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Kushinagar News: परिषदीय स्कूलों की परीक्षा बनी मजाक, प्रश्नपत्र नहीं पहुंचे तो बोर्ड पर लिखा सवाल

Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Wed, 18 Mar 2026 06:13 AM IST
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Examinations in council schools have been reduced to a farce. Exams are being conducted without question papers.
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संतकबीरनगर। परिषदीय स्कूलों की परीक्षा मजाक बन कर रह गई है। बिना प्रश्नपत्र के परीक्षा कराई जा रही है। मंगलवार को कक्षा आठ में संस्कृत की परीक्षा थी, लेकिन प्रश्नपत्र स्कूलों में नहीं पहुंचा। बोर्ड पर प्रश्नपत्र के सवाल लिखकर परीक्षा कराई गई। इसको लेकर शिक्षकों में असमंजस की स्थिति रही। इधर डीएम ने मामले का संज्ञान में लेते हुए सीडीओ की अध्यक्षता में टीम गठित की है। जो इन मामले की जांच करेगी और पांच दिन में रिपोर्ट देगी।
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बता दें कि जिले के 1247 परिषदीय स्कूलों और सात कस्तूरबा विद्यालयों में कक्षा-एक से आठ तक की वार्षिक परीक्षा 16 मार्च से शुरू हो गई है। परीक्षा में एक लाख सात हजार परीक्षार्थी नामांकित हैं। परीक्षा शुरू होने से पहले केंद्रों पर प्रश्नपत्र पहुंच जाने चाहिए थे, लेकिन पहले दिन जो प्रश्नपत्र पहुंचे वह उत्तर के साथ लिखे गए प्रश्नपत्र थे। इसको लेकर बच्चों से लगायत शिक्षक परेशान रहे। किसी तरह से बच्चों ने परीक्षा दी।
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इसी तरह का हाल दूसरे दिन मंगलवार को भी रहा। परीक्षा केंद्रों पर कक्षा-आठ के संस्कृत के प्रश्नपत्र नहीं पहुंचे। तो बोर्ड पर सवाल लिखकर परीक्षा कराई गई। यही नहीं सुबह की पाली में गणित विषय की परीक्षा थी। उसमें जो प्रश्नपत्र छपा था वह भी स्पष्ट नहीं था, जबकि शासन से प्रश्नपत्र की छपाई से लगायत अन्य मद में रकम भी भेजी जाती है। प्रश्नपत्र छापने वाली संस्था तो अपना भुगतान लेकर गायब हो जाएगी, लेकिन बच्चों पर परीक्षा को लेकर क्या असर पड़ेगा, इसकी विभाग को कोई चिंता नहीं है।
परीक्षा की पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो गए है। शिक्षक संगठनों ने प्रश्नपत्र छापने वाली संस्था को ब्लैक लिस्ट करने के साथ ही पूरे प्रकरण की जांच कराने की मांग की है।
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परिषदीय स्कूलों की परीक्षा में प्रश्नपत्र के नाम पर बंदरबाट की जा रही है। प्रश्नपत्र छपा ही नहीं है। दिखावे के तौर पर कुछ प्रश्न पत्र छापे गए हैं। वह भी गलत छपे हैं। प्रश्नपत्र छापने वाली संस्था की जांच की जाए और उसे ब्लैक लिस्ट किया जाए ताकि भविष्य में इस तरह की गलती न हो।
-नवीन त्रिपाठी, जिलाध्यक्ष, राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ
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परीक्षा में अव्यवस्था का मामला संज्ञान में आया है। प्रश्नपत्र न छापना बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। पूरे प्रकरण की जांच कराई जाएगी। इसमें जो भी दोषी होगा उसके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई होगी।
-आलोक कुमार, डीएम
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