अलावा वार्डों में भर्ती मरीज भी शामिल रहते हैं। भीड़ को देखते हुए दो एक्सरे मशीन लगी, लेकिन पिछले महीने एक एक्सरे मशीन खराब हो गई। इस मशीन को दिल्ली कंपनी ने लगाया था। स्थानीय स्तर पर इसे ठीक करने का प्रयास किया गया, लेकिन सफलता नहीं मिलने पर मशीन को कंपनी के इंजीनियर ने मंगा लिया और खराबी दूर कर 15 दिन के अंदर भेजने की बात कही थी, लेकिन अब तक मशीन नहीं लग सकी।
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एक्सरे कक्ष में मरीजों व तीमारदारों की भीड़ से सांस लेना मुश्किल हो गया है। यही हाल अल्ट्रासाउंड जांच का भी है। इसके लिए कुछ दिन पूर्व लगी एसी भी काम नहीं कर रही है। ऐसे में मरीजों को एक्सरे और अल्ट्रासाउंड जांच कराने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। सिसवा महंथ से आए कोमल यादव, कुड़वा दिलीपनगर के रंभा देवी, सेखवनिया के मृत्युंजय ने बताया कि मेडिकल कॉलेज की व्यवस्था बेहतर होनी चाहिए। लेकिन, संसाधन की कमी और भीड़ के चलते स्वस्थ व्यक्ति भी बीमार हो जाएगा। जिम्मेदारों को इस पर ध्यान देना चाहिए। लव कुमार मरीज को लेकर इमरजेंसी में आए थे, उन्होंने बताया कि इमरजेंसी में लगी एसी खराब पड़ी है। इतनी गर्मी हो रही है कि सिर दर्द करने लगा।
खराब पड़ी एक्सरे मशीन को ठीक कराने के लिए संबंधित कंपनी से पत्राचार किया जा रहा है। इसी महीने मशीन लग जाएगी। इमरजेंसी की खराब पड़ी एसी को ठीक कराने के लिए मिस्त्री से बुलाया गया है। -डॉ. दिलीप जायसवाल, सीएमएस, मेडिकल कॉलेज कुशीनगर