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Kushinagar News: मइया पालकी पर आएंगी और हाथी पर जाएंगी
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संतकबीरनगर। इस बार चैत्र नवरात्र 19 मार्च से प्रारंभ हो रहा है। यह पूरे नौ दिन का होगा। भक्त पूरे आठ दिन तक व्रत और पूजा-अर्चना कर सकेंगे। चैत्र नवरात्र की नवमी को भगवान श्रीराम का जन्मोत्सव रामनवमी के रूप में मनाया जाएगा। व्रत का पारण 27 मार्च को दशमी तिथि में सुबह 10:06 बजे तक करना शुभ है। इस बार माता दुर्गा का आगमन पालकी (डोली) पर होगा और उनका गमन हाथी पर होगा।
नवरात्र के पहले दिन कलश स्थापना के साथ मां दुर्गा की आराधना शुरू की जाएगी। ज्याेतिषाचार्य सुजीत ने बताया कि 19 मार्च को स्थापना कलश का 06:53 बजे सुबह से 07:42 बजे सुबह तक है। इसके साथ ही अभिजीत मुहूर्त 12:06 दिन से 12:52 दिन तक है। इसी दिन से हिंदू नववर्ष का भी शुभारंभ माना जाएगा। प्रतिपदा पर सर्वार्थ सिद्धि योग एवं उत्तराभाद्रपद नक्षत्र रहेगा। माता का पालकी पर आगमन आर्थिक मंदी का संकेत माना जाता है। यह प्राकृतिक प्रकोप या कुछ चुनौतियों का भी प्रतीक हो सकता है। वहीं, हाथी पर माता का प्रस्थान समृद्धि लाने वाला माना जाता है। यह अच्छी बारिश और सामाजिक सौहार्द का भी प्रतीक होता है।
समय माता मंदिर के पुजारी बृजेश मिश्र ने बताया कि श्री रामनवमी 26 मार्च को रहेगी। नवमी 11:49 से प्रारंभ होगी व 27 को 10:08 सुबह पर समाप्त होगी।भगवान राम का जन्म अभिजीत मुहूर्त के दिन में 12 बजे का लिया जाता है। इसलिए मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम का अवतरण दिवस 26 मार्च को मनाया जाएगा। अष्टमी का व्रत 26 मार्च को होगा। नौ दिन व्रत का पारण 27 मार्च 10:08 प्रातःकाल के बाद कर सकते है। 26 मार्च को 11 बजे के बाद हवन कर सकते है।
रामनवमी को लेकर शहर के समय माता मंदिर और अन्य मंदिरों में तैयारी शुरू हो गई है। साफ सफाई का कार्य तेजी से शुरू कर दिया गया है। इसके साथ ही बाजारों में भी रौनक है। नारियल व अन्य पूजा सामग्री की दुकानें सज गई है।
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नवरात्र के पहले दिन कलश स्थापना के साथ मां दुर्गा की आराधना शुरू की जाएगी। ज्याेतिषाचार्य सुजीत ने बताया कि 19 मार्च को स्थापना कलश का 06:53 बजे सुबह से 07:42 बजे सुबह तक है। इसके साथ ही अभिजीत मुहूर्त 12:06 दिन से 12:52 दिन तक है। इसी दिन से हिंदू नववर्ष का भी शुभारंभ माना जाएगा। प्रतिपदा पर सर्वार्थ सिद्धि योग एवं उत्तराभाद्रपद नक्षत्र रहेगा। माता का पालकी पर आगमन आर्थिक मंदी का संकेत माना जाता है। यह प्राकृतिक प्रकोप या कुछ चुनौतियों का भी प्रतीक हो सकता है। वहीं, हाथी पर माता का प्रस्थान समृद्धि लाने वाला माना जाता है। यह अच्छी बारिश और सामाजिक सौहार्द का भी प्रतीक होता है।
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समय माता मंदिर के पुजारी बृजेश मिश्र ने बताया कि श्री रामनवमी 26 मार्च को रहेगी। नवमी 11:49 से प्रारंभ होगी व 27 को 10:08 सुबह पर समाप्त होगी।भगवान राम का जन्म अभिजीत मुहूर्त के दिन में 12 बजे का लिया जाता है। इसलिए मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम का अवतरण दिवस 26 मार्च को मनाया जाएगा। अष्टमी का व्रत 26 मार्च को होगा। नौ दिन व्रत का पारण 27 मार्च 10:08 प्रातःकाल के बाद कर सकते है। 26 मार्च को 11 बजे के बाद हवन कर सकते है।
रामनवमी को लेकर शहर के समय माता मंदिर और अन्य मंदिरों में तैयारी शुरू हो गई है। साफ सफाई का कार्य तेजी से शुरू कर दिया गया है। इसके साथ ही बाजारों में भी रौनक है। नारियल व अन्य पूजा सामग्री की दुकानें सज गई है।