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Kushinagar News: राम-सीता विवाह की कथा सुनकर हुए भाव विभोर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Tue, 31 Mar 2026 01:24 AM IST
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गंगुआ बाजार। तमकुहीराज के रामलीला मैदान में हनुमान जन्मोत्सव व श्रीराम कथा के आठवें दिन सोमवार को कथावाचक साध्वी स्मिता ने राम-सीता विवाह की कथा सुनाकर श्रद्धालुओं का भाव-विभोर कर दिया। कथा के दौरान पूरा पंडाल जय श्रीराम के जयकारे से गूंज उठा ।
सीता की विदाई की कथा सुनकर श्रद्धालुओं की आंखें नम हो गईं।
कथावाचक ने कहा कि राम और सीता का विवाह वैवाहिक उत्सव नहीं, बल्कि मर्यादा, संस्कार, त्याग और कर्तव्य का आदर्श है। राम ने जीवनभर धर्म और मर्यादा का पालन किया, वहीं, सीता ने त्याग, धैर्य और समर्पण की मिसाल पेश की। कहा कि राम और सीता के आदर्शों को जीवन में उतारकर समाज में सुख-शांति और समरसता स्थापित की जा सकती है। संवाद े
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कथावाचक ने कहा कि राम और सीता का विवाह वैवाहिक उत्सव नहीं, बल्कि मर्यादा, संस्कार, त्याग और कर्तव्य का आदर्श है। राम ने जीवनभर धर्म और मर्यादा का पालन किया, वहीं, सीता ने त्याग, धैर्य और समर्पण की मिसाल पेश की। कहा कि राम और सीता के आदर्शों को जीवन में उतारकर समाज में सुख-शांति और समरसता स्थापित की जा सकती है। संवाद े
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