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Kushinagar News: नेपाल में शराब का कारोबारी है ठगी का मास्टमाइंड प्रदीप
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संतकबीरनगर। पुलिस गिरफ्त में आया ठगी का मास्टरमाइंड प्रदीप कुमार राव निवासी लोहदर, मुंडेरवा बस्ती नेपाल में शराब का कारोबारी है। वह एक काम के बदले होमगार्ड संजय चौधरी निवासी बैरमपुर, खलीलाबाद को 20 हजार रुपये देता था। पूर्व में प्रदीप मुंडेरवा से ठगी के मामले में जेल जा चुका है।
कुशीनगर के गल्ला कारोबारी से सोने के बिस्किट के लेनदेन के मामले में आठ लाख रुपये की ठगी के मास्टर माइंड प्रदीप की होमगार्ड संजय से पहली मुलाकात चोरी की साइकिल को लेकर वर्ष 2006 में हुई थी। इसके बाद से दोनों कुछ वर्ष तक नहीं मिले। जांच अधिकारियों के मुताबिक प्रदीप पहले से की नेपाल बाॅर्डर पर सक्रिय था। वहां वह तेल व खाद की तस्करी करता था।
इसके साथ ही उसने नेपाल में ही लीज पर एक जमीन लेकर शराब का कारोबार शुरू कर दिया। वह नेपाल के लोगों को इंडिया में बुलाकर और इंडिया के लोगों को नेपाल में बुलाकर ठगी करता था। मुंडेरवा से जेल जाने की वजह से उसने बस्ती बाॅर्डर के कोतवाली थाना क्षेत्र में लोगों को बुलाकर ठगी करनी शुरू कर दी।
पहली बार उसने कुशीनगर के व्यक्ति को यहां लाकर ठगी की और पुलिस के रडार पर आ गया। कुछ समय से होमगार्ड संजय से उसकी फिर से नजदीकी बढ़ गई। संजय के साथ प्रदीप ने पूर्व में दो और वारदातों को अंजाम दिया है। इसकी शिकायत न होने से मामला सामने नहीं आया।
प्रदीप संजय को ठगी में सहयोग करने के लिए एक काम के बदले 20 हजार रुपये देता था। काम में ज्यादा रिस्क न होने से और आसानी से 20 हजार रुपये मिलने से संजय ठगी के इस गोरखधंधे में प्रदीप का साथ देने लगा। संजय का काम यह था कि वहां से प्रदीप को आसानी से निकालकर ले जाता था और पुलिस के चक्कर में पढ़ने पर मामले को सुलझाने की जिम्मेदारी संजय पर थी। इस बार रकम ज्यादा होने से दोनों पुलिस की गिरफ्त में आ गए।
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कुशीनगर के गल्ला कारोबारी से सोने के बिस्किट के लेनदेन के मामले में आठ लाख रुपये की ठगी के मास्टर माइंड प्रदीप की होमगार्ड संजय से पहली मुलाकात चोरी की साइकिल को लेकर वर्ष 2006 में हुई थी। इसके बाद से दोनों कुछ वर्ष तक नहीं मिले। जांच अधिकारियों के मुताबिक प्रदीप पहले से की नेपाल बाॅर्डर पर सक्रिय था। वहां वह तेल व खाद की तस्करी करता था।
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इसके साथ ही उसने नेपाल में ही लीज पर एक जमीन लेकर शराब का कारोबार शुरू कर दिया। वह नेपाल के लोगों को इंडिया में बुलाकर और इंडिया के लोगों को नेपाल में बुलाकर ठगी करता था। मुंडेरवा से जेल जाने की वजह से उसने बस्ती बाॅर्डर के कोतवाली थाना क्षेत्र में लोगों को बुलाकर ठगी करनी शुरू कर दी।
पहली बार उसने कुशीनगर के व्यक्ति को यहां लाकर ठगी की और पुलिस के रडार पर आ गया। कुछ समय से होमगार्ड संजय से उसकी फिर से नजदीकी बढ़ गई। संजय के साथ प्रदीप ने पूर्व में दो और वारदातों को अंजाम दिया है। इसकी शिकायत न होने से मामला सामने नहीं आया।
प्रदीप संजय को ठगी में सहयोग करने के लिए एक काम के बदले 20 हजार रुपये देता था। काम में ज्यादा रिस्क न होने से और आसानी से 20 हजार रुपये मिलने से संजय ठगी के इस गोरखधंधे में प्रदीप का साथ देने लगा। संजय का काम यह था कि वहां से प्रदीप को आसानी से निकालकर ले जाता था और पुलिस के चक्कर में पढ़ने पर मामले को सुलझाने की जिम्मेदारी संजय पर थी। इस बार रकम ज्यादा होने से दोनों पुलिस की गिरफ्त में आ गए।